अगरतला/राजनीतिक डेस्क: त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर लोकसभा सांसद विप्लब कुमार देब (Biplab Kumar Deb) एक बार फिर शादी के बंधन में बंध गए हैं. 54 वर्षीय विप्लब देब ने कन्नड़ सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री त्रिवेणी राव (Triveni Rao) के साथ सात फेरे लिए हैं.
सूत्रों के मुताबिक, यह हाई-प्रोफाइल शादी 19 जून 2026 को दिल्ली में बेहद निजी तरीके से संपन्न हुई थी, जिसे मीडिया की चकाचौंध से पूरी तरह दूर रखा गया था. हालांकि, हाल ही में त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के एक फाइव-स्टार होटल में आयोजित हुए भव्य रिसेप्शन (Grand Reception) की तस्वीरें सामने आने के बाद इस बात का आधिकारिक खुलासा हुआ.
कौन हैं विप्लब देब की दूसरी पत्नी त्रिवेणी राव?
विप्लब देब की पत्नी बनीं त्रिवेणी राव दक्षिण भारतीय सिनेमा, विशेषकर कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री का एक लोकप्रिय और जाना-पहचाना चेहरा हैं. उन्होंने कन्नड़ जगत की कई बेहतरीन और हिट फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. त्रिवेणी को मुख्य रूप से ‘तंगारू’ (Tangali), ‘युवरत्ना’ (Yuvarathnaa) और ‘बाबू मार्ले’ जैसी फिल्मों में निभाए गए उनके शानदार और अहम किरदारों के लिए जाना जाता है.
25 साल पुराना रिश्ता टूटने के बाद दूसरी शादी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बेहद करीबी माने जाने वाले विप्लब देब की यह दूसरी शादी है:
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पहली पत्नी से हुआ था तलाक: विप्लब देब ने पिछले साल यानी 2025 में अपनी पहली पत्नी नीति देब (Niti Deb) से आपसी सहमति से तलाक ले लिया था.
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25 साल चला था रिश्ता: विप्लब और नीति की शादी साल 2001 में हुई थी और दोनों करीब 25 साल तक एक-दूसरे के साथ रहे. पहली शादी से उनके दो बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं.
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परिवार की मर्जी से किया विवाह: रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल तलाक होने के बाद विप्लब देब ने पूरा ध्यान अपनी राजनीति पर केंद्रित कर लिया था. लेकिन बाद में अपने परिवार के सदस्यों के आग्रह और रजामंदी के बाद उन्होंने अभिनेत्री त्रिवेणी राव के साथ नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया.
जिम ट्रेनर से मुख्यमंत्री तक: ऐसा रहा विप्लब देब का राजनीतिक सफर
भाजपा के सबसे मजबूत और कैडर-बेस नेताओं में शुमार विप्लब देब की अर्श तक पहुंचने की कहानी बेहद दिलचस्प है:
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शुरुआती जीवन: राजनीति में कदम रखने से पहले विप्लब देब देश की राजधानी दिल्ली में एक जिम का संचालन करते थे और बतौर जिम ट्रेनर काम करते थे.
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त्रिपुरा में वामपंथ का किला ढहाया: साल 2016 में भाजपा आलाकमान ने उन्हें त्रिपुरा में पार्टी की कमान सौंपते हुए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया. उस समय त्रिपुरा में दशकों पुराना वामपंथी (Left) शासन अपने चरम पर था. विप्लब देब ने जमीनी स्तर पर दिन-रात मेहनत की और 2018 के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर राज्य में पहली बार ‘भगवा झंडा’ फहरा दिया.
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सीएम से संसद का सफर: साल 2018 में वे त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बने. करीब 4 साल तक राज्य की बागडोर संभालने के बाद 2022 में उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा और बाद में उन्होंने लोकसभा चुनाव जीतकर संसद के निचले सदन में अपनी जगह बनाई.
भाजपा के संकटमोचक (Troubleshooter):
विप्लब देब को राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का एक बेहतरीन रणनीतिकार माना जाता है. हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें चुनाव प्रभारी बनाकर भेजा था, जहां उन्होंने अपनी संगठनात्मक क्षमता से भाजपा को प्रचंड जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई थी.
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