‘छक्का मारो, IPL ले चलूंगा’: यशस्वी जायसवाल ने डिकवेला को उकसाकर जाल में फंसाया, स्टंप माइक में कैद हुआ माइंडगेम और अगली ही गेंद पर मिल गया विकेट

क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती सिर्फ बल्ले और गेंद की जंग में नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के बीच मैदान पर चलने वाले मनोवैज्ञानिक युद्ध (Mind Games) और स्लेजिंग में भी छिपी होती है। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मुकाबले के 5वें दिन एक ऐसा ही रोमांचक और गुदगुदाने वाला वाकया देखने को मिला, जहां भारतीय युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अपनी बातों के जाल में श्रीलंकाई विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला को ऐसा उलझाया कि वे अपना आपा और एकाग्रता दोनों खो बैठे। जायसवाल ने क्लोज-इन फील्डिंग करते हुए डिकवेला को दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग यानी आईपीएल (IPL) का लालच देकर बड़ा शॉट खेलने के लिए उकसाया, और उनकी यह रणनीतिक चाल इतनी सटीक बैठी कि डिकवेला अगली ही कुछ गेंदों में अपना विकेट फेंककर पवेलियन लौट गए।

‘चलो दिखाओ, वहां मारो’: डिकवेला के क्रीज पर आते ही जायसवाल का प्रहार

गॉल टेस्ट के पांचवें दिन श्रीलंका की टीम भारत द्वारा दिए गए 372 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। कप्तान धनंजय डिसिल्वा (59) और सोनल दिनुशा (84) के बीच 95 रनों की जुझारू साझेदारी तोड़कर जब रवींद्र जडेजा ने भारत को पांचवीं सफलता दिलाई, तब अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला क्रीज पर उतरे। श्रीलंकाई टीम को मैच बचाने के लिए डिकवेला से एक लंबी और धैर्यपूर्ण पारी की उम्मीद थी।

लेकिन डिकवेला के क्रीज पर गार्ड लेते ही शॉर्ट लेग और स्लिप के नजदीक फील्डिंग कर रहे यशस्वी जायसवाल ने उन पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। जायसवाल ने पहली पारी में डिकवेला द्वारा लगाए गए आक्रामक शॉट्स की याद दिलाते हुए उनसे लेग साइड पर बड़ा शॉट खेलने की चुनौती दी। जायसवाल ने डीप स्क्वायर लेग की तरफ इशारा करते हुए कहा, “चलो यार, पहली पारी में बहुत सारे शॉट खेले थे। हमें कुछ देखना है, चलो। मैं देखना चाहता हूं, कम ऑन मुझे दिखाओ। उसे वहां मारो, चलो, क्यों नहीं मारते?”

‘मुझे IPL ले चलो फिर मारूंगा’: डिकवेला का जवाब और जायसवाल का मास्टरस्ट्रोक

जायसवाल के इस लगातार उकसावे पर डिकवेला खुद को जवाब देने से रोक नहीं पाए। दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई यह मजेदार नोकझोंक सीधे स्टंप माइक में रिकॉर्ड हो गई, जिसके शब्द कुछ इस प्रकार थे:

  • डिकवेला: “कोई जरूरत नहीं हमें। मुझे आईपीएल ले चलो, फिर मैं वहां मारकर दिखाऊंगा।”

  • जायसवाल: “हम ले चलेंगे, हम 100% ले चलेंगे। चलो, उस गेंदबाज (प्रसिद्ध कृष्णा) को छक्का मारो, मैं तुम्हें आईपीएल ले जाऊंगा।”

  • डिकवेला: “थैंक यू।”

जायसवाल का यह जवाब पूरी तरह से डिकवेला के दिमाग में घर कर गया। टेस्ट क्रिकेट के दबाव भरे माहौल में जहां एक-एक गेंद को डिफेंड करना जरूरी था, वहां जायसवाल की इस आईपीएल वाली चुनौती ने डिकवेला के ध्यान को पूरी तरह भटका दिया।

प्रसिद्ध कृष्णा की शॉर्ट बॉल पर चूके: 10 रन पर डिकवेला का काम तमाम

इस बातचीत के ठीक बाद तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने अपनी आक्रामक रणनीति शुरू की और डिकवेला को बैकफुट पर धकेलने के लिए शॉर्ट-पिच गेंदों की बौछार कर दी। जायसवाल द्वारा दी गई चुनौती के असर में आकर डिकवेला ने अपनी रक्षात्मक तकनीक को छोड़ते हुए ऑफ-साइड में एक तीखी उछलती गेंद पर जबरन बल्ला चला दिया।

गेंद की अतिरिक्त गति और उछाल के कारण बल्ले का बाहरी किनारा (Edge) लगा और विकेट के पीछे मुस्तैद खड़े विकेटकीपर ऋषभ पंत ने बिना कोई गलती किए आसान सा कैच लपक लिया। निरोशन डिकवेला महज 10 रन बनाकर सिर झुकाए पवेलियन की ओर चल पड़े। डिकवेला के आउट होते ही पूरी भारतीय टीम ने दौड़कर यशस्वी जायसवाल को गले लगा लिया क्योंकि सभी जानते थे कि इस विकेट की नींव जायसवाल की चतुर स्लेजिंग ने ही रखी थी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ स्टंप माइक का ऑडियो

मैदान पर हुई इस मजेदार घटना का वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गया। क्रिकेट फैंस और पूर्व दिग्गज जायसवाल के इस ‘स्मार्ट माइंडगेम’ की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्लेजिंग की एक ऐसी खूबसूरत मिसाल थी जिसमें कोई गाली-गलौज या मर्यादा का उल्लंघन नहीं था, बल्कि शुद्ध रूप से हास्य और क्रिकेटिंग बुद्धि का इस्तेमाल करके विपक्षी बल्लेबाज को जाल में फंसाया गया था। पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने भी कमेंट्री के दौरान कहा कि जायसवाल ने खेल के नियमों के भीतर रहकर टेस्ट क्रिकेट के पुराने और असरदार अंदाज में टीम को एक महत्वपूर्ण ब्रेकथ्रू दिलाया।

गॉल में भारत की 165 रनों से प्रचंड जीत

डिकवेला के आउट होते ही श्रीलंकाई निचला क्रम पूरी तरह बिखर गया। इसके बाद युवा लेफ्ट-आर्म स्पिनर मानव सुथार ने गेंद से ऐसा कहर बरपाया कि श्रीलंका की पूरी दूसरी पारी 206 रनों पर सिमट गई। भारत ने यह मुकाबला 165 रनों के बड़े अंतर से जीतकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।

इस मुकाबले में जहां देवदत्त पडिक्कल (167 रन), ऋषभ पंत (तेज अर्धशतक) और मानव सुथार (10 विकेट) ने मैदान पर अपनी तकनीक से मैच जिताया, वहीं यशस्वी जायसवाल ने अपने शब्दों और चातुर्य से साबित कर दिया कि टेस्ट क्रिकेट में मानसिक मजबूती ही सबसे बड़ा हथियार होती है।

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