‘विश्वनाथ एंड सन्स’ का बॉक्स ऑफिस पर जोरदार धमाका, सूर्या की फिल्म के आगे पस्त हुई सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’; इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ को भी दी कड़ी टक्कर

सिनेमाघरों में रिलीज का यह हफ्ता भारतीय बॉक्स ऑफिस के लिए बेहद नाटकीय और रोमांचक साबित हो रहा है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रिलीज हुई बड़ी फिल्मों के बीच टिकट खिड़की पर कब्जा जमाने की जो जंग शुरू हुई थी, उसके नतीजे अब पूरी तरह से साफ होने लगे हैं। साउथ के दिग्गज अभिनेता सूर्या की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा बवंडर खड़ा किया है कि बॉलीवुड की दो बड़ी फिल्में इसके सामने संघर्ष करती नजर आ रही हैं। एक तरफ जहां इस फिल्म ने सनी देओल और प्रीति जिंटा स्टारर मेगा बजट फिल्म ‘बंटवारा 1947’ को कमाई के मामले में काफी पीछे धकेल दिया है, वहीं दूसरी तरफ इमरान हाशमी की स्लीपर हिट साबित हो रही ‘आवारापन 2’ की रफ्तार पर भी गहरा असर डाला है।

‘विश्वनाथ एंड सन्स’ की तूफानी कमाई: 150 करोड़ क्लब में मारी शानदार एंट्री

साउथ सुपरस्टार सूर्या और चर्चित अभिनेत्री ममिता बैजू की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ शुरुआत से ही मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के दम पर आगे बढ़ रही थी। रिलीज के दूसरे हफ्ते में प्रवेश करने के बाद भी फिल्म की कमाई की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। ट्रेड एनालिटिक्स पोर्टल सैकनिल्क की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने भारत में 87 करोड़ रुपये से अधिक का शानदार नेट कलेक्शन कर लिया है, जबकि इसका ग्रॉस कलेक्शन 100 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी फिल्म का जलवा पूरी तरह से बरकरार है। ओवरसीज से लगातार आ रहे बेहतरीन आंकड़ों की बदौलत ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 150 करोड़ रुपये के मील के पत्थर को छूने के बेहद करीब पहुंच गया है। सूर्या के इंटेंस अभिनय, पारिवारिक ड्रामा और बेहतरीन कहानी के दम पर इस फिल्म ने दक्षिण भारत के साथ-साथ उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों में भी अपनी मजबूत पकड़ बना ली है।

इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ को ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ से मिली सीधी चुनौती

बॉलीवुड की बात करें तो अभिनेता इमरान हाशमी और दिशा पाटनी स्टारर ‘आवारापन 2’ ने रिलीज के शुरुआती दिनों में बॉक्स ऑफिस पर सबको चौंका दिया था। महज 45 करोड़ रुपये के नियंत्रित बजट में बनी इस फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन पार करके इमरान हाशमी के करियर की बतौर सोलो लीड सबसे बड़ी हिट का तमगा हासिल कर लिया।

हालांकि, वीकडेज में प्रवेश करते ही ‘आवारापन 2’ को ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ के बढ़ते शोज और ऑक्यूपेंसी से सीधी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है। कई मल्टीप्लेक्सों में जहां पहले ‘आवारापन 2’ को भारी स्क्रीन स्पेस दिया गया था, वहां सूर्या की फिल्म के प्रति दर्शकों की बढ़ती दीवानगी को देखते हुए थिएटर्स मालिकों ने ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ के शोज में इजाफा कर दिया है। इसके बावजूद, अपने कम बजट और 150 करोड़ से अधिक के वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन के चलते ‘आवारापन 2’ एक सुपरहिट फिल्म के तौर पर अपनी साख बचाए रखने में सफल रही है।

