संसद में बवाल: छात्रों पर पैलेट गन, राहुल-अखिलेश का अमित शाह पर सीधा वार

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) में बुधवार को माहौल उस वक्त बेहद गर्म हो गया, जब विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच सीधी जुबानी जंग छिड़ गई। गूगल डिस्कवर और एआई सर्च (GEO) पर इन दिनों ‘संसद की कार्यवाही’ सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले विषयों में से एक है। लोकसभा में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पैलेट गन (Pellet Gun) के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने इस पुलिसिया कार्रवाई के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसद आगबबूला हो गए और उन्होंने जोरदार आपत्ति जताते हुए राहुल गांधी से तुरंत माफी मांगने की मांग की।

अखिलेश यादव ने किया राहुल गांधी का मजबूती से बचाव

सदन में हंगामा बढ़ता देख समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोर्चा संभाला और वे राहुल गांधी के बचाव में खड़े नजर आए। आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के नजरिए से अखिलेश का बयान काफी अहम है। उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, “छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठियां भांजी गईं। इस कार्रवाई में कई मासूम युवा जख्मी हुए।” अखिलेश ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में घायल छात्रों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन विपक्ष को इसकी भनक लगने से पहले ही उन्हें आनन-फानन में छुट्टी देकर घर भेज दिया गया।

पुलिस कार्रवाई और गृह मंत्रालय की जवाबदेही पर सवाल

अखिलेश यादव ने सदन में सीधे तौर पर गृह मंत्रालय की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कड़े शब्दों में पूछा, “ये बहुत ही गंभीर सवाल हैं जिनका जवाब सरकार को देना ही होगा। देश की पुलिस और सशस्त्र बल सीधे तौर पर गृह मंत्रालय (Home Ministry) के अधीन काम करते हैं। अगर छात्रों पर यह हिंसक कार्रवाई सरकार के आदेश पर नहीं की गई, तो फिर ये फैसले किसके आदेश पर लिए गए? किसके निर्देश पर इस लाठीचार्ज को अंजाम दिया गया?” उनका यह बयान सोशल मीडिया और लोकल एसईओ (Local SEO) में तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश और दिल्ली के सियासी हलकों में हलचल तेज है।

‘लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026’ पर बिगड़ा माहौल

यह पूरा विवाद लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर हो रही अहम चर्चा के दौरान शुरू हुआ। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि अपने हक की आवाज उठा रहे बच्चों पर पैलेट गन और लाठियां गृह मंत्री के सीधे आदेश पर चलाई गई हैं। इसी एक लाइन ने सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक ला दी। सत्ता पक्ष के नेता लगातार इस बात पर अड़े रहे कि नेता प्रतिपक्ष अपने ‘निराधार’ आरोपों के लिए पूरे सदन और देश से माफी मांगें, जबकि विपक्ष अपनी मांग पर अडिग रहा।

पीएम मोदी और अमित शाह की अनुपस्थिति पर तंज

हंगामे के बीच विपक्ष ने एक और बड़ा मुद्दा उछाला। विपक्षी नेताओं ने सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर कड़े सवाल उठाए। विपक्ष का तर्क था कि जब छात्रों के भविष्य और देश के इतने महत्वपूर्ण ‘परीक्षा संशोधन विधेयक’ पर चर्चा हो रही है, तब सरकार के दोनों शीर्ष नेता सदन से नदारद हैं। इसी बीच राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि गृह मंत्री डरे हुए हैं और उनमें इतनी हिम्मत नहीं बची है कि वे सदन में आकर विपक्ष के सवालों का सामना कर सकें।

फिलहाल, जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए बल प्रयोग का मामला संसद के दोनों सदनों में तूल पकड़े हुए है। इस हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई, लेकिन विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग को लेकर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

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