‘यह शक पैदा करता है…’ अस्पताल पहुंचे सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर निजी डॉक्टर ने उठाए सवाल, सरकारी रिपोर्ट को दी चुनौती

नई दिल्ली: जंतर-मंतर से जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए गए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की मेडिकल रिपोर्ट को लेकर अब एक नया और बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन में पोटैशियम लेवल की कमी और डिहाइड्रेशन की बात कहे जाने के बाद, वांगचुक के निजी डॉक्टर डॉ. नितिन दिघे ने सरकारी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे संदिग्ध बताया है।

न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत में डॉ. दिघे ने सरकारी लैब की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि 24 घंटे पहले तक वांगचुक के सभी पैरामीटर्स पूरी तरह सामान्य थे।

24 घंटे में कैसे बदला पोटैशियम लेवल? डॉक्टर दिघे का बड़ा खुलासा

सोनम वांगचुक की सेहत की पिछले 20 दिनों से लगातार निगरानी कर रहे डॉ. नितिन दिघे ने मेडिकल आंकड़ों के साथ अस्पताल प्रशासन को घेरा:

  • शुक्रवार की रिपोर्ट में सब नॉर्मल: डॉ. दिघे ने बताया कि शुक्रवार (17 जुलाई) दोपहर 3 बजे उन्होंने खुद सोनम वांगचुक का ब्लड सैंपल लिया था। उस रिपोर्ट में उनका पोटैशियम लेवल 4.8 था, जो कि पूरी तरह सामान्य (नॉर्मल लेवल 3.5 से ऊपर) माना जाता है।

  • अचानक गिरावट पर संदेह: अस्पताल प्रशासन का यह कहना कि शनिवार सुबह अचानक पोटैशियम का स्तर खतरनाक रूप से गिर गया है, बेहद संदेहास्पद है।

  • रिपोर्ट छुपाने का आरोप: डॉक्टर और वांगचुक के वकीलों का आरोप है कि बार-बार मांग किए जाने के बावजूद सफदरजंग अस्पताल प्रशासन वांगचुक की आधिकारिक ब्लड रिपोर्ट परिवार या उनके निजी डॉक्टरों को नहीं सौंप रहा है, जो कई तरह के गंभीर शक पैदा करता है।

निजी लैब से होगी स्वतंत्र जांच (Independent Medical Testing)

सरकारी दावों से संतुष्ट न होने के कारण वांगचुक की मेडिकल टीम ने अब एक बड़ा कदम उठाया है:

डॉ. नितिन दिघे का स्टैंड: “चूंकि हमें सरकारी लैब की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है और न ही हमें असली रिपोर्ट दिखाई जा रही है, इसलिए मैंने स्वतंत्र जांच के लिए सोनम वांगचुक का एक और ब्लड सैंपल लिया है। इसे एक अलग प्राइवेट लैब में टेस्ट के लिए भेजा जा रहा है। इस रिपोर्ट के जो भी नतीजे आएंगे, मैं उन्हें पूरी पारदर्शिता के साथ मीडिया और जनता के सामने रखूंगा।”

वकीलों और डॉक्टरों की नो-एंट्री; सिर्फ पत्नी को मिलने की इजाजत

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच अस्पताल में वांगचुक से मिलने वालों पर भी कड़ी पाबंदी लगा दी गई है:

वर्तमान स्थिति (Current Status) परिवार और प्रदर्शनकारियों का अगला कदम (Next Action)
मुलाकात पर पाबंदी डॉ. दिघे के अनुसार, अस्पताल में न तो उनके निजी डॉक्टरों की टीम को और न ही उनके कानूनी वकीलों को वांगचुक से मिलने दिया जा रहा है। केवल उनकी पत्नी गीतांजलि वहां मौजूद हैं और सिर्फ उन्हें ही अंदर जाने की अनुमति है।
अस्पताल बदलने की मांग गीतांजलि ने सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन को लिखित आवेदन देकर मांग की है कि सोनम जी को तुरंत इस सरकारी अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाए ताकि परिवार उन्हें अपनी पसंद के किसी दूसरे प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट कर सके।
20 जुलाई का संसद मार्च तय डॉक्टर दिघे ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन होने वाला ‘संसद मार्च’ अपने तय शेड्यूल के अनुसार ही होगा। यदि सोनम वांगचुक को तब तक अस्पताल से छुट्टी नहीं मिलती है, तो उनकी जगह उनकी पत्नी गीतांजलि खुद इस मार्च का नेतृत्व करेंगी।

नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन में अब मेडिकल रिपोर्ट को लेकर छिड़ी यह जंग राजनीतिक गलियारों में और बड़ा तूफान खड़ा कर सकती है।

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