अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी पर भड़के CM देवेंद्र फडणवीस, बताया ‘भारत जोड़ो’ के 180 NGO और अर्बन नक्सलियों से गहरा कनेक्शन

महाराष्ट्र की राजनीति और देश के समकालीन युवा आंदोलनों के बीच एक नया और बड़ा सियासी संग्राम छिड़ गया है। सोशल मीडिया से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर अचानक सुर्खियों में आई अभिजीत दीपके की ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) पर अब सत्ता के शीर्ष गलियारों से सीधा हमला बोला गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में एक सनसनीखेज बयान देते हुए सीजेपी को कोई स्वतंत्र या निष्पक्ष युवा संगठन मानने से साफ इनकार कर दिया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सीधा दावा किया कि ‘CJP’ का वास्तविक अर्थ ‘कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम’ है और इसके पीछे पर्दे के पीछे से वही लोग और संस्थाएं काम कर रही हैं जो लंबे समय से कांग्रेस के लिए नैरेटिव और चुनावी माहौल बनाने का काम करते रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस आक्रामक बयान के बाद महाराष्ट्र से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।

सीजेपी का मतलब ‘कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम’: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का अभिजीत दीपके पर सीधा वार

पुणे में बीजेपी के शीर्ष नेताओं, मंत्रियों और राज्य भर से जुटे पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी दलों और हालिया युवा आंदोलनों की कार्यप्रणाली का विस्तृत विश्लेषण पेश किया। फडणवीस ने साफ शब्दों में कहा कि आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि कॉकरोच जनता पार्टी महज 4-5 नौजवानों द्वारा अचानक शुरू किया गया कोई स्वतःस्फूर्त या मासूम संगठन है। उन्होंने कहा कि आगे दिखने वाले चेहरे सिर्फ मोहरे हैं, जबकि इस पूरे ढांचे को कांग्रेस और उसके सहयोगी रणनीतिकारों द्वारा खड़ा किया गया है ताकि सरकार के खिलाफ युवाओं में अंसतोष और नकारात्मकता का माहौल बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस जैसी पारंपरिक पार्टियां सीधे तौर पर वैचारिक या प्रशासनिक स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के सुशासन और विकास कार्यों का मुकाबला नहीं कर पातीं, तो वे ऐसे परोक्ष (प्रॉक्सी) संगठनों का सहारा लेती हैं। जब कांग्रेस के नेता सीधे सवाल पूछते हैं, तो जनता उनसे उनके 50-60 वर्षों के शासनकाल, घोटालों और विभिन्न राज्यों में पेपर लीक की विफलताओं पर हिसाब मांगती है। इस जवाबदेही से बचने के लिए उन्होंने युवाओं और गैर-राजनीतिक दिखने वाले मुखौटों को आगे कर दिया है, ताकि सरकार पर अनर्गल आरोप मढ़े जा सकें और खुद पर कोई आंच न आए।

‘भारत जोड़ो’ वाले 180 एनजीओ और अर्बन नक्सल कनेक्शन: फडणवीस का बड़ा दावा

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण में कॉकरोच जनता पार्टी के तार सीधे तौर पर उन गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) से जोड़े जो लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के ‘भारत जोड़ो अभियान’ का सक्रिय हिस्सा थे। फडणवीस ने खुलासा करते हुए कहा कि सीजेपी की आंतरिक बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं में कौन शामिल हो रहा है, इस पर बारीक नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि इसमें करीब 180 ऐसे एनजीओ और संस्थाओं के लोग जुड़े हुए हैं, जो हर कुछ महीनों में अपना नाम और बैनर बदलकर नए अवतार में सामने आ जाते हैं।

फडणवीस ने विधानसभा में दिए अपने पुराने बयानों का संदर्भ देते हुए कहा कि इनमें से अधिकांश संस्थाएं वही हैं जिन्हें पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के दौर में ही आंतरिक सुरक्षा रिपोर्टों में ‘अर्बन नक्सल’ के तौर पर चिह्नित किया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्थाओं की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि उन पर किसी तरह की लोकतांत्रिक या चुनावी जवाबदेही नहीं होती। उन्हें न तो चुनाव लड़ना होता है और न ही जनता के बीच वोट मांगने जाना पड़ता है। कांग्रेस ने इन सभी बिखरे हुए तंत्रों को एकजुट करके एक ‘फेक नैरेटिव फैक्ट्री’ तैयार की है, जिसका एकमात्र काम सिर्फ और सिर्फ भ्रामक सूचनाएं फैलाना और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना है।

