
सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में भगवान हनुमान को कलयुग का प्रत्यक्ष और जाग्रत देवता माना गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि जो भी भक्त सच्चे हृदय, निस्वार्थ भाव और शुद्ध आचरण से पवनपुत्र हनुमान का स्मरण करता है, उसके जीवन से भय, रोग, दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा का स्वतः नाश हो जाता है। जब संकटमोचन हनुमान जी की विशेष कृपा किसी व्यक्ति पर होती है, तो उसके जीवन में अनायास ही कई चमत्कारी और सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये 5 खास संकेत बताते हैं कि बजरंगबली आपके हर संकट को ढाल बनकर रोक रहे हैं।
सपने में वानर, मंदिर या गदा का निरंतर दर्शन होना
स्वप्न शास्त्र के अनुसार यदि आपको सपने में बार-बार बंदर प्रसन्न मुद्रा में दिखाई देते हैं, वे आपको कोई फल दे रहे हैं या आप उन्हें भोजन करा रहे हैं, तो यह हनुमान जी की प्रसन्नता का बहुत बड़ा संकेत है। इसके अतिरिक्त सपने में हनुमान जी का विग्रह, गदा, ध्वजा अथवा उनके प्राचीन मंदिर की सीढ़ियां चढ़ते हुए देखना यह दर्शाता है कि आपके रुके हुए कार्य जल्द पूरे होने वाले हैं और ईश्वरीय शक्ति आपके साथ निरंतर चल रही है।
अचानक बिगड़े कामों का स्वतः बन जाना और बाधाओं का टलना
जब जातक पर मारुति नंदन की कृपा होती है, तो उसके जटिल से जटिल और वर्षों से अटके हुए कार्य बिना किसी बड़े प्रयास के अचानक सुलझने लगते हैं। यदि आपके जीवन में कोई बहुत बड़ा संकट या आर्थिक नुकसान आने वाला था और वह किसी अप्रत्याशित मदद से अंतिम क्षण में टल गया, तो यह स्पष्ट संकेत है कि पवनपुत्र हनुमान जी ने संकटमोचन बनकर आपकी रक्षा की है।
अद्भुत निर्भीकता, सकारात्मक ऊर्जा और भय से मुक्ति
हनुमान जी बल, बुद्धि और विद्या के दाता हैं। जिस व्यक्ति पर उनकी कृपा बरसती है, उसके स्वभाव से व्यर्थ का भय, घबराहट, भूत-प्रेत का डर और अंधकार का संशय पूरी तरह समाप्त हो जाता है। मन में हर चुनौती का सामना करने के लिए अपार आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। ऐसे व्यक्ति के चेहरे पर एक विशेष तेज और वाणी में प्रभावशाली आकर्षण दिखाई देने लगता है।
हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और राम नाम के प्रति गहरा झुकाव
हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल माध्यम भगवान श्री राम का नाम और उनकी कथाएं हैं। यदि आपका मन अनायास ही प्रतिदिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकांड का पाठ करने अथवा राम नाम का जाप करने में रमने लगे और पाठ करते समय शरीर में रोमांच (रोंगटे खड़े होना) या नेत्रों से भक्ति के अश्रु छलक आएं, तो यह हनुमान जी के सूक्ष्म रूप में उपस्थित होने का प्रमाण माना जाता है।
शनि दोष, साढ़ेसाती और बुरी नजर के प्रभाव का निष्प्रभावी होना
पौराणिक कथाओं के अनुसार शनिदेव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वे उनके अनन्य भक्तों को कभी कष्ट नहीं पहुंचाएंगे। यदि आपकी कुंडली में शनि की ढैय्या, साढ़ेसाती अथवा राहु-केतु का तीव्र अशुभ प्रभाव चल रहा हो, लेकिन फिर भी आपका कोई बड़ा अहित न हो और आप हर परेशानी से सकुशल बाहर निकल आएं, तो समझ लें कि हनुमान जी का सुरक्षा चक्र आपकी निरंतर रक्षा कर रहा है।
हनुमान जी की कृपा को बनाए रखने के लिए नित्य नियम
हनुमान जी की कृपा को अपने जीवन में चिरस्थाई बनाए रखने के लिए सदा सात्विक जीवनशैली अपनाएं, पराई स्त्री का सम्मान करें और झूठ व अधर्म से दूर रहें। प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर अर्पित करें, लाल लंगोट या ध्वजा चढ़ाएं और बंदरों व असहाय लोगों को गुड़-चना अथवा भोजन कराएं।
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