
विश्व क्रिकेट के इतिहास में जब भी नई लाल गेंद से हवा में लहराती रफ्तार, घातक इन-स्विंग और यॉर्कर की बात होगी, तो ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के तूफानी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगा। 36 वर्षीय मिचेल स्टार्क ने शनिवार को मकाय के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में एक ऐसा विश्व कीर्तिमान अपने नाम कर लिया, जो अब तक इंग्लैंड के महानतम स्विंग गेंदबाज जेम्स एंडरसन के नाम दर्ज था। मैच शुरू होते ही पहली ही गेंद पर विकेट झटकने के साथ स्टार्क टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में किसी भी टेस्ट पारी के पहले ही ओवर (1st Over) में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज बन गए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ स्टार्क ने साबित कर दिया है कि नई गेंद से पहली छह गेंदों के भीतर बल्लेबाज के लिए उनसे ज्यादा खतरनाक गेंदबाज पूरी दुनिया में कोई दूसरा नहीं है।
जेम्स एंडरसन का महारिकॉर्ड ध्वस्त: टेस्ट के पहले ओवर में स्टार्क का एकछत्र राज
टेस्ट क्रिकेट में पारी की पहली छह गेंदों पर विकेट निकालना किसी भी गेंदबाज के लिए सबसे कठिन कला मानी जाती है, क्योंकि इस समय बल्लेबाज पूरी तरह तरोताजा और सतर्क होता है। इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन ने अपने 188 टेस्ट मैचों के लंबे करियर में टेस्ट पारियों के पहले ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने का सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया था।
लेकिन मिचेल स्टार्क ने मकाय टेस्ट की पहली ही डिलीवरी पर बांग्लादेशी ओपनर शादमान इस्लाम को आउट कर एंडरसन के इस जादुई आंकड़े को पीछे छोड़ दिया। स्टार्क के नाम अब टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहले ओवर के भीतर सर्वाधिक विकेट लेने का अविश्वसनीय विश्व रिकॉर्ड दर्ज हो चुका है। जहां एंडरसन अपनी स्विंग और सीम मूवमेंट से बल्लेबाजों को छकाते थे, वहीं स्टार्क 145 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति और बाएं हाथ के कोण से अंदर आती इन-स्विंग से बल्लेबाजों को पहले ओवर में ही घुटने टेकने पर मजबूर कर देते हैं।
मैच की पहली ही गेंद पर 4 बार शिकार: टेस्ट इतिहास का सबसे दुर्लभ कीर्तिमान
पहले ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने के साथ-साथ मिचेल स्टार्क ने एक और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे क्रिकेट जगत में शायद ही कोई दोहरा पाए। स्टार्क टेस्ट मैच की बिल्कुल पहली ही गेंद (First Ball of the Match) पर विकेट हासिल करने वाले दुनिया के इकलौते गेंदबाज बन गए हैं, जिन्होंने यह करिश्मा चार अलग-अलग मौकों पर अंजाम दिया है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज पेड्रो कॉलिन्स (3 बार) के नाम दर्ज था। स्टार्क ने सबसे पहले साल 2016 में गॉल टेस्ट में श्रीलंका के दिमुथ करुणारत्ने को मैच की पहली गेंद पर आउट किया था। इसके बाद 2021 की एशेज सीरीज के गाबा टेस्ट में इंग्लैंड के रोरी बर्न्स को पहली ही गेंद पर बोल्ड कर क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी थी। साल 2024 में भारत के खिलाफ और अब 2026 में बांग्लादेश के खिलाफ शादमान इस्लाम को पहली गेंद पर आउट कर स्टार्क ने यह ऐतिहासिक ‘चौका’ जड़ दिया है।
डेल स्टेन को पछाड़ा: ऑल-टाइम टॉप-10 टेस्ट गेंदबाजों में बनाई जगह
मकाय टेस्ट का यह दिन मिचेल स्टार्क के लिए दोहरे जश्न का मौका लेकर आया। मैच में 6 विकेट चटकाने के दौरान जैसे ही उन्होंने अपना पांचवां विकेट हासिल किया, उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के सर्वकालिक महानतम तेज गेंदबाज डेल स्टेन के 439 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
