
देश के वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व राजदूत एचके दुआ का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से मीडिया जगत और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। लंबे समय तक पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे दुआ ने अपने विचारों और निष्पक्ष लेखनी से अलग पहचान बनाई थी। उनका अंतिम संस्कार कल दिल्ली में पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा
पत्रकारिता जगत की बड़ी क्षति
एचके दुआ भारतीय पत्रकारिता के उन चुनिंदा नामों में शामिल थे जिन्होंने दशकों तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बेबाक राय रखी। उन्होंने कई प्रतिष्ठित अखबारों में संपादकीय जिम्मेदारियां निभाईं और अपनी विश्लेषणात्मक लेखनी से पाठकों का विश्वास जीता। वे सत्ता से सवाल पूछने वाले निर्भीक पत्रकार के रूप में जाने जाते थे। मीडिया में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
राजनयिक के रूप में भी निभाई अहम भूमिका
पत्रकारिता के अलावा एचके दुआ ने देश की सेवा राजनयिक के रूप में भी की। उन्हें भारत का राजदूत नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने कूटनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सार्वजनिक जीवन में उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और गहरी समझ के लिए उन्हें व्यापक सम्मान मिला।
राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने जताया शोक
उनके निधन पर कई वरिष्ठ नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। शोक संदेशों में उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थक और स्वतंत्र पत्रकारिता का मजबूत स्तंभ बताया गया। उनके सहयोगियों का कहना है कि एचके दुआ ने हमेशा सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा बने रहे।
कल दिल्ली में अंतिम विदाई
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, एचके दुआ का अंतिम संस्कार कल दिल्ली में किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए अनेक गणमान्य व्यक्तियों के पहुंचने की संभावना है। उनके निधन से भारतीय मीडिया और सार्वजनिक जीवन में जो खालीपन आया है, उसे भर पाना आसान नहीं होगा।
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