
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों (UP Assembly Elections) की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। गूगल डिस्कवर और एआई सर्च (GEO) ट्रेंड्स में बहुजन समाज पार्टी की चुनावी रणनीति लगातार सुर्खियां बटोर रही है। इस बीच, बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने साफ कर दिया है कि आगामी चुनाव में सारी अहम भूमिकाएं वे खुद अदा करेंगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव की तैयारियों को लेकर वे लगातार राज्य स्तरीय बैठकें कर रही हैं और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी उनके ही सीधे नियंत्रण में है। मायावती ने बताया कि उन्होंने खुद इंटरव्यू लेकर लखनऊ में अब तक लगभग दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर दिए हैं और आगे भी सभी सीटों पर वे स्वयं ही उम्मीदवार तय करेंगी।
आकाश आनंद को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर विराम
आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के नजरिए से मायावती का यह बयान इसलिए बेहद अहम है क्योंकि हाल के दिनों में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद की भूमिका को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। मायावती ने इन सभी चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कहा, “पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को लेकर किस्म-किस्म के भ्रम फैलाए जा रहे हैं, जिनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल यूपी ही नहीं, बल्कि देश में जहां भी विधानसभा या लोकसभा चुनाव होते हैं, वहां उम्मीदवारों के नाम को अंतिम रूप देने का अधिकार केवल और केवल उनके (मायावती के) पास है।
‘मेरी अनुमति से ही उम्मीदवारों का ऐलान कर रहे आकाश आनंद’
मायावती ने आकाश आनंद की वर्तमान भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि जिन विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए गए हैं, वहां उनकी (मायावती की) अनुमति से ही पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी जनसभाएं करके उन नामों का ऐलान कर रहे हैं। इसी रणनीति के तहत, कुछ खास सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान आकाश आनंद भी पार्टी की जनसभा करके करेंगे। यह सब एक सोची-समझी सांगठनिक रणनीति का हिस्सा है, न कि कोई स्वतंत्र फैसला।
आकाश आनंद की पूरे देश में सक्रियता
बसपा चीफ ने पार्टी में आकाश आनंद के महत्व और उनकी जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए याद दिलाया कि आकाश पिछले लगभग एक वर्ष से पूरे देश में पार्टी संगठन की समीक्षा बैठकें और जनसभाएं कर रहे हैं। हाल ही में हुए विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी मायावती के दिशा-निर्देशन में ही आकाश आनंद को चुनावी रैलियां करने के लिए भेजा गया था, जहां उन्होंने पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाई।
मायावती ने अपने बयान में 9 अक्टूबर 2025 को लखनऊ में मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर हुई ऐतिहासिक महारैली का भी जिक्र किया, जहां आकाश आनंद को प्रमुखता से बोलने का मौका दिया गया था। इसके अलावा लोकसभा आम चुनाव में भी वे पूरे प्रदेश और देश में सक्रिय रहे थे। मायावती के इस बयान ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि यूपी 2027 के महासमर में बसपा की स्टीयरिंग व्हील पूरी तरह से ‘बहनजी’ के हाथों में ही रहेगी, जबकि आकाश आनंद उनके दिशा-निर्देशों पर ग्राउंड जीरो पर मोर्चा संभालेंगे।
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