नई दिल्ली: महिलाओं की सेहत से जुड़ी एक ऐसी सच्चाई सामने आई है जो बेहद डरावनी है। अक्सर महिलाएं पेट फूलना, गैस, थकान या पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को घरेलू नुस्खों या पेनकिलर से दबा देती हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि ये मामूली से दिखने वाले लक्षण ‘ओवेरियन कैंसर’ (अंडाशय का कैंसर) के शुरुआती संकेत हो सकते हैं? चिकित्सा विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि इन ‘साइलेंट संकेतों’ को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।
क्यों कहा जाता है इसे ‘साइलेंट किलर’?
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के क्लिनिकल हेड ऑन्कोलॉजी नेटवर्क डॉ. हरित चतुर्वेदी ने बताया कि ओवेरियन कैंसर को ‘साइलेंट किलर’ का नाम दिया गया है। इसका कारण यह है कि इसके शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि महिलाएं इन्हें पहचान ही नहीं पातीं। जब तक बीमारी पकड़ में आती है, तब तक वह एडवांस स्टेज पर पहुंच चुकी होती है। बदलती जीवनशैली, मोटापा, तनाव और हार्मोनल असंतुलन इस खतरे को और ज्यादा बढ़ा रहे हैं।
भारत में ओवेरियन कैंसर के डराने वाले आंकड़े
आंकड़ों की बात करें तो भारत में हर साल ओवेरियन कैंसर के लगभग 47 हजार नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं। अकेले राजधानी दिल्ली में हर साल करीब 2200 महिलाएं इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित स्वास्थ्य जांच की कमी और लक्षणों के प्रति लापरवाही ही इन बढ़ते मामलों की मुख्य वजह है।
पेट दर्द और थकान को मामूली समझने की भूल न करें
शारदा केयर हेल्थसिटी के सीनियर कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. अनिंद्य मुखर्जी के अनुसार, इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती इसकी पहचान है। पेट में सूजन, गैस या भूख कम लगने जैसे लक्षणों को अक्सर पाचन संबंधी समस्या या मासिक धर्म (Periods) से जोड़कर देखा जाता है। डॉ. मुखर्जी ने महिलाओं से अपील की है कि यदि पेट फूलना, जल्दी पेट भर जाना या असामान्य थकान जैसे लक्षण लगातार बने रहें, तो बिना देरी किए विशेषज्ञ से सलाह लें।
आखिर क्या है ओवेरियन कैंसर और इसके प्रमुख कारण?
ओवेरियन कैंसर महिलाओं के अंडाशय (Ovaries) में होने वाला संक्रमण है। अंडाशय शरीर में अंडाणु बनाने का काम करते हैं। जब यहां की कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं, तो वे गांठ या ट्यूमर का रूप ले लेती हैं।
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प्रमुख कारण: बढ़ती उम्र, परिवार में कैंसर का इतिहास (Genetic), मोटापा, हार्मोनल बदलाव और खराब खान-पान।
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जागरूकता ही बचाव: समय पर स्क्रीनिंग और लक्षणों की पहचान से इस बीमारी का सफल उपचार संभव है।
इन संकेतों को आज ही पहचानें:
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लगातार पेट का फूलना (Bloating)।
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पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में दर्द।
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खाना खाने के तुरंत बाद पेट भरा हुआ महसूस होना।
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यूरिन पास करने की बार-बार इच्छा होना।
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बिना किसी कारण के लगातार कमजोरी और थकान।
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