
गाजा पट्टी में युद्धविराम और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीस प्लान (20-पॉइंट रोडमैप) को पटरी पर लाने के लिए अमेरिका द्वारा चला गया कूटनीतिक दांव फिलहाल पूरी तरह बेअसर साबित होता दिख रहा है। अमेरिकी विशेष दूत और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर (Jared Kushner) के हालिया दौरे के तुरंत बाद इजरायल ने गाजा में अपनी सैन्य कार्रवाई और एयरस्ट्राइक्स को और तेज कर दिया है। कुशनर ने पहले मिस्र में हमास के शीर्ष नेतृत्व से वार्ता की और फिर तेल अवीव में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के साथ लंबी बैठक की, लेकिन इस उच्चस्तरीय बातचीत के बावजूद जमीनी हालात पर कोई सकारात्मक असर नहीं पड़ा है।
कुशनर के इजरायल से रवाना होने के महज कुछ ही घंटों के भीतर इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने गाजा में हमास कमांडरों को निशाना बनाते हुए भीषण हवाई हमले किए, जिसमें बच्चों और बुजुर्गों सहित कई नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि हुई है।
कुशनर और नेतन्याहू के बीच इन मुद्दों पर गहराया टकराव
बैठक में मौजूद अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी दूत कुशनर और इजरायली पीएम नेतन्याहू के बीच गाजा में जारी हमलों को लेकर तीखी असहमति देखने को मिली:
-
टारगेटेड स्ट्राइक्स और हमलों पर अड़ियल रुख: नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया कि 7 अक्टूबर के हमलों में शामिल आतंकियों के खिलाफ इजरायल का विशेष सैन्य अभियान जारी रहेगा और इजरायल किसी भी दबाव में अपनी सेना की कार्रवाई को सीमित नहीं करेगा। वहीं, अमेरिका नियंत्रित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने नागरिकों की लगातार हो रही मौतों पर गहरी चिंता जताई।
-
पूर्ण निरस्त्रीकरण तक सेना हटाने से इनकार: इजरायल ने साफ कहा है कि जब तक हमास अपने सभी हथियार पूरी तरह नहीं सौंप देता और सुरंगे नष्ट नहीं कर दी जातीं, तब तक इजरायल गाजा के किसी भी हिस्से से पीछे नहीं हटेगा और न ही वहां पुनर्निर्माण कार्य शुरू होने देगा।
-
नई फिलिस्तीनी पुलिस फोर्स की ट्रेनिंग पर रोक: कुशनर ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि नेतन्याहू गाजा की नई सिविल पुलिस को मिस्र में ट्रेनिंग के लिए जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं, जिससे सत्ता हस्तांतरण और शांति योजना में भारी रुकावट आ रही है।
हमास की शर्तें और कूटनीतिक गतिरोध
दूसरी ओर, हमास ने मिस्र में कुशनर के साथ बैठक के दौरान कहा कि वह निरस्त्रीकरण के रोडमैप पर तभी आगे बढ़ेगा जब इजरायल अपनी सेना को तय सीमा रेखा (येलो लाइन) से पीछे हटाए और हमलों पर पूरी तरह रोक लगाए।
दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर अड़े रहने के कारण अमेरिका की मध्यस्थता फिलहाल किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। क्षेत्र में जारी तनाव और कूटनीतिक गतिरोध के राजनीतिक विश्लेषण को पर पढ़ा जा सकता है, जो दोनों देशों के बीच उपजे मतभेदों को रेखांकित करती है।
The News 11 – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया