लंदन: महिला टी-20 विश्व कप 2026 अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। ग्रुप ए के अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सामना रविवार को अजेय ऑस्ट्रेलियाई टीम से होगा। लंदन की धरती पर होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए किसी क्वार्टर फाइनल से कम नहीं है। अगर हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम को सेमीफाइनल में जगह बनानी है, तो उन्हें खेल के हर विभाग—बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
ग्रुप ए में सेमीफाइनल की रेस बेहद पेचीदा हो गई है। दक्षिण अफ्रीका 6 अंकों के साथ लॉर्ड्स में बांग्लादेश (4 अंक) से भिड़ेगा। वहीं भारत (6 अंक) का सामना अंक तालिका में शीर्ष पर चल रही ऑस्ट्रेलिया (8 अंक) से होना है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए समीकरण बिल्कुल साफ है—आगे बढ़ना है, तो कंगारुओं को हराना ही होगा।
समीकरणों का जाल: हार से खत्म हो सकता है सफर, जीत दिलाएगी सेमीफाइनल का टिकट
बांग्लादेश के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका के बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड (12 मैचों में 9-2) को देखते हुए यह माना जा रहा है कि प्रोटीज टीम अपनी जीत दर्ज कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो भारत को क्वालीफाई करने के लिए ऑस्ट्रेलिया को हर हाल में मात देनी होगी। ऑस्ट्रेलिया 8 अंकों और +4.724 के जबरदस्त नेट रन रेट के साथ पहले ही सुरक्षित स्थिति में है, जिससे वह हार के बाद भी आगे बढ़ सकता है।
हालांकि, अगर बांग्लादेश उलटफेर करते हुए दक्षिण अफ्रीका को हरा देता है, तो भारत पर से दबाव थोड़ा कम हो जाएगा। ऐसी स्थिति में, हारने के बावजूद भारत अंतिम चार में पहुंच सकता है, बशर्ते उसका नेट रन रेट दक्षिण अफ्रीका के मौजूदा 0.734 से बेहतर (फिलहाल 2.268) बना रहे।
फ्लॉप मिडिल ऑर्डर और खराब फील्डिंग बनी टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी
टूर्नामेंट की शुरुआत में भारत के लिए ओपनिंग जोड़ी की फॉर्म चिंता का विषय थी, लेकिन उप-कप्तान स्मृति मंधाना (167 रन) और शेफाली वर्मा (145 रन) ने शानदार वापसी करते हुए इस चिंता को दूर कर दिया है। अब असली समस्या टीम का मिडिल ऑर्डर बन गया है। कप्तान हरमनप्रीत कौर (85 रन) और जेमिमा रोड्रिग्स (58 रन) जैसे बड़े नाम उम्मीद के मुताबिक रन बनाने में नाकाम रहे हैं।
इसके अलावा, भारतीय टीम की खराब फील्डिंग मुख्य कोच अमोल मजूमदार के लिए सिरदर्द बनी हुई है। पिछले दो मैचों में भारतीय खिलाड़ियों ने छह कैच टपकाए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कैच छोड़ना टीम को इतना भारी पड़ा कि मैच हाथ से निकल गया। अमोल मजूमदार और कप्तान हरमनप्रीत भली-भांति जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ एक भी कैच छोड़ना टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा सकता है। टीम की सर्वश्रेष्ठ फील्डर्स में से एक राधा यादव का आउट ऑफ फॉर्म होना भी चिंताजनक है, जिन्होंने पिछले मैचों में तीन कैच छोड़े हैं।
गेंदबाजी में श्री चरणी का जलवा, लेकिन चाहिए बाकी खिलाड़ियों का साथ
भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो युवा सनसनी श्री चरणी कमाल के फॉर्म में हैं। उन्होंने अब तक खेले 4 मैचों में घातक गेंदबाजी करते हुए 12 विकेट चटकाए हैं। लेकिन टूर्नामेंट जीतने के लिए सिर्फ एक गेंदबाज का चलना काफी नहीं है; उन्हें दूसरे छोर से रेणुका सिंह और दीप्ति शर्मा जैसी अनुभवी गेंदबाजों के मजबूत समर्थन की जरूरत होगी।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। चोट के कारण पिछले तीन मैचों से बाहर रहीं आक्रामक बल्लेबाज फीबी लिचफील्ड की वापसी से कंगारू टीम और मजबूत हो गई है। लिचफील्ड को विशेष रूप से भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ रन बनाना पसंद है, जिससे भारतीय रणनीति को कड़ी चुनौती मिलेगी। हालांकि, भारतीय टीम के पास अतीत में वनडे विश्व कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने की सुनहरी यादें हैं, जहां जेमिमा रोड्रिग्स की शानदार पारी ने भारत को जीत दिलाई थी। हरमनप्रीत सेना इसी इतिहास को दोहराने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
दोनों टीमों का संभावित स्क्वॉड (Squads):
-
भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, राधा यादव।
-
ऑस्ट्रेलिया: सोफी मोलिनी (कप्तान), फीबी लिचफील्ड, बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, ताहलिया मैकग्रा (उप-कप्तान), एशले गार्डनर, किम गार्थ, लूसी हैमिल्टन, ग्रेस हैरिस, अलाना किंग, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, मेगन शट, जॉर्जिया वेयरहैम।
The News 11 – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया