
आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (World Test Championship – WTC) के इतिहास में निरंतरता और बड़े स्कोर बनाने के मामले में श्रीलंका के कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने एक नया और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। भारत के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन श्रीलंका की दूसरी पारी में 59 रनों की कप्तानी पारी खेलते हुए धनंजय डिसिल्वा ने न केवल अपनी टीम को संभाला, बल्कि डब्ल्यूटीसी में श्रीलंकाई क्रिकेट का सबसे बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इस अर्धशतक के साथ ही डिसिल्वा ने डब्ल्यूटीसी के पूरे इतिहास में सबसे ज्यादा पचास से अधिक (50+) स्कोर बनाने वाले बल्लेबाजों की वैश्विक सूची में भारतीय स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत और दिग्गज स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की बराबरी कर ली है।
गॉल में 151 गेंदों पर 59 रन: संकट के समय लड़ी कप्तानी पारी
भारत द्वारा दिए गए 372 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम ने चौथे दिन के खेल तक 84 रन पर अपने 4 शीर्ष विकेट गंवा दिए थे। मैच के पांचवें दिन कप्तान धनंजय डिसिल्वा, जो चौथे दिन 31 रन बनाकर नाबाद थे, ने सोनल दिनुशा के साथ मिलकर भारतीय स्पिन आक्रमण का डटकर सामना किया।
डिसिल्वा ने 151 गेंदों का सामना करते हुए 7 चौकों की मदद से 59 रनों की संयमित पारी खेली और पांचवें विकेट के लिए 95 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। यह उनके टेस्ट करियर का 20वां अर्धशतक था। हालांकि पहली पारी (21 रन) की तरह दूसरी पारी में भी भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने ही उन्हें आउट किया, लेकिन पवेलियन लौटने से पहले डिसिल्वा डब्ल्यूटीसी के रिकॉर्ड बुक्स में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करवा चुके थे।
WTC में 23वीं बार 50+ स्कोर: पंत और जडेजा के क्लब में एंट्री
साल 2019 में शुरू हुई वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के चक्र में धनंजय डिसिल्वा का यह 38वां टेस्ट मैच था। इस दौरान उन्होंने 23वीं बार 50 या उससे अधिक रनों की पारी खेलने का करिश्मा कर दिखाया। डब्ल्यूटीसी में उनके नाम अब तक 9 शतक और 14 अर्धशतक दर्ज हो चुके हैं।
इस आंकड़े के साथ ही डिसिल्वा डब्ल्यूटीसी में सर्वाधिक 50+ स्कोर बनाने वाले खिलाड़ियों की ऑल-टाइम लिस्ट में संयुक्त रूप से 9वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने भारतीय सितारों के इन आंकड़ों की बराबरी की:
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ऋषभ पंत (भारत): 41 टेस्ट मैचों में 23 बार 50+ स्कोर (6 शतक, 17 अर्धशतक)।
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रवींद्र जडेजा (भारत): 49 टेस्ट मैचों में 23 बार 50+ स्कोर (5 शतक, 18 अर्धशतक)।
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धनंजय डिसिल्वा (श्रीलंका): मात्र 38 टेस्ट मैचों में 23 बार 50+ स्कोर (9 शतक, 14 अर्धशतक)।
दिनेश चांदीमल और दिमुथ करुणारत्ने को पछाड़ा: बने श्रीलंका के नंबर-1 बल्लेबाज
धनंजय डिसिल्वा की यह पारी श्रीलंकाई टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के लिहाज से भी बेहद खास बन गई है। वह अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में श्रीलंका के लिए सबसे ज्यादा 50+ पारियां खेलने वाले शीर्ष बल्लेबाज बन गए हैं।
इससे पहले यह श्रीलंकाई रिकॉर्ड पूर्व कप्तानों दिनेश चांदीमल (22 बार) और दिमुथ करुणारत्ने (22 बार) के नाम दर्ज था। डिसिल्वा ने अपने इन दोनों सीनियर साथियों को पीछे छोड़ते हुए 23वीं बार यह मुकाम हासिल किया और श्रीलंकाई बल्लेबाजी के नए कीर्तिमान स्थापित किए।
WTC में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले टॉप 10 बल्लेबाज
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में सबसे ज्यादा पचास से अधिक का स्कोर बनाने वाले दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों की सूची पर नजर डालें तो इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट सबसे शिखर पर अजेय बने हुए हैं:
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जो रूट (इंग्लैंड): 77 टेस्ट में 46 बार 50+ स्कोर (23 शतक, 23 अर्धशतक)
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मार्नस लाबुशेन (ऑस्ट्रेलिया): 59 टेस्ट में 35 बार 50+ स्कोर (11 शतक, 24 अर्धशतक)
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स्टीव स्मिथ (ऑस्ट्रेलिया): 59 टेस्ट में 35 बार 50+ स्कोर (14 शतक, 21 अर्धशतक)
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बाबर आजम (पाकिस्तान): 30 बार 50+ स्कोर
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बेन स्टोक्स (इंग्लैंड): 27 बार 50+ स्कोर
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ट्रैविस हेड (ऑस्ट्रेलिया): 26 बार 50+ स्कोर
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हैरी ब्रूक (इंग्लैंड): 24 बार 50+ स्कोर
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जैक क्रॉली (इंग्लैंड): 24 बार 50+ स्कोर
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रवींद्र जडेजा (भारत): 23 बार 50+ स्कोर
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ऋषभ पंत (भारत): 23 बार 50+ स्कोर
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धनंजय डिसिल्वा (श्रीलंका): 23 बार 50+ स्कोर
मध्यक्रम के संकटमोचक: क्यों खास है डिसिल्वा की यह उपलब्धि?
धनंजय डिसिल्वा की यह उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि वे विशुद्ध टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि वे अक्सर नंबर 5 या नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने उतरते हैं जहां नई और पुरानी गेंद के बीच पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ पारी को संभालना सबसे कठिन काम होता है।
2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले डिसिल्वा ने मुश्किल पिचों और दबाव की परिस्थितियों में लगातार रन बनाकर खुद को विश्व टेस्ट क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर्स में स्थापित किया है। पंत और जडेजा जैसे मैच विनर्स के क्लब में शामिल होकर उन्होंने साबित कर दिया है कि श्रीलंकाई टेस्ट टीम के कप्तान के तौर पर उनकी बल्लेबाजी टीम की सबसे बड़ी रीढ़ है।
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