
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की अर्थव्यवस्था के 7.8 प्रतिशत की मजबूत विकास दर दर्ज करने के बाद देश की राजनीति और आर्थिक गलियारों में घमासान मच गया है। विपक्षी दलों और कुछ पूर्व आर्थिक अधिकारियों द्वारा जीडीपी आंकड़ों और पिछले साल के आंकड़ों में किए गए संशोधनों पर सवाल उठाए जाने के बाद केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बेहद कड़े शब्दों में आलोचकों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आंकड़े किसी मंत्री द्वारा नहीं बनाए जाते हैं और इस तरह की नकारात्मक टिप्पणियां देश की प्रगति को धूमिल करने का एक राजनीतिक प्रयास मात्र हैं।
‘बेरोजगार अर्थशास्त्रियों’ पर तीखा प्रहार
मीडिया और टेलीविजन डिबेट्स में सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि देश में कुछ ऐसे लोग हैं जो काम न होने के कारण खुद को बड़ा अर्थशास्त्री मान बैठते हैं और टीवी चैनलों पर आकर देश की अर्थव्यवस्था को लेकर भ्रामक बातें फैलाते हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे ऐसे लोगों के झांसे में बिल्कुल न आएं। गोयल ने कहा कि जो लोग भारत को एक ‘मृत अर्थव्यवस्था’ के रूप में देखना चाहते हैं, वे एक बार फिर बुरी तरह असफल होंगे, ठीक वैसे ही जैसे वे पहले भी असफल होते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश लगातार ऊंचाइयों को छू रहा है और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
पुरानी और नई सीरीज की तुलना पर भ्रम फैलाने का आरोप
जीडीपी के आंकड़ों पर उठ रहे विवाद के तकनीकी पक्ष पर बात करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि आलोचक ‘सेब की तुलना सेब से’ करना भी नहीं जानते हैं। वे पुरानी जीडीपी सीरीज के आंकड़ों की तुलना नई सीरीज से करके आम जनता को भ्रमित करने की असफल कोशिश कर रहे हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले के आंकड़ों में हुआ बदलाव किसी राजनीतिक मंशा के तहत नहीं, बल्कि नए आधार वर्ष (2022-23) और आधुनिक कार्यप्रणाली व डेटा स्रोतों को शामिल किए जाने के कारण हुआ है। इसके बावजूद विपक्ष के नेता राजनीतिक नफा-नुकसान के लिए इसे तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।
140 करोड़ भारतीयों की मेहनत का परिणाम है 7.8% की ग्रोथ
भारत की इस शानदार आर्थिक उपलब्धि को देश के मेहनतकश नागरिकों को समर्पित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 7.8 प्रतिशत की यह रिकॉर्ड ग्रोथ दुनिया के किसी भी अन्य देश द्वारा दोहराई नहीं जा सकी है। यह देश के 140 करोड़ लोगों की अटूट मेहनत, क्षमता और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जिसके बल पर आज भारत वैश्विक पटल पर एक बेहद भरोसेमंद साझीदार के रूप में उभरा है। उन्होंने रोजगार के मोर्चे पर भी आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में कुशल श्रमिकों की भारी मांग बनी हुई है और देश का औद्योगिक विकास तेजी से नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
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