
भोजपुरी सिनेमा के ‘पावर स्टार’ कहे जाने वाले अभिनेता और गायक पवन सिंह एक बार फिर अपनी पेशेवर जिंदगी से ज्यादा निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। पवन सिंह की निजी जिंदगी हमेशा से ही काफी उतार-चढ़ाव भरी और विवादों के केंद्र में रही है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान पवन सिंह ने अपनी दिवंगत पहली पत्नी नीलम को याद करते हुए उन्हें ‘देवी’ का दर्जा दिया और खुद को उनका गुनहगार बताते हुए भावुक बयान दिया था। पवन सिंह के इस बयान के बाद उनकी दूसरी पत्नी ज्योति सिंह का गुस्सा और दर्द एक बार फिर फूट पड़ा है। ज्योति सिंह ने सोशल मीडिया और मीडिया साक्षात्कारों के जरिए पवन सिंह पर तीखा पलटवार करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि वह नहीं चाहतीं कि कोई भी अन्य महिला उनकी तरह घुट-घुट कर जिंदगी बिताए।
पहली पत्नी नीलम को याद कर भावुक हुए थे पवन सिंह, कहा था- ‘वह देवी थीं’
पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब पवन सिंह ने एक पॉडकास्ट में अपनी पहली पत्नी नीलम सिंह का जिक्र किया। नीलम ने साल 2015 में मुंबई स्थित फ्लैट में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। पवन सिंह ने अपनी पुरानी गलतियों और उस दौर को याद करते हुए कहा था कि नीलम एक साधारण और बेहद पवित्र दिल की इंसान थीं, जो उनके लिए किसी ‘देवी’ से कम नहीं थीं। पवन सिंह ने अफसोस जताते हुए कहा था कि वह उस वक्त उनके महत्व और उनकी मासूमियत को ठीक से समझ नहीं पाए और आज जब वह नहीं हैं, तो उन्हें इस बात का गहरा मलाल हमेशा सताता है।
पवन सिंह का यह भावुक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और फैंस ने इसे एक इंसान के भीतर का सच्चा पश्चाताप माना। लेकिन इस बयान ने उनकी दूसरी पत्नी ज्योति सिंह के पुराने जख्मों को फिर से कुरेद दिया, जिसके बाद उन्होंने पवन सिंह के इस दोहरे रवैये पर कड़े सवाल खड़े कर दिए।
दूसरी पत्नी ज्योति सिंह का फूटा दर्द, बोलीं- ‘जिंदा रहते कद्र नहीं और जाने के बाद देवी’
पवन सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ज्योति सिंह ने बेहद कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। ज्योति सिंह ने कहा कि पवन सिंह की यह पुरानी आदत है कि जब कोई इंसान उनके साथ रहता है, तब वह उसकी कद्र नहीं करते, उस पर अत्याचार करते हैं और जब वह इंसान दुनिया छोड़ देता है या उनसे दूर हो जाता है, तब वह उसे देवी या देवता का दर्जा देने लगते हैं।
ज्योति सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि वह भगवान से प्रार्थना करती हैं कि जिस तरह का मानसिक और शारीरिक संताप उन्होंने झेला है, वैसा दर्द दुनिया की किसी भी बेटी या औरत को न झेलना पड़े। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि कोई और महिला उनकी तरह शादी के नाम पर रोज तिल-तिल कर मरे और अपने हक के लिए अदालतों के चक्कर काटे। ज्योति ने आरोप लगाया कि पवन सिंह बाहर से जितने सीधे और मासूम दिखते हैं, चारदीवारी के भीतर उनका व्यवहार उतना ही कठोर और असंवेदनशील रहा है।
साल 2018 में हुई थी शादी, कुछ ही महीनों में आ गई थी रिश्तों में दरार
पवन सिंह और उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली ज्योति सिंह की शादी मार्च 2018 में धूमधाम से हुई थी। पहली पत्नी के निधन और अभिनेत्री अक्षरा सिंह के साथ चले लंबे विवाद के बाद जब पवन ने ज्योति से शादी की थी, तो फैंस को लगा था कि अब उनका पारिवारिक जीवन पूरी तरह संभल जाएगा। लेकिन यह शादी ज्यादा दिनों तक शांतिपूर्ण नहीं चल सकी।
