बॉलीवुड की ‘पहली महिला सुपरस्टार’ कही जाने वाली दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी (Sridevi) ने अपनी बेहतरीन एक्टिंग और दिलकश अदाओं से सिनेमाई पर्दे पर दशकों तक राज किया। पर्दे पर चुलबुली और बेहद कॉन्फिडेंट दिखने वाली श्रीदेवी असल जिंदगी में अपने परिवार और बच्चों के लिए कितनी समर्पित थीं, इसका अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल है।
हाल ही में साउथ के सुपरस्टार राम चरण के साथ अपनी अपकमिंग फिल्म ‘पेद्दी’ (Peddi) के प्रमोशनल इंटरव्यू के दौरान जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) ने अपनी मां को याद करते हुए एक बेहद भावुक और अनसुना किस्सा साझा किया। जाह्नवी ने बताया कि कैसे एक बार काम के सिलसिले में परिवार से दूर रहने और अपनी छोटी बेटी खुशी कपूर का जन्मदिन मिस हो जाने पर एक मेगास्टार होने के बावजूद श्रीदेवी आम मांओं की तरह फोन पर फूट-फूटकर रोती थीं।
शर्मीली थीं सुपरस्टार श्रीदेवी, परिवार के लिए छोड़ दिया था करियर
एक इंटरव्यू में बात करते हुए जाह्नवी कपूर ने अपनी मां के निजी जीवन के कई अनछुए पहलुओं पर बात की। जाह्नवी ने बताया, “मॉम ने महज 4 साल की उम्र से ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। वह इतनी बड़ी सुपरस्टार बनीं, लेकिन इसके बावजूद वह असल जिंदगी में बेहद शर्मीले स्वभाव की इंसान थीं। मां के व्यक्तित्व का जो पहलू मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित करता है, वो ये है कि वह जिस चीज को भी अपनाने का फैसला करती थीं, उसमें पूरी तरह डूब जाती थीं।”
जाह्नवी ने आगे बताया कि शादी के बाद श्रीदेवी ने अपनी मर्जी से अपनी चमकती हुई प्रोफेशनल लाइफ का चैप्टर पीछे छोड़ दिया और पूरी तरह से एक आदर्श मां और पत्नी की भूमिका निभाने में लग गईं। जब उनके बच्चे (जाह्नवी और खुशी) थोड़े बड़े हो गए, तब जाकर उन्होंने दोबारा कैमरे का सामना करने का फैसला लिया था।
जब खुशी कपूर और बोनी कपूर का बर्थडे मिस होने पर रोई थीं श्रीदेवी
श्रीदेवी अपने परिवार के लिए किस हद तक समर्पित थीं, इसका उदाहरण देते हुए जाह्नवी कपूर ने उनकी कमबैक फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ की शूटिंग का एक वाकया शेयर किया। जाह्नवी ने बताया, “मुझे अच्छी तरह याद है, जब मॉम ‘इंग्लिश विंग्लिश’ की शूटिंग कर रही थीं, तब उन्होंने फिल्म का पूरा शेड्यूल इस तरह सेट करवाया था कि वह हमारी गर्मियों की छुट्टियों (Summer Vacations) के दौरान ही खत्म हो जाए ताकि हमारी पढ़ाई प्रभावित न हो।”
जाह्नवी ने आगे कहा, “लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से न्यूयॉर्क का शूटिंग शेड्यूल थोड़ा आगे खिंच गया और वह टाइम पर भारत नहीं आ सकीं। इस वजह से वह अपनी छोटी बेटी खुशी कपूर और पति बोनी कपूर का जन्मदिन एक साथ मिस कर गईं। उस दौरान फिल्म का पैकअप होने के बाद वह पूरे एक हफ्ते तक हर दिन फोन करके रोती थीं। आप सोच भी नहीं सकते कि जो महिला पूरे देश के लिए एक मेगास्टार थी, उसके दिन का सबसे बड़ा दुख सिर्फ यह था कि वह अपने बच्चे के जन्मदिन पर उसके साथ मौजूद नहीं रह सकीं।”
बोनी कपूर के सिर में तेल लगाना और बेटियों के लिए मछली लाना था पसंद
जाह्नवी कपूर ने बताया कि भले ही उन्होंने एक बेहद प्रिविलेज्ड (सुख-सुविधाओं से भरी) जिंदगी जी है, लेकिन उनकी मां ने घर पर कभी भी इस बात का घमंड नहीं जताया कि उन्होंने दुनिया में क्या मुकाम हासिल किया है।
घर के भीतर श्रीदेवी एक बेहद साधारण गृहणी की तरह रहना पसंद करती थीं। जाह्नवी ने मुस्कुराते हुए बताया, “मॉम का सबसे पसंदीदा काम खुद बाजार जाकर ‘पॉम्फ्रेट मछली’ खरीदकर लाना था, ताकि वह हम दोनों बहनों के लिए उसकी एक खास और स्वादिष्ट चटनी बना सकें। इसके अलावा, पापा (बोनी कपूर) के सिर में चम्पी करना यानी तेल लगाना उनका सबसे पसंदीदा काम था।”
श्रीदेवी और चिरंजीवी के दौर को दोहराएंगे राम चरण और जाह्नवी
आपको बता दें कि गुजरे जमाने में श्रीदेवी और साउथ के मेगास्टार चिरंजीवी (Chiranjeevi) ने एक साथ कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया था और उनकी जोड़ी को फैंस बेहद पसंद करते थे। अब सालों बाद उनके बच्चे यानी चिरंजीवी के बेटे राम चरण और श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर फिल्म ‘पेद्दी’ में एक साथ लीड रोल में नजर आने वाले हैं।
जाह्नवी ने बताया कि जब वे और राम चरण अपने-अपने माता-पिता के बारे में बात करते हैं, तो उन्हें एहसास होता है कि श्रीदेवी और चिरंजीवी दोनों के सोचने का तरीका, काम के प्रति अनुशासन और कड़ी मेहनत की परिभाषा बिल्कुल एक जैसी थी। यही वजह है कि दोनों कलाकार आज भी सिनेमा जगत के अमर सितारे माने जाते हैं।
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