धर्म

रक्षाबंधन 2026 पर चंद्र ग्रहण का महासंयोग: भाई-बहन के रिश्तों के लिए क्यों वरदान है यह दिन, जानें मनमुटाव दूर करने के 5 अचूक उपाय और राखी बांधने का सही नियम

सनातन परंपरा में भाई-बहन के अटूट स्नेह और सुरक्षा के संकल्प का महापर्व रक्षाबंधन हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में रक्षाबंधन का यह पावन पर्व एक अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली खगोलीय घटना के साए में आ रहा है, जब आकाश में चंद्र ग्रहण घटित होने जा रहा है। …

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एकादशी ही नहीं बल्कि द्वादशी पर भी तुलसी दल तोड़ना माना जाता है महापाप: जानिए शास्त्रों के अनुसार क्या है विश्राम का रहस्य, सही नियम और अचूक मंत्र

हिंदू धर्म और वैदिक संस्कृति में तुलसी के पौधे को केवल एक वनस्पति नहीं, बल्कि साक्षात देवी लक्ष्मी का स्वरूप और भगवान श्रीहरि विष्णु की परम प्रिय ‘वृंदा’ माना गया है। जिस घर के आंगन में हरी-भरी तुलसी का वास होता है, वहां किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा, वास्तु दोष और दरिद्रता का वास नहीं रहता। पद्म पुराण और …

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28 अगस्त का चंद्र ग्रहण इन 5 राशियों की खोलेगा किस्मत: कुंभ और सिंह समेत इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, जानें अपनी राशि का पूरा राशिफल और अचूक उपाय

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि इसका सीधा और गहरा प्रभाव मानव जीवन, पृथ्वी के वायुमंडल और सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। चंद्रमा को ज्योतिष में ‘मन सो जातः’ अर्थात मन, माता, मानसिक शांति, जल तत्व और भावनाओं का कारक माना गया है। जब भी चंद्रमा पर ग्रहण का …

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एकादशी के दिन बेलपत्र तोड़ना चाहिए या नहीं? जानिए शिव पुराण और शास्त्रों के कड़े नियम, भूलकर भी न करें ये गलती वरना लगेगा भारी दोष

सनातन धर्म में देवाधिदेव महादेव की पूजा में बेलपत्र (बिल्वपत्र) का स्थान सर्वोच्च और अनिवार्य माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि तीन पत्तियों वाला एक बेलपत्र शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक अर्पित करने से करोड़ों कन्यादान और अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है और इसके बिना उनकी आराधना अधूरी मानी जाती …

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जन्माष्टमी पर लाडली जगमोहन जूं सरकार का दिखेगा अलौकिक रूप, वृंदावन की जरदोषी पोशाक और राजस्थानी साफे में सजेंगे ठाकुरजी, भक्तों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाए जाने वाले भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर देश भर के प्रमुख देवालयों और मंदिरों में उत्साह चरम पर है। इसी कड़ी में लाडली जगमोहन जूं सरकार के पावन धाम में इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व अभूतपूर्व भव्यता और दिव्यता के साथ मनाने की तैयारियां पूरी कर …

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पुत्रदा एकादशी कब है, 23 या 24 अगस्त? जानिए व्रत की सही तारीख, उदया तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण का सटीक समय

सनातन धर्म में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, जिसे ‘श्रावण पुत्रदा एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से संतान सुख, बच्चों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार के कल्याण के लिए रखा जाता है। हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं के बीच एकादशी की सही तारीख …

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पुत्रदा एकादशी पर तुलसी के इन चमत्कारी उपायों से मिलेगा संतान सुख और परिवार में आएगी अटूट खुशहाली, श्रीहरि और मां लक्ष्मी की बरसेगी असीम कृपा

सनातन धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में सर्वश्रेष्ठ और मोक्षदायिनी माना गया है। वर्ष में आने वाली सभी एकादशियों में ‘पुत्रदा एकादशी’ का स्थान अत्यंत पावन और फलदायी है। यह एकादशी मुख्य रूप से योग्य एवं संस्कारी संतान की प्राप्ति, बच्चों की दीर्घायु, उनके उज्ज्वल भविष्य और परिवार में सुख-शांति व समृद्धि की स्थापना के लिए की जाती …

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आज का पंचांग 22 अगस्त 2026: दशमी तिथि पर बना दुर्लभ रवि योग और ज्येष्ठा नक्षत्र का महासंयोग, जानिए शुभ-अशुभ काल, राहुकाल और आज का सटीक पंचांग

सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में किसी भी नए कार्य की शुरुआत, धार्मिक अनुष्ठान, यात्रा, गृह प्रवेश, व्यापारिक सौदे और मांगलिक कार्यों के लिए दैनिक पंचांग का विशेष महत्व होता है। पंचांग के पांच मुख्य अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण मिलकर समय की सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का निर्धारण करते हैं। आज 22 अगस्त 2026, दिन शनिवार है। …

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Mangal Nakshatra Gochar 2026: 2 सितंबर से गुरु के नक्षत्र में प्रवेश करेंगे मंगल, इन 5 राशियों का शुरू होगा स्वर्णिम काल

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति मंगल को पराक्रम, भूमि, साहस, ऊर्जा, रक्त और नेतृत्व क्षमता का अधिष्ठाता ग्रह माना गया है। वहीं देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, विस्तार, भाग्य और समृद्धि का कारक माना जाता है। जब भी ऊर्जा के कारक मंगल और ज्ञान के प्रदाता गुरु के बीच किसी प्रकार का ग्रहीय संबंध या नक्षत्र गोचर निर्मित …

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Bajrangbali Kripa: जीवन में दिखने लगें ये 5 खास संकेत तो समझ लें आप पर बरस रही है हनुमान जी की असीम कृपा

सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में भगवान हनुमान को कलयुग का प्रत्यक्ष और जाग्रत देवता माना गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि जो भी भक्त सच्चे हृदय, निस्वार्थ भाव और शुद्ध आचरण से पवनपुत्र हनुमान का स्मरण करता है, उसके जीवन से भय, रोग, दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा का स्वतः नाश हो जाता है। जब संकटमोचन हनुमान जी की …

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