
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में खड़े होकर उन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति और भारतीय सामाजिक व्यवस्था को लेकर की गई टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भारत का निर्माण नहीं किया, बल्कि हमेशा देश और समाज को बांटने का काम किया है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर महानायक और ‘अवध केसरी’ राणा बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘भाव समर्पण समारोह’ को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने साफ किया कि संविधान की शपथ लेने वाले नेता प्रतिपक्ष को देश की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लांछित करने का कोई अधिकार नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पर Live Hindustan की रिपोर्ट में भी प्रमुखता से प्रकाश डाला गया है।
राहुल के गढ़ रायबरेली से सीएम योगी का सीधा प्रहार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली प्रवास के दौरान करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से बने भव्य नवनिर्मित प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया और राणा चौक पहुंचकर अमर बलिदानी राणा बेनी माधव बख्श सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सीधे तौर पर स्थानीय सांसद राहुल गांधी की राजनीतिक कार्यशैली को आड़े हाथों लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायबरेली की जनता ने एक परिवार को कई दशकों तक सिर आंखों पर बैठाया और ढोया, लेकिन बदले में उस परिवार ने इस ऐतिहासिक धरती के सामने पहचान का गहरा संकट खड़ा कर दिया। देश की संसद की सबसे बड़ी पंचायत में विपक्ष के नेता के रूप में जो गरिमा और रचनात्मक भूमिका अपेक्षित थी, उसे पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। जब भी देश के गौरव की बात आती है, कांग्रेस नेतृत्व नकारात्मक राजनीति के दलदल में धंसता नजर आता है।
‘मनुस्मृति’ पर राहुल के बयान पर योगी की नसीहत: अथर्ववेद और मत्स्य पुराण पढ़ें
हाल ही में महाराष्ट्र में छात्राओं के साथ संवाद के दौरान राहुल गांधी ने मनुस्मृति का हवाला देते हुए महिलाओं को इसके कथित बंधनों को तोड़ने और पितृसत्तात्मक ढांचे को ध्वस्त करने का आह्वान किया था। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अल्पज्ञानी मानसिकता के साथ भारत के प्राचीन ग्रंथों पर टिप्पणी करना कांग्रेस की पुरानी फितरत रही है।
सीएम योगी ने कहा, “यदि राहुल जी को वास्तव में महर्षि मनु, मानवीय जीवन मूल्यों और सनातन समाज व्यवस्था के बारे में जानना है, तो उन्हें किसी पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने के बजाय अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण का गंभीर अध्ययन करना चाहिए। भारतीय संस्कृति में हर व्यक्ति के जीवन का आधार मातृशक्ति है—चाहे वह मां, बहन, पत्नी या बेटी के रूप में हो। हमारी सनातन परंपरा ने हमेशा नारी को पूजनीय और संरक्षण देने वाली शक्ति के रूप में देखा है। बिना शास्त्रों के अध्ययन के भारतीय संस्कृति को कठघरे में खड़ा करना केवल अज्ञानता को दर्शाता है।”
‘कांग्रेस ने देश बनाया नहीं, बांटा जरूर’—विभाजन और आपातकाल की याद
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के ऐतिहासिक दृष्टिकोण पर सवाल उठाते हुए याद दिलाया कि 1947 में देश का विभाजन कांग्रेस के पुराने नेतृत्व की नीतियों का ही परिणाम था, जिसके चलते लाखों निर्दोष नागरिकों को अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि जो दल आज संविधान और लोकतंत्र की दुहाई दे रहा है, उसी कांग्रेस ने 1975 में देश पर आपातकाल का काला साया थोपकर लोकतंत्र का गला घोंट दिया था।
इतना ही नहीं, अदालतों में हलफनामा देकर प्रभु श्रीराम के ऐतिहासिक अस्तित्व पर सवाल उठाने वाली पार्टी भी कांग्रेस ही थी। सीएम योगी ने कहा कि जिनकी आस्था कभी प्रभु राम में नहीं रही और जिन्होंने सनातन आस्था को हमेशा चोट पहुंचाई, वे आज जनता को नैतिकता और संविधान का पाठ पढ़ाने की हास्यास्पद कोशिश कर रहे हैं। इस वैचारिक टकराव के राजनीतिक आयामों का विश्लेषण The Federal की रिपोर्ट में भी रेखांकित किया गया है।
