बॉलीवुड के ‘सीरियल किसर’ और यूथ आइकॉन कहे जाने वाले अभिनेता इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) की फिल्मों का एक दौर में बॉक्स ऑफिस पर सिक्का चलता था। खासकर उनकी फिल्मों के गानों का क्रेज ऐसा होता था कि फिल्म चले या न चले, उसका म्यूजिक एल्बम पहले ही ब्लॉकबस्टर हो जाता था।
आज से ठीक 22 साल पहले यानी साल 2004 में इमरान हाशमी की एक ऐसी ही फिल्म रिलीज हुई थी, जिसकी साधारण कहानी दर्शकों को थिएटर्स तक खींचने में नाकाम रही और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई। लेकिन इस फिल्म के गानों ने उस दौर में ऐसा तहलका मचाया कि ऑडियो कैसेट्स और सीडी (CDs) मिलियंस में बेची गईं। आज करीब दो दशक बीत जाने के बाद भी इस फिल्म के गाने हर आशिक की प्लेलिस्ट का अहम हिस्सा हैं। हम बात कर रहे हैं महेश भट्ट के प्रोडक्शन और अनुराग बसु के निर्देशन में बनी फिल्म ‘तुमसा नहीं देखा’ (Tumsa Nahin Dekha) की।
पहले ‘जरूरत’ था फिल्म का नाम, गानों ने युवाओं को बनाया दीवाना
बहुत कम लोग जानते हैं कि जब इस फिल्म पर काम शुरू हुआ था, तब इसका नाम ‘जरूरत’ रखा गया था। लेकिन मेकर्स को यह नाम कुछ खास नहीं लगा, इसलिए रिलीज से ठीक पहले इसे बदलकर ‘तुमसा नहीं देखा’ कर दिया गया। फिल्म में इमरान हाशमी के अपोजिट खूबसूरत एक्ट्रेस दीया मिर्ज़ा (Dia Mirza) मुख्य भूमिका में थीं।
भले ही यह फिल्म थिएटर्स में दर्शकों को तरस गई, लेकिन उस समय टेलीविजन और रेडियो पर इसके गानों का ही राज था। विशेष रूप से इमरान हाशमी पर फिल्माया गया गाना ‘ये धुआं धुआं सा रहने दो’ उस समय के युवाओं के बीच एक कल्ट सॉन्ग बन चुका था। इस एक गाने की बदौलत इमरान हाशमी रातों-रात लवर्स के पसंदीदा स्टार बन गए थे।
नदीम-श्रवण की जोड़ी ने तैयार की थी सदाबहार एल्बम
‘तुमसा नहीं देखा’ फिल्म में कुल 9 गाने शामिल किए गए थे, जिनमें से कुछ गानों के हैप्पी और सैड वर्जन्स थे। मूल रूप से इस फिल्म के 7 ओरिजिनल गानों ने संगीत की दुनिया में इतिहास रच दिया था। फिल्म के मुख्य ट्रैक इस प्रकार थे:
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‘भीड़ में तन्हाई में, दर्द की गहराई में… मुझे तुम याद आते हो’
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‘मुझे तुमसे मोहब्बत है’
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‘तन्हाइयां’
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‘वो हमसे खफा हैं मगर बात करने का जी चाहता है’
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‘ऐसा लगता है मैं हवा में हूं’
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‘मैंने सोच लिया’
इन सभी रूहानी गानों को 90 के दशक की मशहूर संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण ने कंपोज किया था, जबकि इनके दिल छू लेने वाले बोल दिग्गज गीतकार समीर अनजान ने लिखे थे। आज भी इन गानों को सुनकर 2000 के दशक की खूबसूरत यादें (Nostalgia) ताजा हो जाती हैं।
शूटिंग के बीच में ही डायरेक्टर अनुराग बसु को हुआ था ब्लड कैंसर
इस फिल्म के फ्लॉप होने और इसके गानों के हिट होने के पीछे एक बेहद भावुक और दर्दनाक कहानी भी छिपी हुई है। फिल्म का निर्देशन मशहूर डायरेक्टर अनुराग बसु (Anurag Basu) कर रहे थे। लेकिन जब फिल्म की शूटिंग चल रही थी, उसी दौरान अनुराग बसु को पता चला कि वे ‘ब्लड कैंसर’ (Leukemia) जैसी जानलेवा बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।
अनुराग बसु की तबीयत इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। ऐसी मुश्किल घड़ी में फिल्म को बीच में रुकने से बचाने के लिए प्रोड्यूसर मुकेश भट्ट ने कमान संभाली और फिल्म का बाकी बचा हुआ हिस्सा खुद डायरेक्ट किया। उदित नारायण, श्रेया घोषाल, शान, सोनू निगम और रूप कुमार राठौड़ जैसे दिग्गज गायकों की आवाज से सजी यह फिल्म भले ही व्यावसायिक रूप से असफल रही, लेकिन इसका म्यूजिक आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अनमोल रत्न की तरह चमक रहा है।
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