
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज 1 अगस्त 2026 और दिन शनिवार है। यह पवित्र महीना भगवान शिव को समर्पित सावन मास चल रहा है, जिसके चलते धार्मिक अनुष्ठानों, व्रत और पूजा-पाठ के लिए इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। सनातन धर्म में किसी भी नए कार्य की शुरुआत, मांगलिक आयोजन, व्यापारिक सौदे, यात्रा या पूजा-उपासना के लिए पंचांग देखने की प्राचीन परंपरा रही है। आज शनिवार का दिन होने के कारण न्याय के देवता शनि देव की आराधना और उनके प्रकोप से बचने के लिए विशेष उपाय करने का विधान है। जेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) और आधुनिक सर्च एल्गोरिदम को ध्यान में रखते हुए आज के पंचांग के सभी प्रमुख घटकों—तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, भद्रा और पंचक—की विस्तृत और सटीक जानकारी यहाँ प्रस्तुत की जा रही है ताकि आप अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकें।
तिथि, नक्षत्र और चंद्र राशि की स्थिति
पंचांगीय गणना के अनुसार आज सावन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो रात्रि के समय 11 बजकर 08 मिनट तक प्रभावी रहेगी और इसके पश्चात चतुर्थी तिथि का आरंभ हो जाएगा। नक्षत्रों की बात करें तो आज पूरे दिन और रात्रि में 08 बजकर 46 मिनट तक शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव बना रहेगा, जिसके बाद पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से शतभिषा नक्षत्र को परिवर्तन और गतिशीलता का प्रतीक माना जाता है। वहीं, आज चंद्रमा का गोचर कुंभ राशि में हो रहा है, जो बौद्धिक विकास और तकनीकी कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। आज के दिन शोभन योग का निर्माण हो रहा है, जो रात्रि 11 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। यह योग कार्यों में सफलता और सकारात्मक परिणाम देने वाला माना गया है। करण की दृष्टि से दिन के शुरुआती भाग में वणिज करण रहेगा, जो व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उत्तम माना जाता है।
राहुकाल और अन्य अशुभ समय की पूरी जानकारी
हिंदू पंचांग में कुछ समय ऐसे होते हैं जिन्हें ज्योतिषीय रूप से अशुभ माना जाता है और इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य या नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। आज 1 अगस्त 2026 को राहुकाल का समय सुबह 09 बजकर 05 मिनट से शुरू होकर पूर्वाह्न 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में महत्वपूर्ण निर्णय लेने, वित्तीय लेनदेन करने या किसी भी प्रकार की नई यात्रा से परहेज करना चाहिए। राहुकाल के अलावा यमगण्ड काल दोपहर 03 बजकर 50 मिनट से शाम 05 बजकर 43 मिनट तक रहेगा और गुलिक काल सुबह 06 बजकर 24 मिनट से 08 बजकर 17 मिनट के बीच रहेगा। इन अशुभ मुहूरतों में यदि आप किसी जरूरी काम से बाहर निकल रहे हैं, तो अपने इष्टदेव का स्मरण कर और थोड़ा सा मीठा खाकर घर से प्रस्थान करें ताकि नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रभाव से बचा जा सके।
भद्रा और पंचक का साया: आज क्या बरतनी होगी सावधानी?
आज के पंचांग की सबसे खास बात यह है कि सावन के इस शनिवार को पंचक का साया पूरे दिन प्रभावी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि पर गोचर करते हैं, तब पंचक की स्थिति बनती है और इस दौरान विशेष सावधानियां बरतनी आवश्यक होती हैं। पंचक के दौरान लकड़ी का सामान खरीदना, घर की छत डलवाना या किसी नए निर्माण कार्य की शुरुआत करना वर्जित माना गया है। इसके साथ ही आज भद्रा काल का साया भी रहेगा, जिसकी शुरुआत सुबह 10 बजकर 52 मिनट से होगी और यह रात्रि 11 बजकर 07 मिनट तक बनी रहेगी। भद्रा काल के दौरान किसी भी शुभ, मांगलिक या हवन-अनुष्ठान जैसे कार्य नहीं किए जाते हैं। इसलिए यदि आपके पास कोई आवश्यक कार्य है, तो भद्रा और राहुकाल के समय को टालकर ही उसे पूरा करें ताकि जीवन में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े।
आज के शुभ मुहूर्त और सफलता पाने के अचूक उपाय
भले ही आज पूरे दिन पंचक और भद्रा का प्रभाव है, लेकिन कुछ विशेष मुहूर्त ऐसे भी हैं जिनमें आप अपने दैनिक या जरूरी कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न कर सकते हैं। आज दोपहर के समय अभिजीत मुहूर्त 01 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर दोपहर 02 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि को किसी भी नए और महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 04 बजकर 27 मिनट से 05 बजकर 28 मिनट तक और अमृत काल सुबह 09 बजकर 39 मिनट से 11 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। चूंकि आज शनिवार है, इसलिए सावन के महीने में भगवान शिव के साथ-साथ शनि देव की कृपा पाने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और गरीबों को अन्न या काले तिल का दान करना अत्यंत लाभकारी रहेगा। नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने से पंचक और गोचर जनित सभी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव स्वतः समाप्त हो जाते हैं।
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