नई दिल्ली (हेल्थ डेस्क)। हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अमेरिकी एफडीए (US FDA) ने ‘लिपफेंड्रा’ (Lipfendra) नाम की एक नई ओरल टैबलेट को मंजूरी दी है, जो रोजाना एक बार लेने पर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर 50 से 60 प्रतिशत तक कम कर सकती है। एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञों के अनुसार, यह दवा उन मरीजों के लिए गेमचेंजर साबित होगी जिन पर पारंपरिक स्टैटिन (Statins) दवाएं असर नहीं करतीं।
कैसे काम करती है यह नई दवा लिपफेंड्रा?
यह दवा PCSK9 इनहिबिटर वर्ग की है। जहां सामान्य स्टैटिन दवाएं लिवर में कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया को धीमा करती हैं, वहीं लिपफेंड्रा PCSK9 नामक प्रोटीन को ब्लॉक करती है। इससे लिवर खून से अत्यधिक बैड कोलेस्ट्रॉल को आसानी से बाहर निकालने में सक्षम हो जाता है।
एम्स के कार्डियोलॉजिस्ट प्रो. डॉ. अंबुज रॉय का क्या है कहना?
दिल्ली एम्स के प्रोफेसर डॉ. अंबुज रॉय ने बताया कि लिपफेंड्रा न केवल LDL घटाती है, बल्कि धमनियों में चर्बी जमाने वाले ApoB प्रोटीन को भी 50% तक कम करती है। भारतीयों में ApoB का स्तर पश्चिमी देशों की तुलना में अधिक पाया जाता है।
एक्सपर्ट टिप: हालांकि, डॉक्टर अभी भी स्टैटिन दवाओं को ही इलाज की पहली पसंद मानते हैं क्योंकि वे सस्ती और आजमाई हुई हैं। लेकिन जिन मरीजों को पहले हार्ट अटैक आ चुका है या एंजियोप्लास्टी हुई है, उनके लिए लिपफेंड्रा एक बेहतरीन विकल्प है।
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