Aaj Ka Panchang 5 August 2026: सावन की सप्तमी पर शिव-सूर्य कृपा का महासंयोग, जानिए आज का सटीक पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल की पूरी जानकारी

वैदिक पंचांग और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास और महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज 5 अगस्त 2026 और दिन बुधवार है। सावन का पवित्र महीना चल रहा है और आज सावन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। हिंदू धर्म में सप्तमी तिथि जगत के संचालक और ऊर्जा के स्त्रोत भगवान सूर्य को समर्पित मानी जाती है। सावन के इस पावन कालखंड में जहां एक तरफ संपूर्ण शिव परिवार की आराधना का विधान है, वहीं दूसरी तरफ आज भगवान सूर्य की उपासना करने का भी अद्भुत और दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस विशेष दिन पर विधि-विधान से पूजा-पाठ करने से मनुष्य के जीवन में आ रही तमाम अड़चनें दूर होती हैं और विशेष फल की प्राप्ति होती है। आइए प्रख्यात पंचांगकर्ता पंडित ऋभुकांत गोस्वामी के अनुसार जानते हैं आज के दिन का पूरा पंचांग, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और सभी महत्वपूर्ण मुहूर्त।

सावन कृष्ण पक्ष सप्तमी और सूर्य-शिव की आराधना का विशेष महत्व

आज 5 अगस्त को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो कि रात्रि 08 बजकर 43 मिनट तक प्रभावी रहेगी। इसके पश्चात अष्टमी तिथि का आरंभ हो जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में सप्तमी तिथि के दिन भगवान सूर्य और महादेव दोनों की कृपा एक साथ पाना अत्यंत सौभाग्यशाली माना जाता है। सूर्यदेव की नियमित पूजा या इस विशेष तिथि पर अर्घ्य देने से जातक के आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, जीवन में साहस का संचार होता है और उत्तम आरोग्य (स्वास्थ्य) की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, आज के दिन शीतला सप्तमी का पर्व भी मनाया जा रहा है, जिससे इस तिथि का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

5 अगस्त 2026 का विस्तृत पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति

पंडित ऋभुकांत गोस्वामी के अनुसार, आज के पंचांग के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं। शक संवत् 1948, श्रावण मास (सौर), पंजाब पंचांग के अनुसार 21 श्रावण मास प्रविष्टे 2083, और इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार 21 सफर 1448 चल रहा है। आज विक्रमी संवत् 2083 है। आज के नक्षत्र और योग की बात करें तो अश्विनी नक्षत्र रात्रि 09 बजकर 18 मिनट तक विद्यमान रहेगा, जिसके पश्चात भरणी नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा। योग की दृष्टि से आज शाम 05 बजकर 29 मिनट तक शूल योग रहेगा, उसके बाद गंड योग शुरू होगा। करण की बात करें तो सुबह 09 बजकर 24 मिनट तक विष्टि (भद्रा) करण रहेगा। ग्रह गोचर के लिहाज से आज चंद्रमा पूरे दिन और रात मेष राशि में विराजमान रहेंगे। सूर्यदेव वर्तमान में कर्क राशि में संचरण कर रहे हैं और सूर्य दक्षिणायन तथा वर्षा ऋतु का प्रभाव बना हुआ है।

आज के प्रमुख सूर्योदय, सूर्यास्त और पंचांगीय समय

किसी भी धार्मिक अनुष्ठान, यात्रा या दैनिक कार्यों को सही समय पर शुरू करने के लिए सूर्योदय और सूर्यास्त का समय जानना सबसे बुनियादी आवश्यकता है। आज 5 अगस्त 2026 को सुबह सूर्योदय ठीक 05 बजकर 43 मिनट पर हुआ, जबकि दिन का समापन यानी सूर्यास्त शाम को 07 बजकर 09 मिनट पर होगा। दिनभर के इन खगोलीय बदलावों के बीच पंचांगीय गणनाएं हमारे दैनिक जीवन को सही दिशा देने का कार्य करती हैं। मेष राशि के चंद्रमा और कर्क राशि के सूर्य के प्रभाव से आज जातकों की मानसिक स्थिति और ऊर्जा स्तर में विशेष हलचल देखने को मिल सकती है, जिसे सही अनुष्ठान और संयम के जरिए सकारात्मक दिशा में मोड़ा जा सकता है।

आज के शुभ मुहूर्त: किस समय करें पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य?

