अयोध्या/कानून-व्यवस्था डेस्क: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में राम भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान में हेराफेरी (Ram Mandir Donation Scam) का मामला अब देश का सबसे बड़ा सियासी और प्रशासनिक विवाद बन चुका है. इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें खोल रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट में मंदिर के डोनेशन मैनेजमेंट सिस्टम को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर परिसर के भीतर सुरक्षा के कड़े नियमों (SOP) की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं, जिसका फायदा उठाकर करीब 80 लाख रुपये पार कर दिए गए. इस मामले में अब तक कैश काउंटिंग यूनिट से जुड़े 8 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है.
SIT जांच में सामने आया सुरक्षा नियमों (SOP) का खौफनाक उल्लंघन
साल 2025 में राम मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष अधिकारियों और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के प्रतिनिधियों ने मिलकर डोनेशन रूम की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए कुछ बेहद कड़े नियम (Standard Operating Procedure) बनाए थे. लेकिन जमीनी स्तर पर इन नियमों का क्या हाल था, इसे एसआईटी ने बिंदुवार उजागर किया है:
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ड्रेस कोड का मजाक: नियमों के तहत नोटों की गिनती करने वाले पूरे स्टाफ के लिए एक विशेष ड्रेस कोड अनिवार्य था, जिसके मुताबिक उन्हें बिना जेब (Pocketless) वाले कपड़े पहनने थे ताकि कोई भी नोट छिपा न सके. जांच में सामने आया कि इस सबसे जरूरी नियम को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया था.
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गार्ड और चेकिंग गायब: कैश काउंटिंग रूम में आने-जाने वाले हर शख्स की सख्त फिजिकल चेकिंग होनी थी और वहां ‘सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज’ (SIS) का सशस्त्र गार्ड तैनात रहना था. लेकिन हकीकत में न तो कोई चेकिंग हो रही थी और न ही वहां कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद था.
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6 महीने का CCTV बैकअप गायब: सुरक्षा मानकों के अनुसार, नोटों की गिनती वाले संवेदनशील कमरे की सीसीटीवी फुटेज को 180 दिनों (6 महीने) तक सुरक्षित रखना कानूनी रूप से अनिवार्य था. लेकिन बड़ी चालाकी से फुटेज को सिर्फ 45 दिनों में ही डिलीट (मिटा) कर दिया गया, ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें.
चंपत राय के पूर्व ड्राइवर ‘टिन्नू’ के पास थीं दानपात्रों की चाबियां
SIT की रिपोर्ट में सबसे सनसनीखेज खुलासा राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के पूर्व ड्राइवर रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर हुआ है.
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ऐसे रचा गया चक्रव्यूह: सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर कई मुख्य ‘हुंडियों’ (दानपात्रों) की चाबियां टिन्नू यादव को सौंप दी गई थीं. टिन्नू ने चाबियों का दुरुपयोग कर दानपात्रों से पैसे गायब किए. इतना ही नहीं, उसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने एक करीबी रिश्तेदार मनीष कुमार यादव को भी मंदिर की कैश-काउंटिंग यूनिट में नौकरी पर रखवा दिया था ताकि अंदर का पूरा ‘खेल’ सुरक्षित रहे.
बाथरूम से मिले थे ₹2.5 लाख, अब तक ₹80 लाख की भारी रिकवरी
इस महाघोटाले की भनक तब लगी जब एसआईटी के गठन से कुछ दिन पहले, डोनेशन काउंटिंग रूम के पास बने एक बाथरूम से ₹2.5 लाख नकद लावारिस हालत में बरामद हुए थे. इसके बाद तुरंत एक्शन में आई पुलिस और एसआईटी ने अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की निशानदेही पर करीब ₹80 लाख कैश और कुछ विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) बरामद कर ली है. कोर्ट ने सभी 8 आरोपियों को सोमवार तक के लिए न्यायिक हिरासत (Jail) में भेज दिया है.
6 दिनों में SIT ने किया पर्दाफाश: जानिए विवाद की पूरी टाइमलाइन
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7 जून: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले राम मंदिर के चढ़ावे में भारी हेराफेरी का मुद्दा उठाकर सियासी गलियारों में हड़कंप मचाया. शुरुआती तौर पर चंपत राय ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि इंटरनल ऑडिट में सब ठीक है.
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13 जून: आरोपों की गंभीरता और चौतरफा दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए तुरंत SIT (विशेष जांच टीम) का गठन किया.
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23 जून: एसआईटी ने महज 6 दिनों की ताबड़तोड़ जांच के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी.
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25 जून: रिपोर्ट के आधार पर अयोध्या पुलिस ने तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर गिरफ्तारियां शुरू कर दीं.
सलाखों के पीछे पहुंचे ये 8 मुख्य आरोपी (SIT लिस्ट)
पुलिस ने एसआईटी की क्लोज-रिपोर्ट के आधार पर जिन 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम और भूमिकाएं इस प्रकार हैं:
| क्र.सं. | आरोपी का नाम | मंदिर/ट्रस्ट में पद व भूमिका |
| 1. | सुभाष श्रीवास्तव | डोनेशन काउंटिंग इन-चार्ज (मुख्य आरोपी) |
| 2. | रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव | चंपत राय का पूर्व ड्राइवर (चाबियों का कस्टोडियन) |
| 3. | मनीष कुमार यादव | टिन्नू यादव का रिश्तेदार (कैश काउंटर स्टाफ) |
| 4. | अविनाश शुक्ला | कैश काउंटिंग स्टाफ |
| 5. | अनुकल्प मिश्रा | कैश काउंटिंग स्टाफ |
| 6. | लवकुश मिश्रा | कैश काउंटिंग स्टाफ |
| 7. | करुणेश पांडे | कैश काउंटिंग स्टाफ |
| 8. | रामाशंकर मिश्रा | कैश काउंटिंग स्टाफ |
आगे क्या? न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) के मुताबिक, जनवरी 2024 में हुई प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से और खासकर हाल ही में संपन्न हुए प्रयागराज महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से करोड़ों का चढ़ावा अयोध्या पहुंचा है. इस बड़ी सुरक्षा चूक और बदइंतजामी के सामने आने के बाद, अब उत्तर प्रदेश सरकार और शीर्ष संगठन राम मंदिर के पूरे प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे (Management System) में आमूल-चूल और ऐतिहासिक फेरबदल करने की तैयारी में हैं.
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