पश्चिम एशिया (Middle East) में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय जहाजों और तेल व्यापार के लिए फिर से खोलने के अस्थायी समझौते के बाद उम्मीद थी कि तनाव कम होगा। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। दोनों देशों के बीच हुआ अस्थाई युद्धविराम अब टूटने की कगार पर है और युद्ध के बादल एक बार फिर गहरे हो गए हैं।
अमेरिकी रक्षा सचिव (US Defense Secretary) पीट हेगसेथ ने तेहरान को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि यदि दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई ‘स्थायी युद्धविराम समझौता’ नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना ईरान पर दोबारा भीषण हमले शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है।
“हमारे पास पर्याप्त हथियारों का भंडार, हमले को तैयार”—अमेरिकी रक्षा सचिव
शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने साफ किया कि अमेरिका इस युद्धविराम को स्थायी तभी मानेगा जब ईरान शर्तों का पूरी तरह पालन करेगा। हेगसेथ ने कहा, “यदि शांति समझौता अपने अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंचता है, तो हम बिना किसी देरी के अपना सैन्य अभियान (Military Operation) फिर से शुरू कर देंगे। हमारे पास हथियारों और गोला-बारूद का पर्याप्त से कहीं ज्यादा भंडार मौजूद है। मध्य पूर्व हो या दुनिया का कोई भी अन्य कोना, अमेरिकी सेना आज भी रणनीतिक रूप से सबसे मजबूत और आक्रामक स्थिति में है।”
सैटेलाइट तस्वीरों से खुला तेहरान का राज; सीक्रेट सुरंगों से मलबा हटा रहा ईरान
दरअसल, अमेरिका की इस ताजा और तल्ख चेतावनी के पीछे खुफिया सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ एक बड़ा खुलासा है। इसी साल 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों (US-Israel Joint Strikes) में ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था। बमबारी में ईरान की रणनीतिक सड़कें तबाह हो गई थीं और उसके सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘भूमिगत मिसाइल भंडारों’ (Underground Missile Silos) के प्रवेश द्वार मलबे के नीचे दब गए थे।
लेकिन सीएनएन (CNN) की ताजा खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, सैटेलाइट से मिली नई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि ईरान युद्धविराम की आड़ में इन क्षतिग्रस्त ठिकानों को तेजी से पुनर्जीवित करने में जुटा है। ईरानी सेना की इंजीनियरिंग टीमें बुलडोजर, डंप ट्रक और भारी क्रेन जैसी सैन्य मशीनरी का इस्तेमाल कर इन भूमिगत मिसाइल बंकरों और सुरंगों के मुहानों को साफ कर रही हैं।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऊपरी प्रवेश द्वारों को नष्ट करने से ईरान की मिसाइल क्षमताएं खत्म नहीं हुई थीं, क्योंकि तेहरान ने दशकों की मेहनत से पहाड़ों के नीचे ‘मिसाइल सिटीज’ का एक अत्यंत मजबूत और विस्तृत नेटवर्क तैयार कर रखा है।
8 अप्रैल के बाद आई अभूतपूर्व तेजी: 69 में से 50 सुरंगों के रास्ते खुले
रिपोर्ट के अनुसार, 8 अप्रैल 2026 को लागू हुए आधिकारिक युद्धविराम के बाद से ईरान ने इस मलबे को हटाने और मिसाइलों को बाहर निकालने के काम में अभूतपूर्व तेजी दिखाई है। ‘जेम्स मार्टिन सेंटर फॉर नॉनप्रोलिफरेशन स्टडीज’ के रिसर्च एसोसिएट सैम लेयर ने सीएनएन को बताया कि ईरान के पास अभी भी खतरनाक बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का एक विशाल भंडार सुरक्षित है। जब तक उनके पास मोबाइल लॉन्चर और प्रशिक्षित कमांडो मौजूद हैं, वे पलटवार करने में सक्षम हैं।
इंटेलिजेंस रिपोर्ट का बड़ा दावा:
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान ने अपने 18 सबसे प्रमुख सैन्य भूमिगत मिसाइल स्थलों पर स्थित कुल 69 सुरंगों में से 50 के प्रवेश द्वारों (Tunnel Entrances) को दोबारा खोलने और सक्रिय करने में सफलता हासिल कर ली है। इन सुरंगों से मिसाइल दागने वाले वाहनों (Launchers) की आवाजाही को फिर से शुरू किया जा रहा है, जो अमेरिका और इजरायल के लिए सबसे बड़ा रेड अलर्ट है।
पश्चिम एशिया में फिर बड़े संघर्ष का खतरा, इजरायल भी हाई-अलर्ट पर
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि कूटनीतिक और राजनयिक स्तर पर कोई स्थायी रास्ता नहीं निकला, तो पूरा पश्चिम एशिया एक बार फिर भीषण तबाही की आग में झुलस सकता है। इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने भी पहले ही चेतावनी दे दी है कि वह अपनी सीमा के करीब ईरान की बढ़ती मिसाइल क्षमता और सीक्रेट सुरंगों के इस खेल को मूकदर्शक बनकर बर्दाश्त नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर ‘प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक’ (Pre-emptive Strike) यानी पहले हमला कर सकता है।
दूसरी तरफ, ईरान ने वैश्विक मंच पर अपना बचाव करते हुए दावा किया है कि उसके ये तमाम कदम पूरी तरह से रक्षात्मक (Defensive) हैं और वह केवल किसी भी संभावित अमेरिकी या इजरायली हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अपनी सुरक्षा पुख्ता कर रहा है। फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति बेहद नाजुक और बारूदी ढेर पर बैठी हुई नजर आ रही है, जहां आने वाले कुछ दिन वैश्विक शांति और कच्चे तेल के बाजारों (Global Oil Markets) के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।
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