कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक दशक पहले जिस ‘थप्पड़’ कांड ने सुर्खियां बटोरी थीं, आज उसी की नायिका रूपा गांगुली राज्य की सत्ता में एक बड़ी भूमिका निभाने के करीब पहुंच गई हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि बंगाल की पहली भाजपा सरकार में रूपा गांगुली को उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया जा सकता है। 15 साल के ममता शासन के अंत के बाद, भाजपा अब अपने सबसे मुखर चेहरों को आगे करने की तैयारी में है।
2016 का वो वायरल वीडियो और रूपा का तेवर
साल 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान रूपा गांगुली का एक वीडियो खूब वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने हावड़ा में एक बूथ के बाहर टीएमसी कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया था। उस वक्त रूपा ने आरोप लगाया था कि टीएमसी के लोग मतदाताओं को डरा रहे हैं और उनके साथ बदसलूकी की गई। इस घटना ने उन्हें भाजपा समर्थकों के बीच ‘जुझारू नेता’ के रूप में स्थापित कर दिया था। अब 2026 में, जब भाजपा 208 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल कर चुकी है, रूपा के उसी आक्रामक तेवर को पार्टी बड़ी जिम्मेदारी से पुरस्कृत कर सकती है।
डिप्टी सीएम की रेस में तीन महिलाएं, रूपा सबसे आगे
माना जा रहा है कि बंगाल में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। महिला चेहरों में रूपा गांगुली का नाम सबसे ऊपर चल रहा है, लेकिन उनके साथ दो और कद्दावर नेता रेस में शामिल हैं:
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अग्निमित्रा पॉल: भाजपा का प्रमुख चेहरा और विधायक।
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लॉकेट चटर्जी: बंगाल की राजनीति में सक्रिय और प्रभावी आवाज।
इसके अलावा, उत्तर बंगाल और सिलीगुड़ी के समीकरणों को साधने के लिए शंकर घोष को भी दूसरे डिप्टी सीएम के रूप में देखा जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी का सीएम बनना ‘लगभग तय’
मुख्यमंत्री पद के लिए शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा है। ममता बनर्जी को उनके घर भवानीपुर और नंदीग्राम में धूल चटाने वाले शुभेंदु इस समय अमित शाह के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार बनकर उभरे हैं। हालांकि, भाजपा की ‘चौंकाने वाली’ राजनीति के मद्देनजर दिलीप घोष, सुकांत मजूमदार और समिक भट्टाचार्य के नामों की भी सुगबुगाहट है, लेकिन अधिकारी का पलड़ा सबसे भारी है।
बंगाल कैबिनेट का नया खाका
अमित शाह आज कोलकाता में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों के नामों पर मुहर लगेगी। भाजपा बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों—उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और जंगलमहल—को साधने के लिए एक संतुलित कैबिनेट बनाने पर जोर दे रही है। शनिवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी इस जीत को और भी भव्य बनाएगी।
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