सनातन संस्कृति को तबाह करने की साजिश, सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में ‘कालनेमि’ रूपी ताकतों से सावधान रहने की दी कड़ी चेतावनी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है। सीएम योगी ने देश के नागरिकों का आह्वान किया है कि वे भारत की प्रगति यात्रा में बाधा डालने वाली ताकतों और अपने ही समाज के बीच छिपे ‘कालनेमि’ जैसे षड्यंत्रकारियों से पूरी तरह सतर्क और सावधान रहें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कुछ बाहरी ताकतें और उनके इशारे पर काम करने वाले देश के भीतर ही सनातन संस्कृति और परंपरा को तबाह करने की गहरी साजिश रच रहे हैं।

समाज के भीतर छिपे ‘कालनेमि’ से रहने की जरूरत है सतर्क

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सीएम योगी ने श्रीराम कथा के विश्राम सत्र को संबोधित करते हुए रामायण कालखंड का उदाहरण दिया। उन्होंने हनुमान जी की राह रोकने वाले कपटी ‘कालनेमि’ का जिक्र करते हुए समझाया कि आज भी समाज में कई लोग ऐसी ताकतों के प्रवक्ता बने हुए हैं जो सनातन संस्कृति पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आघात कर रही हैं।

  • प्रगति से जलने वाली ताकतें: मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने तीव्र गति से प्रगति की है और देश अगले दो-तीन सालों में दुनिया की तीन शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने जा रहा है। भारत की इस रफ्तार से कई ताकतों को परेशानी हो रही है, जो देश में अस्थिरता और अशांति फैलाने की योजना बना रही हैं।

  • नक्सलवाद और छद्म रूप: उन्होंने याद दिलाया कि 12 वर्ष पूर्व देश के 120 जिलों में नक्सलवाद का आतंक था, जो आज पूरी तरह समाप्त हो चुका है। ऐसे में नक्सलवाद को बढ़ावा देने वाले अब चैन से नहीं बैठेंगे, बल्कि वे नए और छद्म रूपों में समाज को तोड़ने की कोशिश करेंगे।

सनातन की धारा और पश्चिम की संस्कृति पर प्रहार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सनातन संस्कृति की पावन धारा में हर मत और संप्रदाय को संरक्षण और सम्मान मिलता है, लेकिन कुछ लोग इसमें विष घोलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज देश में कई लोग ‘पश्चिम की हवा’ में बह चुके हैं, जो सनातन पर्वों में व्यवधान पैदा करते हैं और जेएनयू जैसी जगहों पर राक्षसी प्रवृत्तियों को महिमामंडित करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मातृशक्ति और मातृभूमि का अपमान करने वाले किसी भी सूरत में बख्शने योग्य नहीं हैं और उन्हें कठोर दंड मिलना तय है।

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