Anti-Aging Drug Risks: क्या वाकई काम करती हैं बूढ़ा होने से रोकने वाली दवाएं? जानें ‘एंटी-एजिंग पिल्स’ के चौंकाने वाले सच और साइड इफेक्ट्स

नई दिल्ली (हेल्थ डेस्क)। बढ़ती उम्र की रफ्तार को थामने और लंबे समय तक जवां बने रहने के लिए दुनिया भर में ‘एंटी-एजिंग’ दवाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बीबीसी साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिक ऐसी दवाओं पर काम कर रहे हैं जो शरीर के हेल्थस्पैन (स्वस्थ जीवनकाल) को बढ़ा सकें। हालांकि, बिना डॉक्टरी सलाह के इन दवाओं का सेवन सेहत के लिए बेहद खतरनाक और नुकसानदेह साबित हो सकता है।

मेटफॉर्मिन और रैपामाइसिन पर चल रही हैं रिसर्च

वैज्ञानिक वर्तमान में मेटफॉर्मिन (Metformin), रैपामाइसिन (Rapamycin), क्वेरसेटिन और डासाटिनिब जैसी दवाओं पर अध्ययन कर रहे हैं। जानवरों पर हुए प्रयोगों में इनके सकारात्मक परिणाम दिखे हैं, लेकिन इंसानों पर इनके बड़े स्तर के क्लिनिकल ट्रायल और अंतिम निष्कर्ष आना अभी बाकी हैं। मूल रूप से ये दवाएं डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों के लिए बनाई गई हैं।

बिना सलाह एंटी-एजिंग पिल्स लेना क्यों है खतरनाक?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ जवां दिखने की चाह में इन दवाओं का खुद से सेवन करना लिवर, किडनी और दिल के लिए जोखिम भरा हो सकता है। बाजार में बिकने वाले कई सप्लीमेंट्स बिना वैज्ञानिक प्रमाणों के बेचे जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और भरपूर नींद ही उम्र बढ़ने के असर को कम करने का सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित तरीका है।

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