
वैदिक ज्योतिष और खगोलीय गणनाओं में राहु और केतु को छाया ग्रह या पापी ग्रह की संज्ञा दी गई है। यद्यपि इन्हें भौतिक रूप से कोई राशि प्राप्त नहीं है, लेकिन इनकी चाल में होने वाला परिवर्तन और राशि गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर सबसे गहरा और व्यापक प्रभाव डालता है। राहु को जहां अचानक लाभ-हानि, तकनीक, भौतिकता और विदेश यात्रा का कारक माना जाता है, वहीं केतु आध्यात्म, वैराग्य, अलगाव और पूर्वजन्म के कर्मों का फल देने वाला ग्रह है। इस वर्ष के अंत यानी दिसंबर तक कुंभ राशि में राहु और सिंह राशि में केतु का प्रभाव बना हुआ है। वर्तमान समय और आगामी दिसंबर तक के गोचर को यदि ध्यान में रखा जाए, तो ग्रहों की यह चाल हर किसी के जीवन में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाली है। आइए जानते हैं कि इस समय ग्रहों की चाल में क्या बदलाव आ रहा है और इसका विभिन्न राशियों पर क्या असर पड़ेगा।
सूर्य और केतु की युति: 17 अगस्त को सिंह राशि में बनेगा खास योग
वैदिक पंचांग के अनुसार, आगामी 17 अगस्त को ग्रहों के राजा सूर्य देव अपनी ही राशि सिंह में प्रवेश करने जा रहे हैं। सिंह राशि में पहले से ही छाया ग्रह केतु विराजमान हैं। ऐसे में जब सूर्य का गोचर सिंह राशि में होगा, तो वहाँ ‘सूर्य और केतु की युति’ का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और केतु का यह मिलन बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली माना जाता है। सूर्य जहां आत्मविश्वास, ऊर्जा, मान-सम्मान और सरकारी क्षेत्र के कारक हैं, वहीं केतु अलगाव और आंतरिक उथल-पुथल के प्रतीक हैं। इन दोनों ग्रहों का यह संयोजन देश-दुनिया के साथ-साथ कई राशियों के जातकों के जीवन में बड़े उतार-चढ़ाव और निर्णायक मोड़ लेकर आएगा।
कब तक रहेगी राहु और केतु की यह विशेष स्थिति?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, राहु और केतु की यह वर्तमान स्थिति इस वर्ष के अंत यानी 5 दिसंबर 2026 तक ऐसी ही बनी रहेगी। इसके पश्चात, दिसंबर के महीने में राहु और अपनी राशि में बड़ा परिवर्तन करेंगे। जब तक यह परिवर्तन नहीं होता, तब तक कुंभ राशि में राहु और सिंह राशि में केतु का प्रभाव जातकों को उनके कर्मों के अनुसार अच्छे और बुरे फल प्रदान करता रहेगा। चूंकि ये दोनों ग्रह अचानक घटने वाली घटनाओं के लिए जाने जाते हैं, इसलिए इस समयावधि के दौरान हर जातक को अपने करियर, वित्त और स्वास्थ्य को लेकर अधिक सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है।
मेष राशि: आर्थिक मजबूती, लव लाइफ में मिठास और विदेश यात्रा के योग
सूर्य और केतु के इस प्रभाव तथा राहु-केतु की स्थिति का सबसे सकारात्मक असर मेष राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा। इस गोचर के दौरान आपकी आर्थिक स्थिति में जोरदार सुधार होगा और धन लाभ के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। करियर और कारोबार के क्षेत्र में आपको लगातार सफलता मिलती दिखाई देगी। जो जातक विवाह योग्य हैं, उनके लिए विवाह के प्रबल योग बन रहे हैं। इसके अलावा, यदि आप अपने व्यापार का विस्तार करना चाहते हैं, तो बिजनेस के सिलसिले में विदेश यात्रा करने के भी सुनहरे अवसर प्राप्त हो सकते हैं, जो भविष्य में बहुत फायदेमंद साबित होंगे।
सिंह राशि: निवेश से बड़़ा मुनाफा, शानदार पर्सनल लाइफ और सरकारी लाभ
चूंकि सूर्य स्वयं सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं और वहाँ केतु के साथ उनकी युति बन रही है, इसलिए सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से उपलब्धियों भरा रहने वाला है। यदि आप शेयर बाजार, प्रॉपर्टी या अन्य क्षेत्रों में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इससे आपको भारी लाभ मिल सकता है। आपकी पर्सनल लाइफ और वैवाहिक जीवन बेहद शानदार और खुशहाल रहेगा। सरकार या प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को कोई बड़ा लाभ मिल सकता है। आपकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी और धन संचय करने में आप पूरी तरह सफल रहेंगे।
मकर राशि: करियर में नया मुकाम, यादगार पल और तरक्की के रास्ते
मकर राशि के जातकों के लिए ग्रहों की यह स्थिति करियर के लिहाज से एक नया मील का पत्थर साबित होगी। इस अवधि में आपको अपने कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी उपलब्धि या नया मुकाम हासिल हो सकता है। जीवन के विभिन्न मोर्चों पर विशेष लाभ मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं। आपके वैवाहिक जीवन में कुछ बेहद खूबसूरत और यादगार पल आएंगे, जिससे आपसी रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे। समय आपके पक्ष में है, इसलिए आलस्य का त्याग करें और आगे बढ़कर अपने जीवन के नए और बड़े लक्ष्य निर्धारित करें, सफलता निश्चित तौर पर आपके कदम चूम लेगी।
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