
दिमाग को तेज बनाने, याददाश्त मजबूत रखने और अल्जाइमर या डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए दुनिया भर में लाखों लोग ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं। लेकिन हाल ही में सामने आई एक नई क्लिनिकल स्टडी ने इस प्रचलित धारणा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रिसर्च के मुताबिक, केवल ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स का सेवन करने से याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता या दिमाग की कोशिकाओं को होने वाले नुकसान से कोई खास या चमत्कारी फायदा नहीं मिलता है।
क्या कहती है नई रिसर्च और इसके आंकड़े?
यह महत्वपूर्ण स्टडी 55 से 80 वर्ष की उम्र के 365 ऐसे लोगों पर की गई थी, जिनमें डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) का खतरा बढ़ाने वाले एक या उससे अधिक जोखिम कारक मौजूद थे।
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स्टडी का तरीका: इस रिसर्च के दौरान दो साल तक एक समूह के लोगों को रोजाना उच्च मात्रा में ओमेगा-3 सप्लीमेंट दिया गया, जबकि दूसरे समूह को प्लेसीबो (नकली दवा) दिया गया।
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चौंकाने वाला परिणाम: दो साल तक नियमित एमआरआई स्कैन, ब्लड टेस्ट और मानसिक क्षमता से जुड़े कई टेस्ट करने के बाद रिसर्चरों ने पाया कि सप्लीमेंट लेने वाले लोगों के शरीर और दिमाग में ओमेगा-3 का स्तर तो बढ़ गया था, लेकिन उनकी याददाश्त या कॉग्निटिव फंक्शन (सोचने-समझने की क्षमता) में कोई उल्लेखनीय सुधार देखने को नहीं मिला।
केवल सप्लीमेंट पर निर्भर रहना क्यों है गलत?
स्टडी के प्रमुख रिसर्चर डॉ. हुसैन यासीन का मानना है कि अगर दिमाग को लंबे समय तक स्वस्थ रखना है, तो केवल किसी एक सप्लीमेंट पर पूरी तरह निर्भर रहना सही नहीं है। इसके लिए संपूर्ण जीवनशैली (Lifestyle) में सुधार करना बेहद जरूरी है:
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प्राकृतिक स्रोत हैं बेहतर: फैटी फिश (जैसे सैल्मन, मैकेरल, सार्डिन), अखरोट, चिया सीड्स और अलसी (फ्लैक्स सीड्स) जैसे नेचुरल स्रोतों से मिलने वाला ओमेगा-3 शरीर के लिए अधिक असरदार माना गया है।
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समग्र लाइफस्टाइल: मेडिटेरेनियन डाइट का उदाहरण देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि वहां के लोग सिर्फ सप्लीमेंट्स पर नहीं, बल्कि मछली, मेवे और बीजों से प्राकृतिक रूप से ओमेगा-3 लेते हैं। इसके साथ ही वे नियमित शारीरिक गतिविधि, तनावमुक्त जीवन और संतुलित आहार अपनाते हैं।
क्या ओमेगा-3 शरीर के लिए जरूरी नहीं है?
ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन फॉर ईपीए एंड डीएचए ओमेगा-3 का यह भी स्पष्ट कहना है कि इस स्टडी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ओमेगा-3 हमारे शरीर के लिए जरूरी नहीं है। यह दिल की सेहत, कोशिकाओं (Cells) और मस्तिष्क के सामान्य कामकाज के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। हालांकि, अगर आपकी डाइट असंतुलित है, शारीरिक गतिविधि बिल्कुल नहीं है और लाइफस्टाइल पूरी तरह अस्वस्थ है, तो सिर्फ ओमेगा-3 कैप्सूल खाने से दिमाग तेज करने या अल्जाइमर के खतरे को टालने की उम्मीद करना बेमानी होगा।
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