लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने के लिए ‘उत्तर-दक्षिण ग्रीनफील्ड कॉरिडोर’ परियोजना पर अपनी तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रस्तावित छह प्रमुख कॉरिडोर में से दो पर निर्माण कार्य बहुत जल्द शुरू होने वाला है। इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है और सरकार ने इन दोनों कॉरिडोर को अगले दो वर्षों (2028 तक) में पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
इन दो रूटों पर सबसे पहले दौड़ेगा काम
उत्तर प्रदेश को उत्तर से दक्षिण दिशा में सीधे जोड़ने के लिए तैयार किए गए इस मास्टरप्लान के तहत पहले चरण में दो रूटों को प्राथमिकता दी गई है:
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कुशीनगर-देवरिया से गाजीपुर-वाराणसी कॉरिडोर: यह करीब 220 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा। यह न केवल पूर्वांचल की आर्थिक स्थिति सुधारेगा बल्कि वाराणसी और कुशीनगर जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों को भी जोड़ेगा। इसमें से 57 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) करेगा।
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पिपरी-सिद्धार्थनगर से प्रयागराज कॉरिडोर: यह मार्ग नेपाल सीमा के निकट स्थित सिद्धार्थनगर को संगम नगरी प्रयागराज से सीधे जोड़ेगा। इसमें कुशीनगर के कसया से दोहरीघाट तक के महत्वपूर्ण खंड का काम भी PWD द्वारा किया जाएगा।
तीन बड़ी एजेंसियां मिलकर बदलेंगी यूपी की तस्वीर
इन कॉरिडोरों का निर्माण कार्य समन्वय के साथ किया जाएगा, जिसमें लोक निर्माण विभाग (PWD), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होने के कारण ये मार्ग घने आबादी वाले क्षेत्रों से हटकर बनेंगे, जिससे वाहनों की गति बढ़ेगी और यात्रा समय में 40% तक की कमी आने की उम्मीद है।
लखनऊ में ट्रैफिक अलर्ट: गोमती बैराज मरम्मत के चलते बदला रूट
एक ओर जहां नए कॉरिडोर की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर राजधानी लखनऊ में गोमती बैराज की मरम्मत का काम शुक्रवार से शुरू हो गया है। सिंचाई विभाग बैराज के 9 में से 4 गेटों को हाईटेक मशीनों के जरिए कंप्यूटराइज्ड करने जा रहा है।
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15 जून तक बंद रहेगा पुल: भारी मशीनरी और सुरक्षा कारणों से बैराज पुल को आम जनता के लिए 15 जून तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
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इन रास्तों पर बढ़ा दबाव: बैराज बंद होने से समता मूलक, निशातगंज और हनुमान सेतु पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है।
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वैकल्पिक मार्ग: ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन लागू किया है। अब वाहन 1090 चौराहा, बालू अड्डा, बैकुंठ धाम और ग्रीन कॉरिडोर तिराहा होकर आवाजाही कर सकेंगे।
मानसून से पहले जल प्रबंधन में होगा सुधार
सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के अनुसार, बैराज के गेटों की मरम्मत से नदी के जल प्रबंधन में सुधार होगा। यह कदम मानसून के दौरान लखनऊ के निचले इलाकों में होने वाले जलभराव के खतरे को कम करने के लिए उठाया गया है।
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