‘देश को आजादी कांग्रेस ने दिलाई, तभी आप CM और PM बन सके’: ‘वंदे मातरम्’ और देशभक्ति विवाद पर BJP पर बरसे मल्लिकार्जुन खरगे, स्वतंत्रता संग्राम के योगदान पर पूछा सीधा सवाल

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। देश में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रवाद को लेकर चल रही तीखी राजनीतिक बयानबाजी के बीच कांग्रेस अध्यक्ष ने सत्ताधारी दल को इतिहास का आईना दिखाया है।

खरगे ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश को विदेशी हुकूमत से आजादी कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ताओं, सेनानियों और शीर्ष नेताओं के ऐतिहासिक संघर्ष व बलिदानों की बदौलत मिली है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी ने देश को स्वतंत्र न कराया होता और लोकतंत्र की मजबूत नींव न रखी होती, तो आज भाजपा के नेता राज्यों में मुख्यमंत्री और केंद्र में प्रधानमंत्री के संवैधानिक पदों तक कभी नहीं पहुंच पाते।

‘वंदे मातरम्’ विवाद पर तीखा पलटवार: देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने वालों को घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष का यह कड़ा बयान हाल ही में ‘वंदे मातरम्’ के गायन और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े राजनीतिक विवादों के बाद सामने आया है। भाजपा नेताओं द्वारा विपक्ष पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए खरगे ने कहा कि भाजपा का यह दावा पूरी तरह हास्यास्पद और विभाजनकारी है कि जो कोई उनके तय किए तरीके से ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाता, वह देशद्रोही है।

खरगे ने पलटवार करते हुए कहा कि असल में जो लोग आज दूसरों की देशभक्ति पर सवाल उठा रहे हैं, उनका स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान ही नहीं था। उन्होंने कहा कि जो दल और विचारधारा ब्रिटिश हुकूमत के दौर में गुलामी के साथ समझौता करने में लगी थी, उसे उन लोगों को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है जिन्होंने देश की अखंडता और आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए और जेलों में यातनाएं सहीं।

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर सवाल: ‘अंग्रेजों के साथ कौन था, इतिहास सब जानता है’

मल्लिकार्जुन खरगे ने स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का विस्तार से उल्लेख करते हुए भाजपा और संघ परिवार से सीधा सवाल पूछा कि अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी गई जंग में उनके कितने नेताओं ने शहादत दी। खरगे ने कहा कि महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसी महान विभूतियों ने कांग्रेस के नेतृत्व में संघर्ष करके देश को लोकतांत्रिक संविधान और स्वतंत्रता का उपहार दिया।

खरगे ने कहा कि जब देश के स्वतंत्रता सेनानी अंग्रेजों की लाठियां और गोलियां खा रहे थे, तब कुछ संगठन अंग्रेजों के साथ खड़े होकर आंदोलन से दूरी बनाए हुए थे। उन्होंने कहा कि आज वही लोग सत्ता के अहंकार में चूर होकर स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत वाली पार्टी पर उंगली उठाने का दुस्साहस कर रहे हैं।

सोनिया गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर हमलों का दिया करारा जवाब

भाजपा द्वारा कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर लगातार किए जा रहे हमलों पर भी खरगे ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि गांधी-नेहरू परिवार ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए अपने परिवार के दो-दो प्रधानमंत्रियों (इंदिरा गांधी और राजीव गांधी) का सर्वोच्च बलिदान दिया है।

खरगे ने कहा कि जिस परिवार का इतिहास देश के लिए खून बहाने का रहा हो, उस पर वो लोग सवाल उठा रहे हैं जिन्होंने देश निर्माण के लिए एक खरोंच तक नहीं खाई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जब भी महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता, सीमाई सुरक्षा और प्रशासनिक विफलताओं पर घिरती है, तो वह जनता का ध्यान भटकाने के लिए गांधी परिवार और ‘देशभक्ति बनाम देशद्रोह’ की बनावटी बहस छेड़ देती है।

संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र की रक्षा की अपील

खरगे ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, स्वायत्त संस्थाओं और संविधान पर मंडरा रहे खतरों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने केवल आजादी ही नहीं दिलाई, बल्कि देश को एक ऐसा संविधान दिया जिसने हर नागरिक को बराबरी का अधिकार और वोट की ताकत दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जांच एजेंसियों (ED, CBI, IT) का दुरुपयोग करके विपक्ष की आवाज को दबाने और चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने का काम कर रही है। खरगे ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और सवाल पूछना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन सत्ता पक्ष हर सवाल उठाने वाले को देशविरोधी घोषित करने की खतरनाक परिपाटी चला रहा है। उन्होंने देश के युवाओं और आम नागरिकों से अपील की कि वे संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हों।

संसद से सड़क तक आक्रामक कांग्रेस: राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ा सियासी तापमान

कांग्रेस अध्यक्ष के इस आक्रामक रुख से स्पष्ट है कि विपक्षी दल अब भाजपा के ‘राष्ट्रवाद’ के नैरेटिव पर रक्षात्मक रहने के बजाय सीधे और आक्रामक तरीके से मुकाबला करने की रणनीति पर काम कर रहा है। खरगे का यह बयान संसद के आगामी सत्रों और विभिन्न राज्यों के आगामी राजनीतिक सम्मेलनों में विपक्ष के मुख्य एजेंडे का हिस्सा बनने जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा आजादी की लड़ाई, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और भाजपा के वैचारिक इतिहास को सीधे तौर पर आमने-सामने खड़ा करने से आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख राष्ट्रीय दलों के बीच जुबानी जंग और अधिक तेज होने वाली है। कांग्रेस अब स्वतंत्रता संग्राम की अपनी ऐतिहासिक विरासत को आक्रामकता से आगे रखकर सत्तापक्ष के राष्ट्रवाद के दावों को खुली चुनौती दे रही है।

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