आपने अक्सर ‘आम के आम और गुठलियों के भी दाम’ वाली कहावत तो जरूर सुनी होगी, लेकिन यह कहावत इमली के बीजों (Tamarind Seeds) पर भी पूरी तरह सटीक बैठती है। खट्टी-मीठी इमली का स्वाद तो हम सभी बड़े चाव से लेते हैं, पर अमूमन इसके बीजों को बेकार और फालतू समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो रुक जाइए!
आयुर्वेद के अनुसार, इमली के इन पत्थरों जैसे दिखने वाले बीजों में सेहत का अनमोल खजाना छिपा होता है। इनमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फास्फोरस, विटामिन C और ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। मशहूर आयुर्वेदिक डॉक्टर रॉबिन शर्मा का कहना है कि यदि इमली के बीजों का सही तरीके और सही मात्रा में इस्तेमाल किया जाए, तो यह शरीर की कई गंभीर समस्याओं को जड़ से खत्म कर सकते हैं। आइए जानते हैं इमली के बीजों के 7 जातुई फायदे, चूर्ण बनाने की विधि और इसके नुकसान।
दो तरह की होती है इमली
डॉक्टर के मुताबिक, मुख्य रूप से इमली दो प्रकार की होती है। पहली है देसी इमली, जो हमारे घरों के आसपास और बाजारों में बेहद आसानी से मिल जाती है। दूसरी होती है पहाड़ी इमली, जो केवल पहाड़ी इलाकों में पाई जाती है और इसके बीजों का आकार सामान्य बीजों से थोड़ा बड़ा होता है। आयुर्वेद में इन दोनों ही प्रकार की इमलियों के बीजों को बेहद गुणकारी और शरीर को फौलादी ताकत देने वाला माना गया है।
इमली के बीजों के 7 चौंकाने वाले आयुर्वेदिक फायदे
अगर आप इसके औषधीय गुणों को जान लेंगे, तो अगली बार से इसके बीजों को कभी नहीं फेंकेंगे:
1. पाचन तंत्र को बनाएगा फौलादी
आजकल की अनियमित लाइफस्टाइल के कारण गैस, कब्ज, ब्लोटिंग और भयंकर एसिडिटी होना आम बात है। इमली के बीजों का तैयार चूर्ण पेट के पाचक रसों को बढ़ाता है। इसके नियमित सेवन से पुरानी से पुरानी कब्ज दूर होती है और डाइजेशन एकदम दुरुस्त हो जाता है।
2. जोड़ों और गठिया के दर्द से राहत
उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों में दर्द या यूरिक एसिड बढ़ने से गठिया (Arthritis) की समस्या होने लगती है। आयुर्वेद के अनुसार, इमली के बीजों को बारीक पीसकर यदि दर्द वाले जोड़ों पर इसका लेप लगाया जाए, तो यह सूजन को सोख लेता है और दर्द में तुरंत आराम पहुंचाता है।
3. इम्यूनिटी को करेगा बूस्ट
विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण इमली के बीज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity Power) को कई गुना बढ़ा देते हैं। इसका चूर्ण खाने से या इसे पानी में घोलकर पीने से शरीर मौसमी बीमारियों, सर्दी-खांसी और वायरल इंफेक्शन से सुरक्षित रहता है।
4. पेट की थुलथुली चर्बी पिघलाए (वेट लॉस)
मोटापे से परेशान लोगों के लिए यह बीज किसी वरदान से कम नहीं हैं। इसमें भारी मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। डॉक्टर के अनुसार, इसके भीतर मौजूद खास तत्व शरीर में एक्स्ट्रा फैट को जमा नहीं होने देते और पेट की लटकती चर्बी को तेजी से गलाते हैं।
5. स्पर्म काउंट और शारीरिक ताकत बढ़ाए
पुरुषों की शारीरिक कमजोरी दूर करने में इमली के बीज बेहद कारगर माने जाते हैं। डॉक्टर रॉबिन शर्मा का मानना है कि इसके बीजों में ऐसे दिव्य तत्व होते हैं जो पुरुषों में सेक्स पावर बढ़ाने के साथ-साथ स्पर्म काउंट (शुक्राणुओं की संख्या) में भी जबरदस्त इजाफा करते हैं। इसके सेवन से शरीर अंदर से बेहद मजबूत और ऊर्जावान बनता है।
6. चर्म रोगों (स्किन इंफेक्शन) का अचूक इलाज
यदि आप दाद, खाज, खुजली या किसी अन्य गंभीर चर्म रोग से परेशान हैं, तो इमली के बीजों का पाउडर आपके काम आ सकता है। इसके पाउडर में थोड़ा सा ताजे नींबू का रस मिलाकर प्रभावित त्वचा पर लगाने से स्किन इंफेक्शन बहुत जल्दी ठीक हो जाता है।
7. जिद्दी फोड़े-फुंसियों को ठीक करे
अगर शरीर पर कोई ऐसा फोड़ा या फुंसी हो गई है जो बार-बार दर्द दे रही है और जल्दी फूट नहीं रही है, तो इमली के बीज के पाउडर को एक सूती कपड़े की पोटली में बांध लें। इस पोटली को हल्का गुनगुना गर्म करके फोड़े वाली जगह पर सिकाई करें। ऐसा करने से फोड़ा पककर साफ हो जाएगा और दर्द से राहत मिलेगी।
घर पर कैसे बनाएं इमली के बीज का शुद्ध पाउडर?
इसका चूर्ण बनाना बेहद आसान है। सबसे पहले इमली के बीजों को इकट्ठा करके 1 से 2 दिनों तक तेज धूप में अच्छी तरह सुखा लें। जब ये सूख जाएं, तो इन्हें किसी भारी चीज से हल्का सा कूटकर या फोड़ लें। फोड़ने पर इसके ऊपर का कड़ा कत्थई छिलका अलग हो जाएगा और अंदर से सफेद रंग की ‘गिरी’ निकलेगी। आपको इसी सफेद गिरी को मिक्सी में पीसकर बारीक चूर्ण (पाउडर) बना लेना है और इसे कांच के डिब्बे में सुरक्षित रख लेना है।
फायदे के साथ नुकसान भी हैं जरूरी: इन 4 बातों का रखें ध्यान
आयुर्वेद में जहां इसके ढेरों फायदे बताए गए हैं, वहीं इसके अत्यधिक या गलत तरीके से सेवन करने पर कुछ नुकसान भी हो सकते हैं:
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लो ब्लड प्रेशर (Low BP): इमली के बीज के पाउडर का बहुत ज्यादा मात्रा में सेवन करने से ब्लड प्रेशर अचानक तेजी से गिर सकता है, जिससे चक्कर आने की समस्या हो सकती है।
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दवाइयों के साथ रिएक्शन: यदि आप पहले से ही किसी गंभीर बीमारी (जैसे दिल की बीमारी या डायबिटीज) की एलोपैथिक दवाइयां खा रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन बिल्कुल न करें।
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ब्रेस्टफीडिंग मदर्स: जो महिलाएं छोटे बच्चों को स्तनपान कराती हैं (Breastfeeding), उन्हें इसके सेवन से सख्त परहेज करना चाहिए। यह मां और बच्चे दोनों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
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एलर्जी का खतरा: कुछ लोगों की बॉडी सेंसिटिव होती है। अगर इसे खाने या लगाने के बाद शरीर पर लाल दाने, रैशेज, रेडनेस या तेज खुजली हो, तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें और डॉक्टर से संपर्क करें।
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