सेना से सबूत मांगने और वैश्विक मंचों पर देश को लांछित करने का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष की हरकतें राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ जाती दिखती हैं। जब देश की वीर सेना सीमाओं पर आतंकियों और दुश्मनों से लोहा लेती है, तो कांग्रेस के शीर्ष नेता शौर्य का उत्सव मनाने के बजाय सर्जिकल स्ट्राइक और सैन्य कार्रवाइयों के प्रमाण मांगने लगते हैं।
योगी ने कहा, “राहुल गांधी जब उत्तर प्रदेश की सीमा से बाहर जाते हैं, तो यूपी की 25 करोड़ जनता को अपमानित करते हैं, और जब वे भारत की सीमाओं से बाहर विदेशी धरती पर कदम रखते हैं, तो पूरे देश और उसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम करते हैं। देश के भीतर अर्बन नक्सलियों और अलगाववादी सोच को बढ़ावा देकर वर्तमान पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की साजिश रची जा रही है, जिसे देश का सजग नागरिक कभी स्वीकार नहीं करेगा।”
‘प्रधानमंत्री कोई व्यक्ति नहीं, 140 करोड़ भारतीयों की संस्था हैं’
विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगातार की जा रही अनर्गल बयानबाजी पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में प्रधानमंत्री का पद केवल एक व्यक्ति विशेष का नहीं होता, बल्कि वह 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक स्वाभिमान और संवैधानिक संस्था का प्रतिनिधित्व करता है।
जब नेता प्रतिपक्ष या कोई विपक्षी नेता प्रधानमंत्री पद के लिए अशोभनीय और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करता है, तो वह वास्तव में भारत की सर्वोच्च संस्था और हर भारतवासी का अपमान करता है। इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की साख को बट्टा लगाने का प्रयास किया जाता है, जो एक जिम्मेदार विपक्ष के आचरण के सर्वथा विपरीत है। इस संबंध में अधिक राजनीतिक संदर्भ The Economic Times की विस्तृत रिपोर्ट में भी देखा जा सकता है।
कांग्रेस के दोहरे चरित्र और दिखावे की राजनीति पर तीखा कटाक्ष
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं और प्रदेश नेतृत्व के आचरण में विरोधाभास को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस के नेता मंदिरों में दर्शन-पूजन का दिखावा कर हिंदू मतों को आकर्षित करने का स्वांग रचते हैं, वहीं दूसरी तरफ मंदिर की चौखट लांघते ही उनकी असलियत और वैचारिक पाखंड सामने आ जाता है।
योगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि गिरगिट भी अपने रंग बदलने की गति पर शर्मसार हो जाए, ऐसा दोहरा चरित्र कांग्रेस के नेता प्रदर्शित कर रहे हैं। आस्था कोई चुनावी स्टंट या राजनीतिक ढकोसला नहीं है, बल्कि यह जीवन का शाश्वत सत्य है। कांग्रेस की यह दोहरी नीति अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।
विकास की मुख्यधारा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संकल्प
अपने संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली और पूरे उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का खाका खींचा। उन्होंने कहा कि रायबरेली को अब उपेक्षा और राजनीतिक बंधक बनाए रखने के दौर से बाहर निकाला जा चुका है। एम्स, आधुनिक रिंग रोड, औद्योगिक गलियारे और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के जरिए जिले को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता का आह्वान किया कि वे राणा बेनी माधव बख्श सिंह जैसे महानायकों के स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों पर चलते हुए उन ताकतों को करारा जवाब दें, जो भारत के गौरवशाली इतिहास और सनातन संस्कृति को मिटाने का कुत्सित प्रयास कर रही हैं। यह स्पष्ट संदेश है कि सनातन परंपरा और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी एजेंडे को उत्तर प्रदेश की धरती पर पैर पसारने नहीं दिया जाएगा।
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