उत्तर प्रदेश में मानसून ने आखिरकार अपनी कड़ा रुख दिखाते हुए दस्तक दे दी है। इसके साथ ही प्रदेश के बड़े हिस्से में बादलों की आवाजाही और बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने कानपुर समेत राज्य के 25 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है, जिसमें भारी बारिश के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की कड़ी चेतावनी दी गई है। हालांकि, इस बारिश के बावजूद लोगों को फिलहाल भीषण और चिपचिपी उमस से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
कानपुर में तापमान गिरा पर उमस ने छुड़ाए पसीने
औद्योगिक नगरी कानपुर में बुधवार को दिनभर आसमान में घने काले बादल छाए रहे और शहर के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर 8.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस कूटनीतिक बदलाव के कारण शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री नीचे गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
तापमान में आई इस गिरावट के बावजूद लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। हवा की रफ्तार कम होने और वातावरण में भारी नमी होने के कारण घरों और दफ्तरों में कूलर-पंखे भी बेअसर साबित हुए और लोग पसीने से बेहाल नजर आए।
क्यों हो रही है इतनी चिपचिपी गर्मी? मौसम वैज्ञानिक का खुलासा
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मानसून की दस्तक के बाद इस तरह की उमस होना एक कड़ा प्राकृतिक कारण है।
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अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता (Humidity): हवा में नमी का स्तर 84 से 87 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है।
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वाष्पीकरण का असर: लगातार हो रही बारिश के बाद जमीन से होने वाले वाष्पीकरण (Evaporation) के कारण हवा भारी हो गई है।
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पसीना न सूखना: बंगाल की खाड़ी से आ रही अत्यधिक नमी युक्त हवाओं और कम वायु गति के कारण शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी सूख नहीं पाता, जिससे चिपचिपी उमस का अहसास ज्यादा होता है।
अगले 3-4 दिन कैसा रहेगा मौसम? IMD की चेतावनी
मौसम विभाग के कड़े पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के साथ हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने के पूरे आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिकों ने जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम और कड़े आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें और पूरी तरह सतर्क रहें।
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