लखनऊ में सहारा शहर की 245 एकड़ जमीन पर बनेगा नया भव्य विधान भवन! कमल के फूल जैसा होगा अलौकिक डिजाइन, जानें प्रोजेक्ट की बड़ी बातें

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को जल्द ही एक नया प्रशासनिक और वास्तुकला संबंधी लैंडमार्क मिलने जा रहा है। गोमतीनगर के विपुलखंड स्थित सहारा शहर (Sahara City) की करीब 245 एकड़ भूमि पर प्रदेश के नए विधान भवन परिसर का निर्माण कराया जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार और नोडल एजेंसी बनाए गए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए मास्टर प्लान और मॉडल को मंजूरी दे दी है। करीब 5,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाला यह वर्ल्ड-क्लास लेजिस्लेटिव कैंपस न केवल राज्य की बढ़ती विधायी जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक का एक बेजोड़ संगम भी होगा।

खास होगा डिजाइन: ऊपर से देखने पर दिखेगी ‘कमल की पंखुड़ी’

नए विधान भवन की सबसे बड़ी खासियत इसका वास्तुकला (Architectural Design) मॉडल है। देश-विदेश की प्रसिद्ध कंसल्टेंट कंपनियों द्वारा प्रस्तुत किए गए 48 डिजाइनों में से राज्य सरकार ने ‘कमल के फूल’ (Lotus Shape) से प्रेरित मॉडल को फाइनल किया है।

  • कमल की पंखुड़ियों जैसी बनावट: इमारत को ऊपर (Aerial View) से देखने पर मुख्य विधानसभा भवन कमल की पंखुड़ियों की तरह दिखाई देगा। कमल को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और समृद्धि का प्रतीक माना गया है।

  • सेंट्रल हॉल व विंग्स: बीच में विधानसभा का मुख्य सभागार होगा। इसके चारों ओर पंखुड़ियों के रूप में अलग-अलग विंग्स बनाई जाएंगी, जिनमें डिजिटल मीटिंग हॉल, आधुनिक पुस्तकालय, शोध केंद्र और प्रशासनिक कार्यालय स्थित होंगे।

  • पर्यावरण अनुकूल परिसर: नया विधान भवन पूरी तरह से ग्रीन बिल्डिंग (Green Building) सिद्धांतों पर आधारित होगा। परिसर में सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और विशाल हरित क्षेत्र (Green Belt) का विकास किया जाएगा।

क्या-क्या होंगी नए परिसर में सुविधाएं? (क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर)

भविष्य में परिसीमन (Delimitation) के बाद विधायकों की संख्या में होने वाले विस्तार को ध्यान में रखते हुए इस नए विधान भवन को अत्यधिक विशाल और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया जा रहा है:

  1. 700 सीटों वाली नई विधानसभा: मुख्य सदन में 700 विधायकों के एक साथ बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा प्रत्येक जिले के प्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग चर्चा कक्ष भी प्रस्तावित हैं।

  2. 200 सीटों वाली विधान परिषद: उच्च सदन (विधान परिषद) के लिए 200 सदस्यों की क्षमता वाला आधुनिक हॉल तैयार किया जाएगा।

  3. 1,000 सीटों वाला जॉइंट सेशन हॉल: दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Session) और विशेष राज्य आयोजनों के लिए 1,000 सदस्यों की क्षमता वाला एक विशाल सेंट्रल हॉल बनाया जाएगा।

  4. एकीकृत प्रशासनिक ब्लॉक: 200 एकड़ में फैले मुख्य कैंपस में आधुनिक सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास/कार्यालय, वीवीआईपी एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक और विधायकों के लिए अत्याधुनिक हॉस्टल शामिल होंगे।

  5. विशाल पार्किंग: परिसर के भीतर ही 5,000 से अधिक वाहनों के लिए मल्टी-लेवल और अंडरग्राउंड पार्किंग की व्यवस्था होगी।

क्यों पड़ी नए विधान भवन की जरूरत?

वर्तमान में हजरतगंज स्थित उत्तर प्रदेश का विधान भवन 102 साल से अधिक पुराना (1928 में निर्मित) हो चुका है।

  • ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या: विधानसभा सत्र के दौरान या वीवीआईपी मूवमेंट के समय हजरतगंज और आसपास के मुख्य मार्गों को बंद करना पड़ता है, जिससे पूरे मध्य लखनऊ में भीषण जाम लग जाता है। गोमती नगर स्थित सहारा शहर में नया कैंपस बनने से शहर का ट्रैफिक लोड काफी कम हो जाएगा।

  • जगह की कमी और सुरक्षा: 100 साल पुरानी इमारत में आधुनिक डिजिटल तकनीक, सुरक्षा उपकरण और जनप्रतिनिधियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है।

कब से शुरू होगा निर्माण कार्य?

एलडीए (LDA) और राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), तकनीकी स्वीकृतियां और भूमि से जुड़ी शुरुआती प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

नए विधान भवन का जमीनी निर्माण कार्य वर्ष 2027 में शुरू होने की संभावना है, जिसे अगले 2 से 3 वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह नया विधान भवन उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा।

Check Also

‘अमित शाह तैयार, राहुल भागना नहीं…’: संसद में हंगामे के बीच CM योगी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा तीखा निशाना

संसद के सत्र के दौरान दिल्ली में छात्रों के आंदोलन और अन्य मुद्दों को लेकर …