हार की समीक्षा और 2027 वर्ल्ड कप के रोडमैप पर बड़ा एक्शन: गौतम गंभीर, अजीत अगरकर और वीवीएस लक्ष्मण को लेकर कल मुंबई में होगी BCCI की अहम बैठक

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई (BCCI) ने आगामी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सत्र और भविष्य की बड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक बेहद अहम और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में शिरकत करने के लिए टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर, वरिष्ठ पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और सेंटर ऑफएक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय तलब किया गया है। यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है जब हाल ही में भारतीय टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरों पर व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य इन हार के कारणों की तह तक जाना और आगामी 2027 वनडे विश्व कप (2027 ODI World Cup) के लिए एक अचूक और स्पष्ट रोडमैप तैयार करना है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय टीम के विदेशी दौरों पर प्रदर्शन, खिलाड़ियों की लगातार बढ़ती चोटों और वर्कलोड मैनेजमेंट जैसे गंभीर मुद्दों पर इस महाबैठक में लंबी चर्चा होने की पूरी संभावना है।

आयरलैंड और इंग्लैंड दौरों के शर्मनाक प्रदर्शन की होगी समीक्षा

इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग का सबसे मुख्य और शुरुआती एजेंडा हालिया विदेशी दौरों पर टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन की समीक्षा करना है। इस साल जून के महीने में जब भारतीय टीम ने आयरलैंड का दौरा किया था, तब टी20 सीरीज में टीम को 2-0 से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के साथ ही भारत का लगातार 16 टी20 सीरीज से चला आ रहा अजेय रथ भी थम गया था। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी भारत का प्रदर्शन बेहद लचर रहा और टीम को 0-4 से शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। हालांकि, वनडे सीरीज में भारतीय टीम ने बर्मिंघम में पहला मुकाबला जीतकर कुछ हद तक सम्मान जरूर बचाया, लेकिन अंततः वह सीरीज भी 1-2 से गंवा बैठनी पड़ी। इन तमाम नतीजों ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों और बोर्ड के अधिकारियों को गहरी चिंता में डाल दिया है। बीसीसीआई यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस तरह की गलतियां भविष्य में न दोहराई जाएं, क्योंकि टीम को साल के अंत में न्यूजीलैंड का कड़ा दौरा और आगामी समय में कई अहम श्रृंखलाएं खेलनी हैं।

खिलाड़ियों की लगातार चोटें और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर मंडराते सवाल

बीसीसीआई की इस कल होने वाली बैठक में सबसे बड़ा और गंभीर मुद्दा खिलाड़ियों की फिटनेस और लगातार चोटिल होने की समस्या रहने वाला है। हालिया समय में देखा गया है कि अहम और बड़े दौरों से ठीक पहले भारत के कई प्रमुख खिलाड़ी चोट के कारण टीम से बाहर हो जाते हैं, जिससे टीम प्रबंधन की रणनीतियां ध धरी रह जाती हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के पुनर्वास कार्यक्रमों पर भी पिछले कुछ दिनों में कई तरह के सवाल खड़े हुए हैं। खिलाड़ियों, मेडिकल स्टाफ और चयन समिति के बीच संवाद में कमी की खबरें भी सामने आई हैं, जिसके कारण बोर्ड अब बेहद सख्त रुख अपनाने के मूड में है। स्थिति यह है कि अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए घोषित की गई 15 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल चार प्रमुख खिलाड़ियों के नाम के आगे फिटनेस टेस्ट का पेंच फंसा हुआ है। जसप्रीत बुमराह, वाशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा जैसे खिलाड़ियों को मैदान पर उतरने से पहले अपनी फिटनेस साबित करनी होगी। बोर्ड यह समीक्षा करेगा कि खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने के पीछे असल वजह क्या है और इस समस्या से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक व सख्त प्रोटोकॉल कैसे लागू किए जाएं।

आईपीएल का वर्कलोड और सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य पर लटकी तलवार

खिलाड़ियों के भारी-भरकम कार्यभार यानी वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर भी इस बैठक में गहन मंथन किया जाएगा। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के लंबे और थकान भरे सीजन के बाद खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थकान का शिकार होने और पूरी क्षमता से उपलब्ध न रहने की बात टीम प्रबंधन पहले भी कई बार उठा चुका है। इस बैठक में यह तय किया जा सकता है कि खिलाड़ियों के फ्रेंचाइजी क्रिकेट और देश के लिए खेलने के बीच संतुलन कैसे बैठाया जाए, ताकि वे बड़े टूर्नामेंटों से पहले पूरी तरह तरोताजा और फिट रहें। इसके अलावा, टीम इंडिया के कुछ सीनियर खिलाड़ियों का ‘मिशन 2027’ के तहत भविष्य क्या होगा, इस पर भी गंभीर और अगरकर के बीच विचार-विमर्श हो सकता है। हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या की फिटनेस और गेंदबाजी क्षमता भी चयनकर्ताओं के लिए सिरदर्द बनी हुई है, क्योंकि पंड्या फिलहाल वनडे क्रिकेट में केवल पांच से छह ओवर ही गेंदबाजी करने की स्थिति में नजर आते हैं। 2027 के विश्व कप को ध्यान में रखते हुए एक पूर्णकालिक ऑलराउंडर के रूप में उनकी भूमिका को लेकर बोर्ड कोई कड़ा फैसला ले सकता है।

2027 वनडे विश्व कप का अचूक रोडमैप और दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारी

बीसीसीआई की इस उच्चस्तरीय बैठक का सबसे दूरगामी लक्ष्य आगामी 2027 वनडे विश्व कप के लिए एक मजबूत और विजयी ब्लूप्रिंट तैयार करना है। दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी में होने वाले इस आगामी वैश्विक टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए बोर्ड अभी से ही अपनी तैयारियों को पुख्ता कर लेना चाहता है। कप्तान और कोच इस बात पर चर्चा करेंगे कि टीम के कोर ग्रुप को कैसे तैयार किया जाए और विदेशी पिचों पर भारत की बल्लेबाजी और गेंदबाजी आक्रमण को और अधिक धारदार कैसे बनाया जाए। इसके साथ ही, घरेलू स्तर पर रणजी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंटों में स्पिन-अनुकूल पिचों के निर्माण को लेकर भी निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि भारतीय बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ अपनी तकनीकी कमजोरियों को दूर कर सकें। न्यूजीलैंड दौरे और घरेलू मैदानों पर होने वाली आगामी सीरीज से पहले यह बैठक भारतीय क्रिकेट की दिशा और दशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगी। कल होने वाली इस महाबैठक के बाद यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि आने वाले दिनों में टीम इंडिया किस नई सोच, सख्त अनुशासन और आक्रामक रणनीति के साथ मैदान पर उतरेगी।

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