आज का पंचांग 20 अगस्त: गुरुवार को पूजा-पाठ के लिए बन रहे हैं ये खास शुभ और अशुभ मुहूर्त, जानिए पूरी समय सारणी

सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य, धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, नए व्यापार की शुरुआत या महत्वपूर्ण यात्रा से पहले दैनिक पंचांग का अवलोकन करना अत्यंत अनिवार्य माना गया है। पंचांग के पांच मुख्य अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हमें दिन की ऊर्जा और ग्रहीय स्थिति की सटीक जानकारी देते हैं। आज 20 अगस्त, गुरुवार का दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए अत्यंत पावन और फलदायी माना जाता है। गुरुवार के दिन शुभ मुहूर्तों में किए गए पूजन और मांगलिक कार्यों से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और ज्ञान का विस्तार होता है।

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, दिनभर में कई ऐसे कालखंड आते हैं जो सकारात्मक ऊर्जा से भरे होते हैं, जिन्हें शुभ मुहूर्त कहा जाता है। वहीं कुछ समय ऐसा भी होता है जिसमें किसी भी प्रकार का नया या मांगलिक कार्य करने की शास्त्र सम्मत मनाही होती है, जिसे अशुभ मुहूर्त (जैसे राहुकाल) कहा जाता है। आइए जानते हैं आज 20 अगस्त का संपूर्ण और विस्तृत पंचांग।

20 अगस्त: तिथि, नक्षत्र और पंचांग के मुख्य घटक

  • वार: गुरुवार (बृहस्पतिवार)

  • माह: श्रावण / भाद्रपद (पंचांग भेद अनुसार)

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष

  • तिथि: अष्टमी तिथि

  • नक्षत्र: अनुराधा नक्षत्र (उपरांत ज्येष्ठा नक्षत्र)

  • योग: ऐंद्र योग / वैधृति योग

  • करण: विष्टि (भद्रा) / बव करण

  • सूर्य राशि: सिंह राशि

  • चंद्र राशि: वृश्चिक राशि

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय

  • सूर्योदय: प्रातः 05:53 AM

  • सूर्यास्त: सायं 06:55 PM

  • चंद्रोदय: दोपहर 12:45 PM

  • चंद्रास्त: रात्रि 11:30 PM

आज के अत्यंत शुभ मुहूर्त: पूजा और नए कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय

शुभ मुहूर्त में किए गए धार्मिक और सांसारिक कार्य बिना किसी बाधा के निर्विघ्न संपन्न होते हैं और उनका पूर्ण शुभ फल प्राप्त होता है।

  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:25 AM से 05:09 AM तक (यह समय ध्यान, जप और ईश्वर वंदना के लिए सर्वश्रेष्ठ है)

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:58 AM से 12:50 PM तक (दिन का सबसे शक्तिशाली और मंगलकारी मुहूर्त, जिसमें कोई भी शुभ कार्य शुरू किया जा सकता है)

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:34 PM से 03:26 PM तक

  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:53 PM से 07:15 PM तक (संध्या पूजन और आरती के लिए उत्तम)

  • अमृत काल: रात्रि के समय शुभ अनुष्ठानों के लिए अनुकूल

आज के अशुभ मुहूर्त: इन समयों में नए व मांगलिक कार्यों से बचें

अशुभ काल में शुरू किए गए कार्यों में विघ्न-बाधाएं आने की संभावना रहती है, इसलिए इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

  • राहुकाल: दोपहर 01:50 PM से 03:30 PM तक (इस समय किसी भी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत या लेन-देन से बचें)

  • यमगण्ड: प्रातः 05:53 AM से 07:30 AM तक

  • गुलिक काल: प्रातः 09:08 AM से 10:45 AM तक

  • दुर्मुहूर्त: प्रातः 10:14 AM से 11:06 AM एवं दोपहर 03:26 PM से 04:18 PM तक

  • दिशाशूल: दक्षिण दिशा (यदि दक्षिण दिशा में यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले दही या जीरा खाकर और भगवान विष्णु का स्मरण करके ही प्रस्थान करें)

गुरुवार के विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय उपाय

आज गुरुवार के दिन प्रातः स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण कर भगवान सत्यनारायण या श्रीहरि विष्णु को पीले पुष्प, केला, बेसन के लड्डू और हल्दी मिश्रित चंदन अर्पित करें। इसके साथ ही ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ अथवा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जप करें। आज के दिन गाय को चने की दाल और गुड़ खिलाने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और करियर, शिक्षा व दांपत्य जीवन में अपार सफलता प्राप्त होती है।

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