
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि इसका सीधा और गहरा प्रभाव मानव जीवन, पृथ्वी के वायुमंडल और सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। चंद्रमा को ज्योतिष में ‘मन सो जातः’ अर्थात मन, माता, मानसिक शांति, जल तत्व और भावनाओं का कारक माना गया है। जब भी चंद्रमा पर ग्रहण का साया पड़ता है, तो जातकों के अंतर्मन और विचार शक्ति में व्यापक उथल-पुथल देखने को मिलती है।
28 अगस्त 2026 को लगने वाला यह गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र के प्रभाव क्षेत्र में घटित हो रहा है। इसके साथ ही सूर्य और बुध की सिंह राशि में युति इस ग्रहण के प्रभाव को और भी अधिक शक्तिशाली बना रही है। ग्रहों के इस विशेष गोचर और दृष्टि संबंध के कारण जहां 5 राशियों के जातकों को करियर, व्यापार और धन लाभ में अप्रत्याशित सफलता मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं, वहीं कुंभ और सिंह समेत कुछ अन्य राशियों को अपनी सेहत, रिश्तों और निवेश को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन 5 भाग्यशाली राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी और महादेव की विशेष कृपा
ग्रहों की शुभ स्थिति के चलते 28 अगस्त का यह चंद्र ग्रहण निम्नलिखित 5 राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, भाग्य वृद्धि और रुके हुए कार्यों को गति देने वाला साबित होगा:
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1. मेष राशि (Aries) – करियर में जबरदस्त उछाल और आय के नए स्रोत
मेष राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण एकादश भाव यानी लाभ स्थान को सक्रिय कर रहा है। इसके प्रभाव से पिछले लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या मनचाहा ट्रांसफर मिलने के संकेत हैं। व्यापार में नए अनुबंध और साझेदारियां भविष्य में बड़ा वित्तीय लाभ देंगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
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2. मिथुन राशि (Gemini) – भाग्य का पूर्ण सहयोग और विदेश यात्रा के योग
मिथुन राशि के लिए यह ग्रहण भाग्य स्थान को प्रभावित करेगा, जिससे अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। उच्च शिक्षा, शोध या विदेश से जुड़े कार्यों में लगे जातकों को अप्रत्याशित सफलता मिलेगी। पिता और गुरुजनों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। कोर्ट-कचहरी के विवादों में राहत मिलने की पूरी संभावना है।
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3. तुला राशि (Libra) – बौद्धिक क्षमता से बड़ा धन लाभ और संतान सुख
तुला राशि के जातकों के पंचम भाव पर शुभ दृष्टि पड़ने के कारण रचनात्मक कार्यों और शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड जैसे निवेशों से अचानक लाभ हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए यह समय एकाग्रता बढ़ाने वाला रहेगा। संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है, जिससे परिवार में उत्सव का माहौल बनेगा।
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4. धनु राशि (Sagittarius) – पराक्रम में वृद्धि और पारिवारिक सुख-समृद्धि
धनु राशि के जातकों के तीसरे भाव में बनने वाला यह योग उनके साहस और निर्णय क्षमता में अद्भुत वृद्धि करेगा। यदि आप नया व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय शुभ सिद्ध होगा। छोटे भाई-बहनों के साथ संबंध मधुर होंगे और छोटी दूरी की यात्राएं लाभदायक सिद्ध होंगी।
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5. मकर राशि (Capricorn) – पैतृक संपत्ति से लाभ और संचित धन में बढ़ोतरी
मकर राशि के जातकों के द्वितीय भाव यानी धन भाव पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। आपकी वाणी का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे बिगड़े हुए काम भी बातचीत से हल हो जाएंगे। अचल संपत्ति, जमीन या मकान की खरीद-फरोख्त से जुड़े सौदों में मोटा मुनाफा होने के योग हैं।
कुंभ और सिंह समेत इन राशियों को बरतनी होगी विशेष सतर्कता
ग्रहण का प्रभाव हमेशा द्विपक्षीय होता है। जहां कुछ राशियों को भारी लाभ मिलता है, वहीं कुछ राशियों के लिए यह समय मानसिक तनाव और सावधानी बरतने का होता है:
