कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा जा रहा है। कोलकाता के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में जारी भाजपा विधायक दल की बैठक से बड़ी खबर आ रही है कि शुभेंदु अधिकारी राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा है और विधायकों ने सर्वसम्मति से उन्हें अपना नेता चुन लिया है। बस कुछ ही देर में आधिकारिक घोषणा की औपचारिकता बाकी है।
दो सीटों पर जीत और ममता को करारी शिकस्त का इनाम
शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना उनकी कड़ी मेहनत और ‘जाइंट किलर’ वाली छवि का नतीजा माना जा रहा है। इस चुनाव में उन्होंने न केवल अपनी नंदीग्राम सीट को बरकरार रखा, बल्कि ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में घुसकर उन्हें 15 हजार से ज्यादा वोटों से शिकस्त दी। यह लगातार दूसरी बार है जब शुभेंदु ने तृणमूल सुप्रीमो को चुनावी मैदान में पटखनी दी है, जिसने उन्हें दिल्ली के केंद्रीय नेतृत्व, खासकर अमित शाह का सबसे भरोसेमंद चेहरा बना दिया है।
अमित शाह की मौजूदगी में हुआ फैसला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार सुबह ही कोलकाता पहुंच चुके थे। हवाई अड्डे पर खुद शुभेंदु अधिकारी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद शाह विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर पहुंचे, जहां 207 नवनिर्वाचित विधायकों के साथ मंथन हुआ। भाजपा ने इस बार 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है, जबकि 15 साल तक सत्ता में रही टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई है।
कल होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
बंगाल की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।
-
मुख्य अतिथि: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन।
-
विशिष्ट अतिथि: एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री।
-
कैबिनेट: शुभेंदु अधिकारी के साथ दो उपमुख्यमंत्री और करीब 15-20 मंत्री भी पद और गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं।
बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार
यह पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है। राज्यपाल आर.एन. रवि ने पहले ही विधानसभा भंग कर दी है और अब विधायक दल के नेता के चुनाव के बाद नई सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। शुभेंदु अधिकारी के सामने अब बंगाल की कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और चुनाव पूर्व किए गए वादों को पूरा करने की बड़ी चुनौती होगी।
The News 11 – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया