
सावन के पवित्र महीने में उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में शिव भक्तों के लिए विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार सावन के चारों सोमवार पर देवाधिदेव महादेव चार अलग-अलग और दुर्लभ स्वरूपों में अपने भक्तों को दर्शन देंगे, वहीं रक्षाबंधन और सावन पूर्णिमा के अवसर पर बाबा का ऐतिहासिक झूला श्रृंगार किया जाएगा।
सावन के चारों सोमवार पर इन चार अलौकिक स्वरूपों में सजेंगे बाबा विश्वनाथ
धार्मिक मान्यताओं और मंदिर प्रशासन की योजना के अनुसार, इस बार सावन मास में पड़ने वाले चारों सोमवार का विशेष महत्व रहेगा। पहले सोमवार यानी 3 अगस्त 2026 को बाबा विश्वनाथ का भव्य शंकर स्वरूप फूलों से सजाया जाएगा, जिसके दर्शन सप्तऋषि आरती के बाद होंगे। इसके बाद 10 अगस्त को दूसरे सोमवार पर अद्भुत गौरी-शंकर स्वरूप, 17 अगस्त को तीसरे सोमवार पर अर्धनारीश्वर स्वरूप और सावन के चौथे सोमवार को लगभग पांच लाख रुद्राक्ष के दानों से बाबा का आलौकिक रुद्राक्ष श्रृंगार किया जाएगा, जिसका प्रसाद भक्तों में वितरित होगा।
रक्षाबंधन और सावन पूर्णिमा पर होगा विशेष झूला श्रृंगार
सावन मास के समापन और रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बाबा काशी विश्वनाथ का दरबार बेहद खास अंदाज में सजेगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि पर बाबा विश्वनाथ अपने पूरे परिवार के साथ झूले पर विराजमान होकर भक्तों को दिव्य दर्शन देंगे। इस वर्ष सावन के इन आयोजनों में देश-विदेश से आने वाले लाखों शिव भक्तों के लिए सुगम दर्शन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिससे वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा के इन दुर्लभ स्वरूपों का सीधा लाभ मिल सके।
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