
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रवाद और सनातन संस्कृति के मुद्दे पर एक बार फिर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। जियोग्राफिकल ऑप्टिमाइजेशन (लोकल एसईओ) और सर्च ट्रेंड्स के लिहाज से देखें तो गोरखपुर से दिया गया सीएम योगी का यह बयान गूगल डिस्कवर पर तेजी से वायरल हो रहा है। अवसर था गुरु पूर्णिमा का, जब सीएम योगी गोरखपुर स्थित ऐतिहासिक गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सात दिवसीय ‘श्रीराम कथा’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस पावन मंच से मुख्यमंत्री ने देश विरोधी ताकतों, छात्र आंदोलनों की आड़ में हिंसा भड़काने वालों और सनातन संस्कृति के विरोधियों पर तीखा और सीधा हमला बोला। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि देश के खिलाफ रचे जा रहे किसी भी तरह के षड्यंत्र को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
‘जेएनयू में बैठे हैं भटके और बिके हुए लोग’
आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के नजरिए से मुख्यमंत्री का वह बयान सबसे ज्यादा चर्चा में है, जिसमें उन्होंने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का सीधे तौर पर जिक्र किया है। सीएम योगी ने पश्चिमी विचारधारा से प्रभावित लोगों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुछ लोग भारतीय परंपराओं का विरोध करने को ही अपना मुख्य एजेंडा बना चुके हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “जब देश में दुर्गा पूजा जैसे पवित्र त्योहार होते हैं, तो कुछ ‘बिके हुए चेहरे’ जानबूझकर इसका विरोध करते हैं और व्यवधान पैदा करने की कोशिश करते हैं। ऐसे भटके और बिके हुए लोग दिल्ली के जेएनयू सहित देश के कई अन्य शिक्षण संस्थानों में आसानी से देखने को मिल जाएंगे।”
छात्र आंदोलनों के पीछे अस्थिरता फैलाने की गहरी साजिश
हालिया समय में देश के विभिन्न हिस्सों में हुए छात्र आंदोलनों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ा दावा किया। बिना किसी विशिष्ट राजनीतिक दल या संगठन का नाम लिए, सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि इन तथाकथित छात्र आंदोलनों के पीछे ऐसी अदृश्य ताकतें सक्रिय हैं, जिनका एकमात्र उद्देश्य देश की शांति को भंग करना और राष्ट्र को अस्थिर करना है। उन्होंने समाज के प्रत्येक नागरिक से अपील की कि वे भारतीय संस्कृति, गौरवशाली परंपरा और राष्ट्र की सुरक्षा के खिलाफ होने वाले ऐसे हर नापाक प्रयास के प्रति पूरी तरह से जागरूक और सतर्क रहें।
सनातन संस्कृति को दूषित कर रहे समाज के ‘विषधर’
भारतीय संस्कृति की महानता और वैश्विक षड्यंत्रों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ने हमेशा से दुनिया के सभी धर्मों, संप्रदायों और वंचित वर्गों को बिना किसी भेदभाव के संरक्षण दिया है। लेकिन, विडंबना यह है कि समाज के ही कुछ ‘विषधर’ (जहरीले तत्व) इस पावन धारा को दूषित करने में लगे हुए हैं। उन्होंने आगाह किया कि दुनिया की कई बड़ी और विदेशी ताकतें अपने स्वार्थ के लिए सनातन संस्कृति को कमजोर करना चाहती हैं। दुर्भाग्य से, हमारे ही समाज के कुछ लोग इन विदेशी ताकतों के ‘प्रवक्ता’ बनकर अपने ही देश और समाज को भारी नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
गुरु पूर्णिमा का संदेश: संस्कारवान परिवार ही बनाएगा सशक्त राष्ट्र
राजनीतिक और सामाजिक चेतावनियों के बीच सीएम योगी ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक और व्यावहारिक महत्व पर भी गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु का अर्थ केवल आध्यात्मिक दीक्षा देने वाले तक सीमित नहीं है, बल्कि माता-पिता, बड़े भाई और शिक्षक भी गुरु के समान ही असीम सम्मान के पात्र हैं। भारत की तेज वैश्विक प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जिस तेज रफ्तार से विकास के पथ पर अग्रसर है, वह दुनिया के कई देशों की आंखों में खटक रहा है। इसलिए, जो परिवार अपने बच्चों के संस्कारों और नैतिक मूल्यों को मजबूत करेगा, अंततः वही एक अजेय और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अपना सबसे बड़ा योगदान देगा। समाज के हर जिम्मेदार व्यक्ति को समस्याओं का समाधान स्वयं खोजने की भावना विकसित करनी होगी।
The News 11 – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया