उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सोमवार को बिजनौर के एक भव्य कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और गोवंश के संरक्षण को लेकर अपराधियों और उपद्रवियों को बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया।
बिजनौर में पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों, पूर्व सैनिकों और पट्टेदारों को भूमि स्वामित्व अधिकार प्रमाण पत्र वितरित करने के मंच से सीएम योगी ने हाल ही में गाजियाबाद में हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड (Surya Chauhan Murder Case) का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने गरजते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश में दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी नहीं चलेगी। ऐसी हिंसक और वीभत्स घटनाएं कतई स्वीकार नहीं की जाएंगी।”
“सज्जन के साथ सज्जनता और दुर्जन से उसी की भाषा में होगी बात”
मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद की घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि इस वारदात ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने अभिभावकों को नसीहत देते हुए कहा, “यदि कोई अपने बच्चों को सही दिशा और अच्छे संस्कार नहीं दे पा रहा है, तो यह उसकी जिम्मेदारी में बहुत बड़ी चूक है।”
सीएम योगी ने सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि हमारी संवेदनाएं हमेशा प्रदेश के सीधे-साधे और कानून का पालन करने वाले सामान्य नागरिकों के साथ हैं। लेकिन जो लोग कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने का दुस्साहस करेंगे, उनके खिलाफ सरकार और पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा, “हमारा सिद्धांत स्पष्ट है—सज्जन के साथ सज्जनता का व्यवहार होगा, लेकिन दुर्जन (अपराधी) के साथ केवल उसी की भाषा में बात की जाएगी।”
क्या है सूर्या चौहान हत्याकांड? मुख्य आरोपी ढेर, घर पर चलेगा बुलडोजर
आपको बता दें कि बकरीद के दिन गाजियाबाद में 17 वर्षीय किशोर सूर्या चौहान की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए यूपी पुलिस ने मुठभेड़ (Encounter) में मुख्य आरोपी असद को मार गिराया है।
अब असद के परिवार पर ‘बुलडोजर एक्शन’ का खतरा मंडरा रहा है। जिला प्रशासन ने जांच में पाया कि असद का घर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करके बनाया गया है। उपजिलाधिकारी (SDM) कार्यालय की ओर से असद के घर के बाहर बेदखली का नोटिस चस्पा कर दिया गया है, जिसमें परिवार को 15 दिन के भीतर अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया गया है। यदि नियत समय में कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन खुद बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर देगा।
पाक विस्थापितों की चौथी पीढ़ी को मिला न्याय: 1645 परिवारों को मालिकाना हक
बिजनौर का यह कार्यक्रम ऐतिहासिक तौर पर पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए परिवारों के लिए एक नया सवेरा लेकर आया। सीएम योगी ने इस अवसर पर 1,645 विस्थापित परिवारों, पूर्व सैनिकों और भूमिहीन पट्टेदारों को उनकी जमीनों के आधिकारिक मालिकाना हक के प्रमाण पत्र (Land Ownership Certificates) सौंपे।
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, “विभाजन के समय पाकिस्तान से आए इन परिवारों की पुश्तैनी संपत्तियों पर अवैध कब्जे कर लिए गए थे। दशकों बीत जाने के बाद भी इन्हें इंसाफ नहीं मिला। आज इनकी चौथी पीढ़ी को हमारी सरकार उनकी अपनी जमीन का असली मालिकाना हक सौंप रही है। इस फैसले से लगभग 8 से 10 हजार लोगों का जीवन सुरक्षित और समृद्ध होगा।”
“गाय पशु नहीं, हमारी माता है… गलत करने वालों का अंजाम सबको पता है”
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने उन लोगों पर भी तीखा हमला बोला जो केवल राजनीति के लिए गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग करते हैं, लेकिन पीठ पीछे दोगला व्यवहार करते हैं।
सीएम योगी ने कहा, “कुछ लोग सिर्फ दिखावे के लिए मांग करते हैं, जबकि उनके ही चेले-चपाटे बकरीद के मौके पर सोशल मीडिया पर गाय की तस्वीरें लगा रहे थे। ऐसे लोगों को साफ चेतावनी दी गई है कि वे अपने चेले-चपाटों को समझा लें। हमारी संस्कृति में गाय कोई साधारण पशु नहीं है, वह हमारी माता (राष्ट्रमाता) है। एक बेटे और मां के पवित्र रिश्ते के बीच किसी औपचारिक घोषणा की जरूरत नहीं होती। हम उन्हें दिल से माता मानते हैं और जो गाय को महज एक जानवर मानते हैं, वे इंसान कहलाने लायक नहीं हैं।”
मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती पर यदि किसी ने भी गोमाता के साथ कुछ भी गलत करने या उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो फिर उसका क्या अंजाम होगा, यह बताने की जरूरत नहीं है, सब अच्छी तरह जानते हैं।
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