डिजिटल नैरेटिव और 40 सेकंड का वॉर: बीजेपी कार्यकर्ताओं को सीएम की दो टूक नसीहत

देवेंद्र फडणवीस ने अपनी ही पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी आधुनिक राजनीति की बदलती प्राथमिकताओं का आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि अब केवल पारंपरिक विचारधारा की लड़ाई नहीं रह गई है, बल्कि पूरी जंग ‘मुद्दों और डिजिटल नैरेटिव’ की हो चुकी है। फडणवीस ने रेखांकित किया कि देश की नई पीढ़ी (Gen-Z) सूचनाओं के उपभोग के लिए अखबारों या लंबे टीवी डिबेट्स पर निर्भर नहीं है, बल्कि वह अपने स्मार्टफोन पर 40 से 60 सेकंड के शॉर्ट वीडियो और रील्स के जरिए अपनी राजनीतिक धारणा बना रही है।

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज की 40 प्रतिशत से अधिक सूचनाओं का आदान-प्रदान ‘इंस्टाग्राम’ और अन्य नए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हो रहा है, जबकि हमारे 90 प्रतिशत कार्यकर्ता अभी भी फेसबुक और पुराने तौर-तरीकों में ही अटके हुए हैं। फडणवीस ने कार्यकर्ताओं से अपनी कार्यपद्धति में आमूलचूल बदलाव लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विरोधियों के पास काम दिखाने के लिए कुछ नहीं है, वे सिर्फ आधा खाली गिलास दिखाकर भ्रम पैदा करते हैं, जबकि हमारे पास गिनाने के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियां हैं। जब तक हम आधुनिक डिजिटल टूल्स, सटीक तथ्यों और तेज गति के साथ जनता तक नहीं पहुंचेंगे, तब तक इस तरह के भ्रामक डिजिटल अभियानों का प्रभावी मुकाबला करना कठिन होगा।

महिला आरक्षण और प्रियंका गांधी को लेकर कांग्रेस पर दागे तीखे सवाल

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने संसद में पारित महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) और कांग्रेस के दोहरे रवैये पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि साल 2023 में जब संसद में महिला आरक्षण बिल पेश किया गया था, तब कांग्रेस ने खुद उसके समर्थन में वोट किया था। उस कानून में स्पष्ट रूप से परिसीमन और जनगणना के बाद इसे लागू करने के प्रावधान शामिल थे। अब वही कांग्रेस पार्टी मॉनसून सत्र और सार्वजनिक मंचों पर इसके खिलाफ भ्रम फैला रही है।

फडणवीस ने सीधा सवाल पूछते हुए कहा कि क्या कांग्रेस सचमुच महिलाओं को सत्ता में भागीदारी देने की पक्षधर है? उन्होंने गांधी परिवार पर तंज कसते हुए पूछा कि कांग्रेस ने खुद पार्टी के भीतर प्रियंका गांधी वाड्रा को शीर्ष नेतृत्व और प्रमुख पदों पर उचित मौके क्यों नहीं दिए। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए सरकार 2029 तक संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को धरातल पर पूरी तरह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अभिजीत दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी का उभार: व्यंग्य से शुरू होकर जमीनी आंदोलन तक का सफर

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के मूल निवासी 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर डिग्री हासिल की है। पूर्व में आम आदमी पार्टी (AAP) की डिजिटल कम्युनिकेशन टीम के साथ काम कर चुके दीपके ने मई 2026 में सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक मंच के रूप में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की नींव रखी थी। यह नाम सर्वोच्च न्यायालय की एक विवादास्पद टिप्पणी के विरोध में गढ़ा गया था, जिसे बेरोजगार युवाओं ने अपने स्वाभिमान से जोड़ लिया।

देखते ही देखते यह ऑनलाइन मंच लाखों युवा फॉलोअर्स के साथ एक बड़े डिजिटल आंदोलन में तब्दील हो गया। इसके बाद सीजेपी ने नीट-यूजी परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। इन प्रदर्शनों के चलते अभिजीत दीपके युवाओं के बीच एक चर्चित चेहरा बनकर उभरे। हालांकि, अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों ने सीजेपी के गैर-राजनीतिक चरित्र पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में यह विवाद महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक और अधिक गहराने वाला है।

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