
आधुनिक जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के कारण शरीर में यूरिक एसिड (Uric Acid) का बढ़ना एक बेहद आम और दर्दनाक समस्या बन चुका है। जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाती है, तो यह क्रिस्टल्स के रूप में जोड़ों में जमा होने लगता है। इसके कारण जोड़ों में असहनीय दर्द, सूजन और गठिया (Gout) जैसी गंभीर परेशानियां पैदा हो जाती हैं। लोग इस दर्द से निजात पाने के लिए सालों-साल दवाइयां खाते हैं, लेकिन अपने आहार में थोड़े से कड़े और सही बदलाव करके इस पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। प्रकृति ने हमें कुछ ऐसे फल दिए हैं जो यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालने में रामबाण साबित होते हैं।
1. चेरी (Cherries): यूरिक एसिड की सबसे बड़ी दुश्मन
यूरिक एसिड के मरीजों के लिए चेरी को किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है।
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एंथोसायनिन का पावरहाउस: चेरी में एंथोसायनिन (Anthocyanin) नामक बेहद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है।
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फायदे: यह एंटीऑक्सीडेंट न केवल शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को तेजी से कम करता है, बल्कि जोड़ों में होने वाले भयंकर दर्द और गाउट की सूजन को भी जड़ से खत्म करने में मदद करता है।
2. केला (Banana): कम प्यूरीन और पोटेशियम का खजाना
शरीर में यूरिक एसिड तब बनता है जब हम उच्च प्यूरीन (Purine) वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। ऐसे में केला एक बेहतरीन डाइट विकल्प है।
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लो-प्यूरीन डाइट: केले में प्यूरीन की मात्रा न के बराबर यानी बेहद कम होती है।
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किडनी को देता है ताकत: केला पोटेशियम का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो शरीर के लिक्विड बैलेंस (तरल संतुलन) को दुरुस्त रखता है। यह कूटनीतिक रूप से किडनी (गुर्दे) की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है, जिससे किडनी आसानी से यूरिक एसिड को फिल्टर करके शरीर से बाहर निकाल देती है।
3. संतरा और नींबू (Citrus Fruits): विटामिन सी का कमाल
संतरा, नींबू, मौसमी और कीवी जैसे खट्टे फल यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में बहुत सहायक होते हैं। इन फलों में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी (Vitamin C) पाया जाता है। विटामिन सी गुर्दे की क्षमता को बढ़ाता है, जिससे जोड़ों में जमा हुआ जिद्दी यूरिक एसिड यूरिन (मूत्र) के रास्ते बेहद आसानी से शरीर से फ्लश आउट हो जाता है।
4. अनानास (Pineapple): जोड़ों के दर्द की प्राकृतिक दवा
अनानास का सेवन यूरिक एसिड के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द में तुरंत राहत पहुंचाता है।
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ब्रोमेलिन एंजाइम: अनानास में ‘ब्रोमेलिन’ (Bromelain) नामक एक विशेष एंजाइम पाया जाता है, जो अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन रोधी) गुणों के लिए जाना जाता है।
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विषाक्त पदार्थों से मुक्ति: यह एंजाइम गठिया के लक्षणों को कम करता है। इसके साथ ही अनानास में पानी की मात्रा बहुत अच्छी होती है, जो शरीर को अंदर से डिटॉक्स कर सारे विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल देती है।
5. बेरीज (Berries): क्रिस्टल्स को जमने से रोकती हैं
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी और जामुन जैसे सभी प्रकार के बेरीज एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होते हैं। ये फल जोड़ों में यूरिक एसिड के नुकीले क्रिस्टल्स को बनने और जमने से रोकते हैं। नियमित रूप से बेरीज का सेवन करने से जोड़ों की अंदरूनी सूजन कम होती है और पुराना दर्द भी धीरे-धीरे गायब हो जाता है।
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