Tag Archives: बेजुबान का दर्द

सैलाब में आशियाना बहा, उजड़ गया आंगन… फिर भी मलबे के ढेर पर डटा है वफादार कुत्ता

कुदरत के कहर के आगे इंसान की बनाई इमारतें, मजबूत दीवारें और बरसों के संजोए सपने ताश के पत्तों की तरह ढह जाते हैं, लेकिन जो चीज किसी भी सैलाब में नहीं बहती, वह है एक बेजुबान का अपने मालिक के प्रति अटूट प्रेम और निष्ठा। हाल ही में आई भीषण मानसूनी तबाही, उफनती नदियों के सैलाब और दरकते पहाड़ों …

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