
राजधानी लखनऊ में हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले दोहरे हत्याकांड (Double Murder Case) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपी मानस के व्यक्तित्व, उसकी रहस्यमयी दिनचर्या और मानसिक स्थिति से जुड़े बेहद चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। पुलिस की साइबर और फॉरेंसिक जांच में यह बात उजागर हुई है कि आरोपी सोशल मीडिया पर धर्म, तंत्र-मंत्र और गहन अध्यात्म से जुड़े लगभग 60 से अधिक पेजों व अकाउंट्स को सक्रिय रूप से फॉलो करता था। दूसरी ओर, जिस बैंक में उसका आना-जाना था और जहां के कर्मचारियों के साथ उसका नियमित संपर्क था, उन्होंने भी मानस के असामान्य व्यवहार, गुस्से और अजीबोगरीब हरकतों को लेकर पुलिस के सामने कई अहम राज खोले हैं।
सोशल मीडिया पर 60 से अधिक आध्यात्मिक और धार्मिक अकाउंट्स की जांच
पुलिस और साइबर सेल द्वारा आरोपी मानस के स्मार्टफोन और सोशल मीडिया हैंडल्स (इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब) के खंगाले गए डिजिटल फुटप्रिंट्स से पता चला है कि वह सामान्य युवाओं की तरह सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करता था।
-
गहन अध्यात्म और ध्यान के पेज: वह सोशल मीडिया पर मोक्ष, कर्मफल, आत्म-साक्षात्कार और एकांतवास से जुड़े दर्जनों आध्यात्मिक गुरुओं और संस्थाओं के पेजों को फॉलो कर रहा था।
-
तंत्र-मंत्र और गूढ़ रहस्य: साइबर टीम को उसके सर्च इतिहास में जीवन-मृत्यु के चक्र, मृत्यु के बाद की दुनिया और कुछ गूढ़ तांत्रिक क्रियाओं से जुड़े वीडियो देखने के प्रमाण मिले हैं।
-
सोशल आइसोलेशन: वह सोशल मीडिया पर किसी दोस्त या रिश्तेदार से ज्यादा बातचीत करने के बजाय घंटों तक आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक विषयों की रील्स और पोस्ट्स स्क्रॉल करता रहता था।
बैंककर्मियों ने खोले मानस के चौंकाने वाले राज
जांच के सिलसिले में जब पुलिस टीम ने आरोपी के लेन-देन, वित्तीय स्थिति और संपर्क में रहे बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की, तो उन्होंने मानस के व्यवहार को लेकर कई अहम जानकारियां साझा कीं।
बैंककर्मियों के अनुसार, मानस जब भी शाखा में आता था, उसका रवैया बेहद अजीब और अप्रत्याशित रहता था:
-
अचानक शांत और अचानक उग्र: बैंक स्टाफ ने बताया कि मानस कई बार बहुत शांत और अंतर्मुखी दिखता था, लेकिन किसी छोटी सी कागजी औपचारिकता या सवाल पर वह अचानक बेहद उत्तेजित और आक्रामक हो जाता था।
-
रहस्यमयी बातें करना: बातचीत के दौरान वह अक्सर दार्शनिक और सामान्य समझ से परे बातें करने लगता था। कई बार वह कर्मचारियों से पूछता था कि पैसे और भौतिक सुखों का असली अर्थ क्या है, जबकि खुद कई बार पैसों के लेन-देन को लेकर तनाव में नजर आता था।
-
वित्तीय तनाव और लेन-देन: बैंक खातों की पड़ताल से यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ समय से वह गंभीर आर्थिक तंगी और संदिग्ध लेन-देन के दबाव से जूझ रहा था, जिसके चलते वह चिड़चिड़ा रहने लगा था।
हत्याकांड के पीछे की मानसिक उलझन को सुलझाने में जुटी पुलिस
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का अत्यधिक धार्मिक झुकाव और साथ ही इस तरह के जघन्य अपराध को अंजाम देना एक गंभीर ‘साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर’ या दोहरे व्यक्तित्व (Dual Personality) की ओर इशारा करता है। पुलिस अब मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों (Psychiatrists) की मदद से यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी अंधविश्वास, मानसिक भ्रम (Delusion) या आध्यात्मिक सनक के चलते उसने इस वीभत्स वारदात की योजना बनाई थी।
The News 11 – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया