
भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कप्तानी का दायित्व संभालना हमेशा से एक बड़ी चुनौती और सम्मान की बात रही है। टीम इंडिया ने सी.के. नायडू, मंसूर अली खान पटौदी, कपिल देव, सौरव गांगुली, एमएस धोनी और विराट कोहली जैसे कई महान कप्तानों का दौर देखा है। हालांकि, जब अपने शुरुआती 10 टेस्ट मैचों में जीत के प्रतिशत और सफल शुरुआत की बात आती है, तो आंकड़े बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली तस्वीर पेश करते हैं।
हालिया आंकड़ों के विश्लेषण में यह सामने आया है कि टेस्ट कप्तानी के शुरुआती 10 मुकाबलों में सबसे ज्यादा मैच जीतने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम नहीं, बल्कि भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी के नाम दर्ज है। वहीं, युवा सनसनी शुभमन गिल ने अपने शुरुआती टेस्ट मुकाबलों में बेहतरीन कप्तानी का मुजाहिरा करते हुए इस खास और प्रतिष्ठित सूची में सीधे टॉप-2 में अपनी जगह बना ली है।
महेंद्र सिंह धोनी का अटूट रिकॉर्ड: शुरुआती 10 टेस्ट में मिली थी बेमिसाल सफलता
एमएस धोनी जब टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के पूर्णकालिक कप्तान बने थे, तब उन्होंने टीम को एक नई आक्रामकता और संयम दिया था। धोनी ने अपने कप्तानी करियर के शुरुआती 10 टेस्ट मैचों में से 8 मुकाबलों में भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाई थी, जबकि शेष 2 मैच ड्रॉ रहे थे।
शुरुआती 10 टेस्ट मैचों में बिना कोई मुकाबला गंवाए 80% जीत का यह रिकॉर्ड आज भी भारतीय टेस्ट इतिहास में एक बेजोड़ कीर्तिमान बना हुआ है। धोनी की कप्तानी में ही भारत पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 की कुर्सी पर पहुंचा था और उनकी यह शानदार शुरुआत उसी स्वर्णिम दौर की नींव थी।
शुभमन गिल ने टॉप-2 में मारी एंट्री: दिग्गजों को छोड़ा पीछे
भारतीय क्रिकेट के नए युग में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे युवा स्टार शुभमन गिल ने टेस्ट कप्तानी की शुरुआत में ही सबको हैरान कर दिया है। गिल ने अपने पहले 10 टेस्ट मैचों के दौरान जिस परिपक्वता, आक्रामक फील्ड प्लेसमेंट और गेंदबाजों के सटीक इस्तेमाल का परिचय दिया, उसने उन्हें जीत के मामले में सीधे दूसरे पायदान पर ला खड़ा किया है।
गिल ने अपने शुरुआती 10 टेस्ट मैचों में से 7 मुकाबलों में भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई है। इस जबरदस्त प्रदर्शन के साथ उन्होंने सौरव गांगुली, मोहम्मद अजहरुद्दीन और यहां तक कि विराट कोहली जैसे पूर्व दिग्गज कप्तानों के शुरुआती 10 टेस्ट के रिकॉर्ड्स को भी पीछे छोड़ दिया है। गिल की यह शुरुआत दिखाती है कि वे भारतीय टेस्ट कप्तानी के लंबे और सफल भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
विराट कोहली और सौरव गांगुली का शुरुआती टेस्ट कप्तानी का सफर
टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे सफलतम कप्तान माने जाने वाले विराट कोहली ने ओवरऑल रिकॉर्ड में 40 टेस्ट मैच जरूर जीते, लेकिन अपने कप्तानी करियर के शुरुआती 10 टेस्ट मैचों में उन्हें कई कठिन चुनौतियों और बदलाव के दौर का सामना करना पड़ा था। शुरुआती 10 टेस्ट मैचों में कोहली को जीत के साथ-साथ ड्रॉ और करीबी हार का भी सामना करना पड़ा था, जिसके चलते वे इस विशिष्ट शुरुआती सूची में शीर्ष स्थान हासिल नहीं कर पाए थे।
वहीं, भारतीय क्रिकेट का चेहरा बदलने वाले सौरव गांगुली और मैच विनर कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भी अपने शुरुआती दौर में कई अहम मुकाबले जीते थे, लेकिन धोनी और गिल की जीत का स्ट्राइक रेट शुरुआती 10 मैचों के पैमाने पर सबसे आगे निकल चुका है।
पहले 10 टेस्ट में सबसे सफल भारतीय कप्तानों के आंकड़े
भारतीय टेस्ट इतिहास में अपने शुरुआती 10 मैचों में सर्वाधिक जीत हासिल करने वाले कप्तानों की स्थिति इस प्रकार है:
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महेंद्र सिंह धोनी: 10 टेस्ट – 8 जीत (0 हार, 2 ड्रॉ)
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शुभमन गिल: 10 टेस्ट – 7 जीत
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विराट कोहली / सौरव गांगुली: शुरुआती मुकाबलों में निरंतर सुधार के साथ मजबूत टीम की नींव रखी।
भविष्य की टेस्ट कप्तानी के लिए शुभमन गिल का मजबूत आधार
शुभमन गिल का यह शुरुआती रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और चयनकर्ताओं के उस फैसले पर मुहर लगाता है जिसमें उन्हें भविष्य का दीर्घकालिक कप्तान माना गया था। दबाव के क्षणों में सही बॉलिंग चेंज करना और अपनी व्यक्तिगत बल्लेबाजी फॉर्म को कप्तानी के दबाव से अप्रभावित रखना गिल की सबसे बड़ी यूएसपी साबित हुई है।
आने वाले समय में जब भारतीय टीम को विदेशी धरती पर कड़े टेस्ट दौरों और आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की चुनौतियों से निपटना होगा, तब गिल का यह जीत का आत्मविश्वास और रणनीतिक कौशल टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है।
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