यदि आप आज कोई नया कार्य शुरू करने की सोच रहे हैं या भगवान शिव और सूर्य देव की विशेष पूजा करना चाहते हैं, तो शुभ मुहूर्त का चयन करना अति आवश्यक है। पंचांग के अनुसार आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 17 मिनट से सुबह 05 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, जो साधना और एकाग्रता के लिए सर्वोत्तम है। प्रातः सन्ध्या का समय सुबह 05 बजकर 35 मिनट से सुबह 06 बजकर 29 मिनट तक निर्धारित है। दिन का सबसे महत्वपूर्ण विजय मुहूर्त दोपहर 04 बजकर 25 मिनट से शाम 05 बजकर 25 मिनट के बीच रहेगा, जिसमें किसी भी महत्वपूर्ण कार्य में विजय प्राप्त होने की प्रबल संभावना होती है। इसके अलावा गोधूलि मुहूर्त रात 09 बजकर 23 मिनट से रात 09 बजकर 41 मिनट तक, सायाह्न सन्ध्या रात 09 बजकर 23 मिनट से रात 10 बजकर 18 मिनट तक और अमृत काल सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। आज सुबह 06 बजकर 29 मिनट से शाम 05 बजकर 48 मिनट तक रवि योग भी प्रभावी रहेगा, जो सभी प्रकार के कार्यों की सिद्धि के लिए बहुत शुभ माना जाता है।

आज के अशुभ और वर्जित मुहूर्त: राहुकाल और अन्य सावधानियां

शुभ समय के साथ-साथ दिनभर में कुछ ऐसे समय भी आते हैं जिनमें किसी भी प्रकार के शुभ कार्य, नए व्यापार की शुरुआत या महत्वपूर्ण यात्रा करने से बचना चाहिए। आज का सबसे मुख्य अशुभ मुहूर्त यानी राहुकाल दोपहर 01 बजकर 56 मिनट से शुरू होकर दोपहर 03 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए या मांगलिक कार्य को करने से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा यमगण्ड सुबह 08 बजकर 21 मिनट से सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक, आडल योग सुबह 06 बजकर 29 मिनट से शाम 05 बजकर 48 मिनट तक, दुर्मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 26 मिनट से दोपहर 02 बजकर 26 मिनट तक, गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से दोपहर 01 बजकर 56 मिनट तक और वर्ज्य काल दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से दोपहर 03 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इन सभी अशुभ समयों के दौरान सावधानी बरतना ही बुद्धिमानी है।

आज का दिशाशूल और यात्रा करने के अचूक ज्योतिषीय उपाय

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज 5 अगस्त 2026 को सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा मेष राशि में स्थित होने के कारण उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। वास्तु और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे कार्यों में बाधाएं और असफलता मिलने की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि, यदि आज किसी आवश्यक कारणवश उत्तर दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो जाए, तो दिशाशूल के दोस्तों से बचने के लिए कुछ विशेष उपाय अपनाए जा सकते हैं। आप यात्रा शुरू करने से पहले थोड़ा सा गुड़ खाकर या भगवान का स्मरण करके घर से निकलें, या फिर अपने इष्टदेव का आशीर्वाद लेकर यात्रा का आरंभ करें। इन उपायों से यात्रा के दौरान आने वाले नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और सफर सुरक्षित व सफल बनता है। आज सावन सप्तमी के इस पावन अवसर पर भगवान शिव और सूर्यदेव का पूजन कर अपने दिन को मंगलमय बनाएं।

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