शादी के कुछ महीनों बाद ही दोनों के बीच अनबन की खबरें आने लगीं। ज्योति सिंह का आरोप है कि शादी के बाद उन्हें ससुराल में वह प्यार, सम्मान और अधिकार कभी नहीं मिला जिसकी एक नवविवाहिता उम्मीद करती है। उन्होंने पवन सिंह पर शराब के नशे में दुर्व्यवहार करने, मानसिक प्रताड़ना देने और जबरन गर्भपात (अबॉर्शन) कराने जैसे बेहद संगीन आरोप लगाए थे। दूसरी तरफ, पवन सिंह के करीबियों का हमेशा से यह तर्क रहा कि दोनों के बीच तालमेल और विचारों का बड़ा अंतर था, जिसके चलते रिश्ता नहीं चल सका।
आरा फैमिली कोर्ट में चल रहा है तलाक और भरण-पोषण का केस
दोनों के बीच का यह पारिवारिक विवाद पिछले कई सालों से बिहार के भोजपुर जिले की आरा फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। पवन सिंह ने ज्योति सिंह से अलग होने के लिए तलाक की अर्जी दाखिल की थी, जिसके जवाब में ज्योति सिंह ने घरेलू हिंसा, प्रताड़ना और भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) का दावा ठोका है।
अदालत में काउंसलिंग के कई दौर चले, जिनमें दोनों को साथ रहने या आपसी सहमति से समझौते के विकल्प दिए गए, लेकिन हर बार बात बेनतीजा ही रही। ज्योति सिंह ने अदालत से अपने सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक जीवनयापन के लिए एकमुश्त बड़ी रकम और मासिक गुजारा भत्ते की मांग की है। ज्योति का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय और उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक वह अपनी यह कानूनी लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेंगी।
लोकसभा चुनाव के दौरान भी चर्चा में आया था यह पारिवारिक विवाद
हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के दौरान भी पवन सिंह और ज्योति सिंह का यह रिश्ता खूब सुर्खियों में रहा था। जब पवन सिंह ने बिहार के काराकाट संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था, तब ज्योति सिंह ने अचानक काराकाट पहुंचकर पवन सिंह के समर्थन में चुनाव प्रचार किया था। उस वक्त दोनों की साथ में तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे, जिससे फैंस को लगा था कि दोनों के बीच सब कुछ ठीक हो गया है और वे एक नया जीवन शुरू करने जा रहे हैं।
लेकिन चुनाव परिणाम आने के कुछ ही दिनों बाद यह साफ हो गया कि वह सिर्फ एक राजनीतिक तालमेल था। चुनाव खत्म होते ही दोनों के रास्ते फिर अलग हो गए और ज्योति सिंह ने आरोप लगाया कि पवन सिंह ने सिर्फ अपने चुनावी फायदे के लिए उनका इस्तेमाल किया था और चुनाव खत्म होते ही उन्हें फिर से बेसहारा छोड़ दिया।
सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटे फैंस, भोजपुरी बेल्ट में गरमाई बहस
पवन सिंह और ज्योति सिंह के इस नए विवाद ने बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मुंबई में फैले करोड़ों भोजपुरी दर्शकों को दो हिस्सों में बांट दिया है। सोशल मीडिया पर एक वर्ग जहां पवन सिंह के स्टारडम, उनकी गायकी और उनके पश्चाताप का समर्थन कर रहा है, वहीं दूसरा बड़ा वर्ग ज्योति सिंह के समर्थन में खड़ा नजर आ रहा है। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और आम जनता का मानना है कि सेलिब्रिटी होने का मतलब यह नहीं है कि किसी महिला के आत्मसम्मान और अधिकारों को कुचला जाए।
स्टारडम की चमक-दमक के पीछे पवन सिंह की यह उलझी हुई निजी जिंदगी उनके करियर पर भी बार-बार असर डालती रही है। अब यह देखना बेहद अहम होगा कि अदालत में चल रहे इस कानूनी विवाद का क्या अंतिम फैसला निकलता है और क्या दोनों कभी आपसी सहमति से इस कड़वाहट भरे रिश्ते को सम्मानजनक अंत दे पाएंगे।
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