India News Live,Digital Desk : हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक से बढ़कर एक दिग्गज गीतकार हुए हैं, जिनकी कलम से निकले रूहानी और रोमांटिक शब्दों को बड़े-बड़े गायकों ने अपनी आवाज देकर अमर बना दिया। आनंद बक्शी, साहिर लुधियानवी, गुलजार और जावेद अख्तर जैसे फनकारों ने गानों में साहित्य और लय का ऐसा संगम कराया जो सीधे दिल में उतर जाता है।
लेकिन मायानगरी मुंबई की इस फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसा अनोखा और बिंदास गीतकार भी हुआ, जिसने किसी भारी-भरकम उर्दू या हिंदी शब्दों के बजाय आम बोलचाल और टपोरी भाषा (Street Language) को ही चार्टबस्टर गानों में तब्दील कर दिया। इनके लिखे गानों को खुद बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्टनिस्ट’ आमिर खान और ‘किंग खान’ शाहरुख खान ने अपनी आवाज में गाया है। हम बात कर रहे हैं इंडस्ट्री के बेहद कल्ट और टैलेंटेड गीतकार नितिन रैकवार (Nitin Raikwar) की, जिनकी मदद के लिए एक समय खुद एवग्रीन स्टार अनिल कपूर आगे आए थे।
आमिर खान ने गाया ‘आती क्या खंडाला’ और गाना हो गया अमर
साल 1998 में निर्देशक विक्रम भट्ट की एक फिल्म आई थी ‘गुलाम’, जिसमें आमिर खान और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिकाओं में थे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो ठीक-ठाक रही, लेकिन इसका एक गाना भारतीय पॉप-कल्चर का हिस्सा बन गया। वह गाना था—’आती क्या खंडाला’।
इस गाने की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसमें कोई पारंपरिक संगीत या शायरी नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से एक लड़का और लड़की के बीच की आम बातचीत थी। गाने में ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि हीरो अपनी माशूका को मनाने के लिए कोई कठिन कविता गा रहा है, बल्कि वह बहुत ही कैजुअल अंदाज में उसे घूमने का ऑफर दे रहा है, जहां वह कहता है—’ऐ क्या बोलती तू?’, और हीरोइन जवाब देती है—’क्या मैं बोलूं… सुन, सुना, आती क्या खंडाला’। नितिन रैकवार के लिखे इस मज़ेदार गीत को खुद आमिर खान ने मशहूर सिंगर अलका याग्निक के साथ मिलकर गाया था, जो आज भी हर महफिल की जान है।
शाहरुख खान की फिल्म ‘जोश’ के लिए भी लिखा कल्ट टपोरी सॉन्ग
नितिन रैकवार का नाम भले ही बहुत से लोग न जानते हों, लेकिन उनके लिखे गानों को बच्चा-बच्चा गुनगुनाता है। आमिर खान के बाद बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने भी नितिन रैकवार की कलम के जादू को अपनी आवाज दी।
साल 2000 में आई मंसूर खान की सुपरहिट फिल्म ‘जोश’ में गोवा के क्रिश्चियन गैंग्स की कहानी दिखाई गई थी। इस फिल्म में शाहरुख खान पर एक बेहद मशहूर गाना फिल्माया गया था—’अपुन बोला तू मेरी लैला’। इस बेहद मजेदार और टपोरी स्टाइल वाले गाने को भी नितिन रैकवार ने ही लिखा था और इसे खुद शाहरुख खान ने अपनी बेहद रफ-एंड-टफ आवाज में गाकर ब्लॉकबस्टर बना दिया था।
अनिल कपूर ने अपने बंगले में दी रहने की जगह, अनीस बज्मी ने भी की मदद
नितिन रैकवार ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत साल 1996 में आई अनिल कपूर की फिल्म ‘लोफर’ से की थी। इस फिल्म में उनका लिखा गाना ‘तेरी तिरछी नजर में है जादू’ काफी पसंद किया गया था। इसके बाद उन्होंने ‘फटेला जेब सिल जाएगा’ और राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘कंपनी’ के लिए ‘शर्माना छोड़ डाला, आई लव यू बोल डाल’ जैसे कई कल्ट और सुपरहिट गाने लिखे। यहां तक कि जॉन अब्राहम ने भी उनकी लिखी फिल्म ‘वेलकम बैक’ का टाइटल ट्रैक गाया था।
नितिन रैकवार ने अपने एक इंटरव्यू में अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए एक बेहद भावुक खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि जब उनके पास मुंबई जैसे महंगे शहर में रहने का कोई ठिकाना नहीं था, तब अभिनेता अनिल कपूर ने एक बड़े भाई की तरह उनका हाथ थामा था। अनिल कपूर ने नितिन को अपने खुद के आलीशान बंगले में रहने के लिए जगह दे दी थी, जहां वे पूरे 5 साल तक रहे। इसके अलावा, मशहूर डायरेक्टर अनीस बज्मी ने भी नितिन की काफी मदद की और उन्हें रहने के लिए अपना सी-फेसिंग (समुद्र किनारे वाला) अपार्टमेंट दिया था। इंडस्ट्री के इन दिग्गजों के सहयोग और अपनी अनोखी लेखन शैली के दम पर नितिन रैकवार आज भी बॉलीवुड में एक्टिव हैं और लगातार बेहतरीन गाने लिख रहे हैं।
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