लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। बिहार, बंगाल और असम में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद अब उत्तर प्रदेश की बारी है। सूत्रों के मुताबिक, 12 मई के बाद किसी भी दिन राजभवन में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।
इस बार का विस्तार रणनीतिक रूप से बेहद खास है। मिशन 2027 (विधानसभा चुनाव) को ध्यान में रखते हुए भाजपा नेतृत्व ने तय किया है कि यह केवल ‘विस्तार’ होगा, ‘बदलाव’ नहीं। यानी न तो किसी पुराने मंत्री की छुट्टी होगी और न ही वर्तमान मंत्रियों के विभागों में कोई बड़ा फेरबदल किया जाएगा।
इन 6 नामों पर लग सकती है मुहर: रेस में ये चेहरे सबसे आगे
मंत्रिमंडल के इस विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की गई है। संभावित नामों में ये चेहरे सबसे ज्यादा चर्चा में हैं:
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पूजा पाल और मनोज पांडेय: सपा से आए इन बड़े चेहरों को मंत्री बनाकर भाजपा विपक्ष के वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी में है। पूजा पाल के जरिए महिला और पिछड़ा वर्ग कार्ड खेला जा सकता है।
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सुरेंद्र दिलेर और भूपेंद्र चौधरी: दलित और जाट समीकरणों को मजबूती देने के लिए इन नामों पर गंभीरता से विचार हो रहा है।
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अन्य दावेदार: पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, कृष्णा पासवान, संतोष सिंह, हंसराज विश्वकर्मा और आशा मौर्य के नाम भी रेस में शामिल हैं। इसके अलावा ब्रज क्षेत्र के एक प्रभावशाली विधायक और संगठन से जुड़े एक ब्राह्मण चेहरे को भी टीम योगी में जगह मिल सकती है।
क्यों नहीं हो रहा बड़ा बदलाव?
सियासी गलियारों में चर्चा थी कि कुछ मंत्रियों की कार्यशैली से केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री नाखुश हैं, जिससे उनकी छुट्टी तय मानी जा रही थी। हालांकि, विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण पार्टी के भीतर एक बड़े वर्ग का मानना है कि इस समय किसी को हटाने से जनता के बीच गलत संदेश जा सकता है।
मंत्रियों ने ली राहत की सांस: इस फैसले से उन उम्रदराज मंत्रियों और कम प्रदर्शन वाले चेहरों ने राहत की सांस ली है, जिन्हें बाहर किए जाने का डर सता रहा था। बीते कुछ दिनों से इनमें से कई मंत्रियों ने दिल्ली में डेरा डाल रखा था।
दिल्ली में लगेगी अंतिम मुहर
मंत्रिमंडल का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही दिल्ली जा सकते हैं, जहाँ शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक के बाद नामों पर अंतिम मुहर लग जाएगी। इसके बाद 12 मई के बाद किसी भी दिन शुभ मुहूर्त देखकर राज्यपाल नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी।
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