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कुंभ राशि (Aquarius) – ग्रहण का केंद्र, मानसिक तनाव और सेहत पर ध्यान दें
चूंकि यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में ही घटित हो रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों को अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा। अत्यधिक सोच-विचार के कारण अनिद्रा और सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इस दौरान कोई भी बड़ा वित्तीय जोखिम या नया कर्ज लेने से बचें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें।
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सिंह राशि (Leo) – दांपत्य जीवन और साझेदारी के व्यवसाय में बरतें संयम
सिंह राशि में सूर्य देव विराजमान रहेंगे और चंद्रमा सप्तम भाव से उन पर दृष्टि डालेंगे। इस वजह से वैवाहिक जीवन में अहम् (Ego) के टकराव से बचना होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। साझेदारी में चल रहे व्यापार में पारदर्शिता बनाए रखें और किसी भी नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें।
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वृश्चिक राशि (Scorpio) – अनावश्यक खर्च और पारिवारिक कलह से रहें दूर
वृश्चिक राशि के जातकों को अपने चतुर्थ भाव के प्रभावित होने के कारण माता के स्वास्थ्य और घरेलू सुख-शांति पर ध्यान देना होगा। संपत्ति को लेकर परिवार में गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। क्रोध और कटु वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं।
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वृषभ राशि (Taurus) – कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से विवाद से बचें
वृषभ राशि के दशम भाव में हलचल के कारण कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ मतभेद उभर सकते हैं। अपनी कार्यशैली में धैर्य रखें और गपशप या ऑफिस पॉलिटिक्स से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें।
करियर, धन और रिश्तों पर चंद्र ग्रहण का व्यापक प्रभाव
ग्रहण के प्रभाव से बाजार में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। बैंकिंग, आईटी, फार्मा और धातु क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपने वित्तीय लेन-देन में सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय नए प्रयोग करने के बजाय अपनी पुरानी योजनाओं को सुदृढ़ करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। रिश्तों के स्तर पर यह ग्रहण संवादहीनता को दूर करने और क्षमाभाव अपनाने की प्रेरणा देता है।
ग्रहण के अशुभ प्रभाव से मुक्ति के लिए 5 अचूक ज्योतिषीय उपाय
यदि आपकी राशि पर चंद्र ग्रहण का नकारात्मक या मध्यम प्रभाव है, तो शास्त्रों में बताए गए इन सरल उपायों को अपनाकर आप सभी प्रकार के दोषों को समाप्त कर सकते हैं:
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शिव आराधना और महामृत्युंजय जाप: चंद्र दोष को दूर करने के लिए भगवान शिव की पूजा सबसे फलदायी मानी जाती है। ग्रहण काल के आसपास ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार मानसिक जाप करें।
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सफेद वस्तुओं का दान: ग्रहण के अगले दिन सुबह किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को दूध, दही, चावल, चीनी, चांदी या सफेद वस्त्र का दान करें। इससे चंद्रमा मजबूत होता है और मानसिक शांति मिलती है।
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शिवलिंग पर कच्चा दूध और गंगाजल: शिवलिंग का तांबे या चांदी के पात्र से कच्चे दूध और शुद्ध गंगाजल से अभिषेक करें तथा 21 बेलपत्र पर सफेद चंदन लगाकर अर्पित करें।
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चांदी का चौकोर टुकड़ा पास रखें: मानसिक अस्थिरता और तनाव से बचने के लिए अपनी जेब या पर्स में चांदी का एक छोटा सा चौकोर टुकड़ा हमेशा अपने साथ रखें।
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जल और भोजन का सम्मान: पानी को व्यर्थ न बहाएं और माता या माता समान स्त्रियों का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। ऐसा करने से कुंडली में चंद्र ग्रह से जुड़े सभी अशुभ प्रभाव तत्काल समाप्त हो जाते हैं।
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