स्टार्क के टेस्ट करियर में अब 440 से अधिक विकेट दर्ज हो चुके हैं। इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की ऑल-टाइम टॉप-10 सूची में 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। फास्ट बॉलर्स की बात करें तो स्टार्क अब केवल जेम्स एंडरसन (704), स्टुअर्ट ब्रॉड (604), ग्लेन मैक्ग्रा (563) और कर्टनी वॉल्श (519) से पीछे हैं। ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट इतिहास में शेन वॉर्न, ग्लेन मैक्ग्रा और नाथन लायन के बाद 440+ विकेट लेने वाले वह चौथे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बन गए हैं। इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के रविचंद्रन अश्विन के 765 कुल अंतरराष्ट्रीय विकेटों के आंकड़े को भी पार कर लिया है।
मकाय टेस्ट में 42 मिनट का खूनी स्पेल: 22 गेंदों में बांग्लादेश की आधी टीम ढेर
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर हरी और उछाल भरी पिच पर पहले गेंदबाजी चुनी थी और स्टार्क ने इस फैसले को कुछ ही मिनटों में सही साबित कर दिया। पहली ही गेंद पर शादमान इस्लाम को आउट करने के बाद स्टार्क रुके नहीं। उन्होंने अपने अगले ही ओवर में तंजीद हसन तमीम और कप्तान नजमुल हुसैन शांतो को लगातार दो गेंदों पर पवेलियन भेज दिया।
इसके बाद मोमिनुल हक और विकेटकीपर बल्लेबाज लिटन दास को भी स्टार्क ने सस्ते में निपटा दिया। स्टार्क ने महज 42 मिनट के खेल और सिर्फ 22 गेंदों के भीतर बांग्लादेश के 5 प्रमुख बल्लेबाजों को आउट कर दिया, जिनमें से 4 बल्लेबाज बिना खाता खोले डक (0) पर आउट हुए। 22 गेंदों में 5 विकेट लेना टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज ‘फाइव-विकेट हॉल्स’ में शुमार हो गया है। स्टार्क के इस तूफानी स्पेल के दम पर पूरी बांग्लादेशी टीम पहली पारी में महज 64 रनों पर ढेर हो गई।
नई गेंद से स्टार्क की इन-स्विंग: क्यों दुनिया के बल्लेबाजों के लिए है काल?
क्रिकेट पंडितों और विश्लेषकों का मानना है कि मिचेल स्टार्क की सफलता का सबसे बड़ा राज उनका एक्शन, लंबाई और लेट इन-स्विंग है। 6 फीट 5 इंच लंबे स्टार्क जब बाएं हाथ से ओवर द विकेट आते हैं, तो दाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए गेंद हवा में बाहर की तरफ निकलती हुई नजर आती है, लेकिन पिच पर पड़ते ही बिजली की गति से अंदर की ओर कांटा बदलती है।
जब गेंद नई और चमकदार होती है, तो स्टार्क की रफ्तार 145 से 148 किमी प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। इतनी तेज गति से अंदर आती यॉर्कर और फुल-लेंथ गेंदों को खेलना किसी भी सलामी बल्लेबाज के लिए तकनीकी रूप से सबसे कठिन काम होता है। बल्लेबाज जब तक क्रीज पर अपनी आंखें जमा पाता है, स्टार्क की गेंद या तो उसके पैड पर टकरा जाती है या फिर स्टंप्स उखाड़ देती है। यही आक्रामकता उन्हें टेस्ट क्रिकेट के पहले ओवर का सबसे घातक शिकारी बनाती है।
दिग्गजों की लीग में स्टार्क का अमर मुकाम
मिचेल स्टार्क ने अपने 15 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में सफेद गेंद क्रिकेट (वनडे और टी20) में दो विश्व कप (2015 और 2023) और एक टी20 वर्ल्ड कप (2021) जीतने के साथ-साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब भी जीता है। अक्सर तेज गेंदबाज अपने करियर के अंतिम पड़ाव में गति और धार खो देते हैं, लेकिन 36 साल की उम्र में भी स्टार्क की फिटनेस और विकेट लेने की भूख पहले जैसी ही नजर आ रही है।
जेम्स एंडरसन जैसे लीजेंड का रिकॉर्ड तोड़कर मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम हमेशा के लिए अमर कर लिया है। क्रिकेट इतिहास जब भी टेस्ट मैचों के सबसे विस्फोटक और विनाशकारी ओपनिंग स्पेल की समीक्षा करेगा, तो मिचेल स्टार्क की यह रफ्तार और उनके पहले ओवर के जादुई आंकड़े दुनिया भर के तेज गेंदबाजों के लिए एक ऐसा बेंचमार्क बने रहेंगे, जिसे छू पाना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहद कठिन चुनौती साबित होगा।
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