150 करोड़ी ‘बंटवारा 1947’ की हालत खस्ता, सनी देओल का नहीं चला एक्शन अवतार

इस पूरे क्लैश में सबसे बड़ा झटका बॉलीवुड के एक्शन स्टार सनी देओल को लगा है। ‘गदर 2’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ आई सनी देओल की ऐतिहासिक पीरियड ड्रामा फिल्म ‘बंटवारा 1947’ बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को तरसती नजर आ रही है। असगर वजाहत के मशहूर नाटक पर आधारित और आमिर खान द्वारा सह-निर्मित यह फिल्म लगभग 150 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में तैयार हुई थी।

शबाना आजमी, प्रीति जिंटा और सनी देओल जैसे दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी। रिलीज के एक हफ्ते बाद भी फिल्म घरेलू बॉक्स ऑफिस पर बमुश्किल 32 से 35 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन ही जुटा पाई है। फिल्म का कमजोर संगीत और खिंची हुई पटकथा दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही, जिसके चलते डिस्ट्रीब्यूटर्स और थिएटर्स को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

कंटेंट और इमोशन का जादू: क्यों छाई ‘विश्वनाथ एंड सन्स’?

फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ की इस जबर्दस्त सफलता के पीछे इसकी जमीनी और भावनात्मक कहानी है। जहां एक तरफ ‘बंटवारा 1947’ विभाजन के दर्द और ऐतिहासिक तनाव के इर्द-गिर्द घूमती है, वहीं ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ मानवीय रिश्तों, पिता-पुत्र के जटिल तालमेल और समाज के यथार्थ को बेहद संजीदगी से पर्दे पर पेश करती है।

सूर्या के करियर में यह फिल्म पोस्ट-कोविड दौर की सबसे बड़ी कमाऊ फिल्मों में से एक बनकर उभरी है। तमिल और अन्य डब भाषाओं में फिल्म को मिले पॉजिटिव रिव्यूज ने इसे एक लंबी रेस का घोड़ा बना दिया है। यही कारण है कि जहां बॉलीवुड की बड़ी फिल्में दूसरे हफ्ते में हांफने लगती हैं, वहीं यह फिल्म लगातार हाउसफुल बोर्ड लगाने में कामयाब हो रही है।

महानगरों से लेकर सिंगल स्क्रीन्स तक टिकट खिड़की का मिजाज

सिनेमा हॉलों की ऑक्यूपेंसी पर नजर डालें तो भौगोलिक स्तर पर तीनों फिल्मों का प्रदर्शन काफी अलग रहा है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ पहले दिन से ही एकतरफा बढ़त बनाए हुए है। उत्तर भारत के बड़े महानगरों जैसे मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, जयपुर और कोलकाता में भी फिल्म के इवनिंग और नाइट शोज में 50 से 65 प्रतिशत तक की ऑक्यूपेंसी दर्ज की जा रही है।

दूसरी ओर, ‘आवारापन 2’ को उत्तर भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में युवाओं का भरपूर समर्थन मिला है। लेकिन सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ पंजाब और दिल्ली के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के बाकी राज्यों में अपनी लागत निकालने के लिए भी कड़ा संघर्ष कर रही है।

आगामी रिलीज और स्क्रीन्स का नया गणित

बॉक्स ऑफिस के इस त्रिकोणीय मुकाबले के बीच अब सभी की निगाहें आने वाले शुक्रवार पर टिकी हैं। कन्नड़ सिनेमा के रॉकिंग स्टार यश की मेगा बजट फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज नजदीक है, जिसकी एडवांस बुकिंग ने पहले ही रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिया है।

ट्रेड पंडितों का अनुमान है कि ‘टॉक्सिक’ के आते ही देश भर की लगभग 70 प्रतिशत स्क्रीन्स यश की फिल्म के खाते में चली जाएंगी। ऐसे में ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ के पास अपने लाइफटाइम कलेक्शन को 175 करोड़ के पार ले जाने के लिए बेहद सीमित समय बचा है। फिलहाल, इस हफ्ते की जंग में सूर्या की फिल्म ने बॉलीवुड के दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए साबित कर दिया है कि सिनेमाघरों में केवल बजट नहीं, बल्कि दमदार कंटेंट ही असली राजा होता है।

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