कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में ‘शुभेंदु युग’ के आगाज के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी गूँज सुनाई देने लगी है। भाजपा की ऐतिहासिक जीत और शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने उन्हें विशेष पत्र लिखकर हार्दिक बधाई दी है। हसीना ने उम्मीद जताई है कि अधिकारी के सक्षम नेतृत्व में पश्चिम बंगाल का विकास नई रफ्तार पकड़ेगा।
शेख हसीना की चिट्ठी: संबंधों में आएगी और प्रगाढ़ता
9 मई को लिखे गए अपने आधिकारिक पत्र में शेख हसीना ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की निर्णायक जीत की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और उनके पूरे मंत्रिमंडल के सफल कार्यकाल और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
पत्र के मुख्य बिंदु:
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विकास की नई गति: हसीना ने आशा व्यक्त की कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बंगाल का आर्थिक और सामाजिक विकास और तेज होगा।
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ऐतिहासिक संबंध: उन्होंने भारत और बांग्लादेश के बीच मित्रता और सहयोग के पुराने रिश्तों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की बात कही।
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जनता का कल्याण: पत्र में पश्चिम बंगाल की जनता की निरंतर समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की गई है।
शेख हसीना ने अपने पत्र का अंत ‘जय बांग्ला, जय बंगबंधु और बांग्लादेश अमर रहे’ के नारों के साथ किया, जो उनकी वैचारिक विरासत को दर्शाता है।
भारत में सुरक्षित प्रवास और कूटनीति
उल्लेखनीय है कि शेख हसीना पिछले कुछ समय से भारत में ही प्रवास कर रही हैं। बांग्लादेश में हुए हिंसक तख्तापलट और व्यापक प्रदर्शनों के बाद उन्हें अचानक देश छोड़ना पड़ा था, जिसके बाद भारत सरकार ने उन्हें नई दिल्ली में सुरक्षित स्थान पर ठहराया है। हसीना के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के संबंध अपने स्वर्ण युग में थे, यही वजह है कि संकट के समय में भारत मजबूती से उनके साथ खड़ा है।
बांग्लादेश सरकार की भी नजर: तीस्ता जल विवाद पर उम्मीद
सिर्फ शेख हसीना ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश की वर्तमान अंतरिम व्यवस्था और वहां के विपक्षी दलों ने भी भाजपा की जीत पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। बीएनपी (BNP) के सूचना सचिव अजीज़ुल बारी हेलाल ने उम्मीद जताई है कि कोलकाता में सत्ता परिवर्तन से ढाका और पश्चिम बंगाल के बीच द्विपक्षीय संबंधों में अधिक स्थिरता आएगी।
बांग्लादेश सरकार ने भाजपा की जीत के साथ ही लंबे समय से लंबित तीस्ता जल-बंटवारा समझौते पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया है। माना जा रहा है कि केंद्र और राज्य में एक ही दल (भाजपा) की सरकार होने से जटिल अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर आम सहमति बनाना पहले की तुलना में आसान हो सकता है।
बदलते समीकरण: ढाका से कोलकाता तक नई उम्मीदें
शेख हसीना का बधाई संदेश इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) अक्सर भाजपा पर हमला करने के लिए हसीना के संदर्भों का इस्तेमाल करती रही है। अब शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और जल बंटवारे जैसे संवेदनशील मुद्दों पर नई दिल्ली और कोलकाता की जुगलबंदी बांग्लादेश के साथ रिश्तों को किस नई दिशा में ले जाती है।
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