पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का निधन, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; बेंगलुरु के अस्पताल में हुआ देहांत

बेंगलुरु: देश के राजनीतिक गलियारों से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा (HD Deve Gowda) की पत्नी और वरिष्ठ नेता चेन्नम्मा (Chennamma) का शनिवार (18 जुलाई) को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 89 वर्षीय चेन्नम्मा ने शनिवार शाम करीब 4 बजे अंतिम सांस ली।

अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, चेन्नम्मा को बुधवार देर रात सांस लेने में तकलीफ और सीने में जकड़न की शिकायत के बाद बेंगलुरु के पुराने एयरपोर्ट रोड स्थित मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे आईसीयू (ICU) में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में थीं।

अस्पताल का आधिकारिक बयान: अचानक पड़ा दिल का दौरा

मणिपाल अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन में चेन्नम्मा के निधन की वजह और घटनाक्रम को स्पष्ट किया गया है:

  • तबीयत में हो रहा था सुधार: डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार दर्ज किया जा रहा था।

  • अचानक कार्डियक अरेस्ट: शनिवार शाम 4 बजे उन्हें अचानक एक तीव्र और जबरदस्त कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) पड़ा।

  • डॉक्टरों की कोशिशें रहीं नाकाम: डॉक्टरों की टीम ने उन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया, लेकिन उनके शरीर में कोई हलचल दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, उनके बेटे व केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी सहित परिवार के सभी सदस्य अस्पताल पहुंच गए।

लाइमलाइट से दूर, परिवार की थीं रीढ़: 1954 में हुई थी शादी

मशहूर राजनेताओं की पत्नी और मां होने के बावजूद चेन्नम्मा हमेशा राजनीतिक चकाचौंध और लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती थीं।

पारिवारिक पृष्ठभूमि: चेन्नम्मा की शादी साल 1954 में एचडी देवेगौड़ा से हुई थी। उनके चार बेटे और दो बेटियां हैं। उनके बेटों में देश के केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी (HD Kumaraswamy) और हासन जिले के होलेनरासीपुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक एचडी रेवन्ना (HD Revanna) शामिल हैं।

एसिड हमले से बची थीं: चेन्नम्मा के जीवन से जुड़ा एक बड़ा वाकया फरवरी 2001 का है, जब एक पारिवारिक विवाद के दौरान उन पर एसिड हमला हुआ था, जिसमें वे बाल-बाल बच गई थीं।

पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उनके व्यस्त राजनीतिक जीवन के दौरान चेन्नम्मा के त्याग, अटूट समर्थन और पूरे परिवार को मजबूती से संभालने के कारण ही वे राजनीति में सफल हो सके। वहीं, केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी भी अक्सर कहते रहे हैं कि उनकी मां द्वारा दिए गए नैतिक मूल्यों ने ही उनके राजनीतिक सफर में उनका हमेशा मार्गदर्शन किया है।

राजनीतिक जगत में शोक की लहर

चेन्नम्मा के निधन की खबर मिलते ही कर्नाटक सहित पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा जाएगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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